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Movie Review: रजनीकांत की धमाकेदार वापसी, फिर बने गरीबों के मसीहा 'काला'

Shubha Shetty Saha | Jun 07, 2018, 06:14 PM IST

Movie Review: रजनीकांत की धमाकेदार वापसी, फिर बने गरीबों के मसीहा 'काला'
Critics Rating
  • Genre: क्राइम ड्रामा
  • Director: पीए रंजीत
  • Plot: डायरेक्टर पीए रंजीत की फिल्म 'काला' शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है।
क्रिटिक रेटिंग 3/ 5
स्टार कास्ट रजनीकांत, हुमा कुरैशी, इश्वरी राव, नाना पाटेकर
डायरेक्टर पीए रंजीत
प्रोड्यूसर धनुष
जोनर क्राइम ड्रामा
ड्यूरेशन 166 मिनट

'काला' की कहानीः फिल्म में रजनीकांत की एंट्री बेहद जबरदस्त तरीके से होती है। फिल्म में वे काला करिकालन का रोल प्ले कर रहे हैं जो कि मुंबई के धारावी स्लम का राजा है। काला तमिलनाडु से भागकर मुंबई आता है और फिर यहां का बड़ा डॉन बन जाता है। हालांकि वो गरीबों और बेसहारा लोगों के बीच काफी पॉपुलर है और उनकी मदद करता है। काला की दुनिया अलग है। यहां अपनी मर्जी से आ तो सकते हैं लेकिन वापस काला की मर्जी से ही जा सकते हैं। इसी बीच फिल्म में ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट एंड सिंगल मदर जरीना (हुमा कुरैशी) की एंट्री होती है। खात बात ये है कि काला और जरीना की रोमांटिक हिस्ट्री है और दोनों अभी भी एक-दूसरे से प्यार करते हैं। काला माफिया और लोकल पॉलिटीशियन हरिदेव अभयंकर (नाना पाटेकर) से हक के लिए लड़ाई करता है। हरिदेव का कहना होता कि वो पैदा ही राज करने के लिए हुआ है। ऐसे में वो काला की पावर छीनना चाहता है ताकि खुद राज कर सके। कहानी के अंत में क्या होता है, ये जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी।

'काला' का रिव्यू:फिल्म का डायरेक्शन पीए रंजीत के किया है। जो कि पहले रजनीकांत के साथ सुपरहिट फिल्म 'कबाली' बना चुके हैं। फिल्म को तमिल, तेलुगु और मलयालम के साथ-साथ हिंदी भाषा में भी वर्ल्डवाइड रिलीज किया गया है। इसकी ड्यूरेशन 166 मिनट है जो कि स्टोरी के हिसाब से काफी लंबी है। बीच-बीच में फिल्म ऑडियंस का इंटररेस्ट बनाकर नहीं रख पाती है। सिर्फ फिल्म में रजनीकांत ही हैं जो ऑडियंस को बांध पाए हैं, हालांकि रजनी एक टिपिकल गैंगस्टर नहीं दिख रहे हैं। उनका बच्चों के साथ खेलने वाला सीन बेहद प्यारा है। रजनी का फिल्म में हुमा कुरैशी के साथ रोमांटिक ट्रैक भी है। फिल्म में इश्वरी राव, हुमा कुरैशी और अंजली पाटिल का काम ठीकठाक है। वहीं नाना पाटेकर की एक्टिंग वाकई काबिलेतारीफ है। उनके डायलॉग्स से लेकर फेस एक्सप्रेशन तक कमाल के हैं। नाना ने ऑडियंस को अपनी एक्टिंग से बांधे रखा है। फिल्म का फर्स्ट हाफ क्रिस्प और सेकंड हाफ बड़ा लगता है, जिसे सटीक एडिट किया जा सकता था। फिल्म में सरप्राइज एलिमेंट और बढ़ाए जा सकते थे। इसका म्यूजिक संतोष नारायण ने दिया है। अगर आप रजनी फैन हैं तो आप फिल्म देखेंगे ही, लेकिन अगर फैन नहीं हैं तो आपको बता दें इस फिल्म में कुछ भी नया नहीं है।

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Web Title: Rajinikanth Film kala review
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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