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फिल्मी कहानी से कम नहीं इस सिंगर की लव स्टोरी

गजल गायक पंकज उधास आज अपना 67वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं।

DainikBhaskar.com | Last Modified - May 17, 2018, 11:33 AM IST

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    वाइफ फरीदा के साथ पंकज उधास।

    एंटरटेनमेंट डेस्क. गजल गायक पंकज उधास आज अपना 67वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं। उनका जन्म 17 मई, 1951 को जेतपुर, गुजरात में एक जमींदार परिवार में हुआ था। पंकज ने गजल की दुनिया में खूब नाम कमाया है, वहीं उनकी लव लाइफ भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। बात 70 के दशक की है। पंकज ने अपने पड़ोसी के घर में फरीदा (जो अब उनकी वाइफ हैं) को देखा था और देखते ही वे उनको दिल दे बैठे थे। पड़ोसी ने ही पंकज और फरीदा की मुलाकात करवाई थी। इस वक्त पंकज ग्रैजुएशन कर रहे थे और फरीदा एयर होस्टेस थीं। दोनों में दोस्ती हुई और मुलाकातों का दौर शुरू हो गया। कुछ ही महीनों में दोनों एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए थे। दोनों अलग-अलग धर्म के थे, लेकिन चाहते थे कि शादी फैमिली के आशीर्वाद से करें...

    - पंकज की फैमिली का रिएक्शन उनके और फरीदा के रिलेशन को लेकर पॉजिटिव था।
    - लेकिन फरीदा के पेरेंट्स को राजी नहीं थे। इसकी वजह ये थी कि उनकी पारसी कम्युनिटी में जाति से बाहर शादी करने पर पांबदी थी।
    - इस वजह से पंकज और फरीदा ने तय किया कि शादी तभी करेंगे, जब दोनों के पेरेंट्स का आशीर्वाद मिलेगा।


    'आहट' नाम से निकाला पहला एल्बम
    तीन भाइयों में पंकज सबसे छोटे हैं। उनके दोनों भाई मनहर उधास और निर्मल उधास म्यूजिक की फील्ड में थे। इसलिए पंकज का रुझान भी म्यूजिक में था। उन्होंने गजल गायिकी की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने 1980 में अपना पहला एल्बम 'आहट' नाम से निकाला। पहला एल्बम लॉन्च होते ही उन्हें बॉलीवुड से सिंगिंग के ऑफर मिलने लगे। उन्होंने 1981 में एल्बम 'तरन्नुम' और 1982 में 'महफिल' लॉन्च किया।


    आगे की स्लाइड्स में पढ़ें पंकज उधास की लाइफ से जुड़ी कुछ और बातें...

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    बेटी नायाब-रेवा और वाइफ फरीदा के साथ पंकज।

    तीन एल्बम लॉन्च होने के बाद पंकज गायिकी की दुनिया में फेमस हो गए थे। इसी दौरान उन्होंने फरीदा के फादर से मिलने की सोची। वे फरीदा के साथ उनके फादर से मिलने गए, जो रिटायर्ड पुलिस ऑफिसर थे। पंकज ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब वे फरीदा के फादर से मिलने गए तो बेहद नर्वस थे। इस मुलाकात के दौरान फरीदा के फादर ने उनसे कहा, 'यदि आप दोनों को ऐसा लगता है कि आप एक-साथ खुश रहेंगे तो आगे बढ़ें और शादी करें'। फैमिली की परमिशन के बाद पंकज और फरीदा ने 11 फरवरी, 1982 को शादी की। दोनों की दो बेटियां हैं नायाब (1986) और रेवा (1995)।

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    पंकज उधास।

    पंकज ने एक इंटरव्यू में बताया था, 'जब भी मैं किसी नए एल्बम की तैयारी करता था तो फरीदा मुझे गाइड करती थी। इसके अलावा वो मेरी सबसे बड़ी क्रिटिक भी है'। उन्होंने इंटव्यू के दौरान ये भी बताया, 'जब मैं अपना पहला एल्बम निकालने की तैयारी कर था, उस वक्त न तो मेरे पास और न ही फरीदा के पास उतने रुपए थे कि एल्बम निकाला जा सके। लेकिन अगले ही दिन फरीदा कुछ रुपए लेकर आई, ताकि मैं एल्बम निकाल सकूं। ये वो वक्त था जब हमारी शादी भी नहीं हुई थी। फरीदा ने हमेशा मेरा साथ दिया है'।

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    पंकज उधास।

    बात 1962 की है, जब चीन-भारत के बीच जंग छिड़ी हुई थी। इस दौरान एक स्टेज प्रोग्राम में पंकज उधास को गाने का मौका मिला। 11 साल के पंकज ने 'ऐ मेरे वतन के लोगों..' गाना गाया था। इस गाने के बदले इनाम के तौर पर उन्हें 51 रुपए मिले थे। उन्होंने 1996 में आई फिल्म 'नाम' में एक गजल 'चिट्ठी आई आई है...' गाकर खूब प्रसिद्धि पाई थी। उन्होंने कई फिल्मों में भी गाने गाए हैं। उन्होंने 'न कजरे की धार...' (फिल्म 'मोहरा', 1994), 'छुपाना भी नहीं आता...' (फिल्म 'बाजीगर', 1993), 'जिये तो जिये कैसे बिन आपके...' (फिल्म 'साजन', 1991), 'दिल देता है रो रो दुहाई...' (फिल्म 'फिर तेरी कहानी याद आई', 1993) सहित अन्य गानों को अपनी आवाज दी है। उन्होंने अभी तक करीब 40 एल्बम निकाले हैं।

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