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नेशनल अवॉर्ड विवाद पर बोलीं एकता- 'स्मृति के हाथों अवॉर्ड पाना सम्मान की बात'

गुरुवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 65वें नेशनल अवॉर्ड्स का डिस्ट्रीब्यूशन किया गया।

DainikBhaskar.com | Last Modified - May 03, 2018, 09:07 PM IST

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    एकता कपूर और स्मृति ईरानी।

    मुंबई/नई दिल्ली। गुरुवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 65वें नेशनल अवॉर्ड्स का डिस्ट्रीब्यूशन किया गया। इस मौके पर श्रीदेवी को मरणोपरांत बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड दिया गया। वहीं विनोद खन्ना को भी दादा साहब फाल्के अवॉर्ड से नवाजा गया। हालांकि अवॉर्ड से पहले काफी कॉन्ट्रोवर्सी भी हुई। दरअसल, विनर्स में इस बात को लेकर नाराजगी थी कि इवेंट में सिर्फ 11 विजेताओं को ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा अवॉर्ड दिया जाएगा। बाकी सभी विजेताओं को सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी अवॉर्ड देंगी। इसके बाद करीब 60 से ज्यादा विनर्स ने अवॉर्ड का बायकॉट करने की धमकी दी थी। एकता कपूर ने किया स्मृति ईरानी का बचाव...


    dainikbhaskar.com से एक्सक्लूसिव बातचीत में एकता कपूर ने स्मृति ईरानी का बचाव करते हुए कहा- मेरे ख्याल से सम्मान अवॉर्ड का होता है, देने वाले हाथों का नहीं। मैं तो खुद चाहूंगी कि मैं कभी स्मृति ईरानी के हाथों नेशनल अवार्ड पाऊं। ये मुकाम ईरानी ने अपनी बदौलत कमाया है। हमें उनका सम्मान करना चाहिए।

    आगे की स्लाइड्स पर, नेशनल अवॉर्ड को लेकर हुई कॉन्ट्रोवर्सी पर श्याम बेनेगल बोले ये...

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    श्याम बेनेगल।

    मिनिस्ट्री को खुद अवॉर्ड देना चाहिए...

    पॉपुलर डायरेक्टर श्याम बेनेगल ने इस विवाद पर कहा- राष्ट्रपति द्वारा कुछ लोगों को अवॉर्ड देना और बाकी लोगों को न देना गलत है। या तो उन्हें सभी विनर्स को अवॉर्ड देना चाहिए और अगर ऐसा नहीं हो सकता तो फिर किसी को भी अवॉर्ड नहीं देना चाहिए। ऐसे में लोग इसे जातिवाद और भेदभाव की तरह समझेंगे। श्याम बेनेगल ने कहा- हर साल अवॉर्ड्स की संख्या बढ़ती जा रही है। अगर राष्ट्रपति के पास अवॉर्ड देने का वक्त नहीं है या वो हर एक विनर को नहीं दे सकते तो फिर खुद मिनिस्ट्री को अवॉर्ड देना चाहिए। उस अवॉर्ड पर राष्ट्रपति की साइन और सील होनी चाहिए। ये एक राष्ट्रीय पुरस्कार है और राष्ट्रपति से लेना हमारे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होती है, क्योंकि वो राष्ट्र के सबसे पहले नागरिक हैं। उनकी सील और साइन किए हुए अवॉर्ड को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा वितरित कराना चाहिए।

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