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4 सेलेब्स और उनकी कैंसर से जंग की 4 कहानियां:जब मनीषा को लगा-'ऐसे दर्द से मौत बेहतर'

मनीषा ने कैंसर ठीक होने के बाद 2017 में 'डियर माया' से बॉलीवुड में कमबैक किया था।

Dainikbhaskar.com | Last Modified - Jul 05, 2018, 07:26 PM IST

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    मनीषा कोइराला ने 2010 में नेपाली बिजनेसमैन सम्राट दहल से शादी की थी जिनसे उनका 2012 में तलाक हो गया था।

    मुंबई.बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे कैंसर से जूझ रही हैं।सोनाली ने अभी ये नहीं बताया है कि उन्हें कौन सा कैंसर है। उन्होंने सोशल मीडिया पर हाईग्रेड कैंसर होने की बात कही है जिससे ये कयास लगाए जा रहे हैं कि उनका कैंसर चौथी स्टेज पर पहुंच चुका है और ये काफी खतरनाक साबित हो सकता है। हालांकि, मौजूदा दौर में कैंसर का इलाज संभव है और सोनाली से पहले ऐसे कई सेलेब्स हैं जो कैंसर से जंग जीत कर अब सामान्य जिंदगी जी रहे हैं। नजर डालते हैं ऐसे ही सेलेब्स की कहानियों पर...

    1) मनीषा कोइराला: 29 जून को रिलीज हुई 'संजू' में नरगिस दत्त का रोल प्ले कर मनीषा इन दिनों काफी तारीफें बटोर रही हैं। 2012 में उन्हें ओवेरियन कैंसर होने की बात सामने आई थी जिसके बाद वह इलाज कराने छह महीने के लिए अमेरिका चली गई थीं। लंबे इलाज के बाद वह 2015 में कैंसर से पूरी तरह से ठीक हो पाई थीं।

    एक इंटरव्यू में उन्होंने कैंसर से जूझने की कहानी शेयर की थी। मनीषा ने कहा था,'जब कैंसर डिटेक्ट हुआ तो मन में पेनफुल ट्रीटमेंट को लेकर डर था। ऐसे नाजुक समय में फैमिली और सोसाइटी का पेशेंट के प्रति रवैय्या कैसा है,ये बहुत मायने रखता है। कई अनपढ़ लोग पेशेंट के सामने ऐसी बात कह देते हैं कि ये तो कर्म हैं। ऐसी नेगेटिव बातें पेशेंट के दिमाग में लंबे समय के लिए घर कर जाती हैं इसलिए आसपास पॉजिटिव लोगों का होना बहुत जरुरी है।

    जब कैंसर होता है और लंबा ट्रीटमेंट चलता है तो आपको पता नहीं होता कि क्या होगा,क्या आप पूरी तरह ठीक हो पाएंगे या कैंसर आपको लाइफ में बार-बार परेशान करता रहेगा। कैंसर रोगियों के साथ हमेशा असमंजस की स्थिति बरक़रार रहती है।

    ट्रीटमेंट के दौरान ऐसा वक्त भी आया जब मैं हार मानने लगी थी क्योंकि तब मुझे इतना ज्यादा दर्द होता था कि पेनकिलर भी काम नहीं कर रहे थे तब मैंने अपनी मां से कहा था-इससे अच्छा तो है कि मैं मर जाऊं। उस दिन मेरी मां ने मुझे बहुत डांटा था। जब मैं कैंसर से उभर कर आई तो जिंदगी के प्रति मेरा नजरिया बदला। मैं छोटी-छोटी चीजों में खुशियां तलाशने लगी। सनसेट,सनराइज,हवा,पानी कुल मिलाकर नेचर मुझे भाने लगा क्योंकि मुझे लगता था पता नहीं कल को मैं ये सब देखने के लिए जिंदा रहूंगी या नहीं'?

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    2) लिसा रे

    इंडो-कनाडियन एक्ट्रेस लिसा को 2009 में मल्टीपल मायलोमा (व्हाइट ब्लड सेल्स) का कैंसर डिटेक्ट हुआ था लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और कैंसर के खिलाफ जंग जीत ली। एक इंटरव्यू में लिसा ने कहा था ,'कैंसर ने कई मायनों में उनकी लाइफ बदल कर रख दी। मुझे कई लोगों का प्यार और सपोर्ट मिला। कैंसर की बात सबको बताने से पहले वह बेहद नर्वस थीं क्योंकि मैं नहीं जानती थी लोग कैसे रिएक्ट करेंगे लेकिन सबने सपोर्ट किया और मैं ठीक हो गई।' स्टेम सेल ट्रांसप्लांट के बाद लिसा ने 2010 में खुद को कैंसर मुक्त घोषित कर दिया था। इसके बाद उन्होंने 'मेक मायलोमा मैटर'नाम से एक कैंपेन भी चलाया था। 2012 में वह 'लिविंग विद कैंसर' नाम के संस्थान से जुड़ गई थीं जो कि कैंसर पेशेंट्स की मदद करता है। लिसा ने 2001 में फिल्म 'कसूर' से बॉलीवुड डेब्यू किया था। उनकी चर्चित फिल्मों में दीपा मेहता की ऑस्कर नॉमिनेटेड फिल्म 'वाटर' है जो कि 2005 में आई थी।

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    3) युवराज सिंह

    2011 में क्रिकेटर युवराज सिंह को कैंसर होने की खबर ने सबको चौंका दिया था। 2011 में युवराज वर्ल्ड कप खेल रहे थे तो उन्हें वोमिटिंग,सांस लेने में तकलीफ और चक्कर आने लगे। टूर्नामेंट के बाद जब उन्होंने जांच कराई तो उन्हें लंग कैंसर निकला जो कि फर्स्ट स्टेज में था। कैंसर के इलाज के लिए युवराज अमेरिका चले गए थे जहां उनकी लंबी कीमोथेरेपी चली और ठीक होने के बाद वह 2012 में इंडिया आ गए और 2012 T20 वर्ल्ड कप का हिस्सा भी बने। युवराज ने भी कैंसर से हार नहीं मानी और इसके खिलाफ अपनी जंग जीत ली। बाद में उन्होंने कैंसर पर एक किताब

    'द टेस्ट ऑफ़ माय लाइफ' भी लिखी। युवी ने एक इंटरव्यू में कैंसर के बारे में कहा था,'कैंसर का मतलब डेथ नहीं होता,इससे डरना नहीं चाहिए बस जैसे ही पता चले जल्द से जल्द इलाज शुरू कर देना चाहिए। मैंने ये गलती की थी कि ये जानते हुए भी मुझे कैंसर है,मैं क्रिकेट खेलता रहा। डॉक्टरों की बातें अनसुनी कर दी लेकिन ऐसा मौका आया जब मेरा खेल और सेहत दोनों प्रभावित होने लगे और मेरे पास ट्रीटमेंट कराने के अलावा कोई और चारा नहीं बचा।'

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    4) अनुराग बसु

    2004 में फेमस डायरेक्टर अनुराग बसु को ब्लड कैंसर होने का पता चला था। अनुराग जब अपनी फिल्म

    'तुमसा नहीं देखा'

    में व्यस्त थे और डॉक्टर ने उनसे कहा था कि आपके पास जिंदगी के बस दो महीने बचे हैं। अनुराग डॉक्टर की इस बात से बेहद डर गए थे लेकिन उन्होंने कैंसर के सामने अपने घुटने नहीं टेके और मौत के मुंह से बाहर आ गए। बाद में अनुराग ने कैंसर के बारे में एक इंटरव्यू में कहा था-'मेरी फैमिली और दोस्तों को ये बात पता था कि मुझे कैंसर है। जब मैं बीमार रहता था तो मेरी फैमिली मायूसी लेकर मेरे सामने आती जरुर थी लेकिन किसी में ये हिम्मत नहीं होती थी कि मुझे बता सकें कि कैंसर है। एक दिन महेश भट्ट मेरे घर आए और मेरे सिर पर हाथ फेरकर रो पड़े और कहा,'अनुराग तुझे कैंसर है'। लेकिन मैंने हार नहीं मानी और उनसे कहा-'ये तो सर्दी,खांसी और फीवर जैसा ही है,मैं जानता हूं कि मैं इससे लड़ लूंगा और आप परेशान मत होइए।इसके बाद डॉक्टर ने यहां तक कह दिया था कि मैं तीन-चार महीने से ज्यादा जिंदा नहीं बचूंगा। मौत से सामना करना किसी को अच्छा नहीं लगता,मैं एक ऐसी बीमारी के साथ जी रहा था जो हर सेकंड बढ़ती है लेकिन मेरी इच्छाशक्ति थी कि मैं ठीक हो गया और आज आपके सामने हूं। मेरी फैमिली इस बीमारी के बाद से मुझसे बेहद प्यार करती है। इस बीमारी के बाद मेरी बीवी ने मुझसे लड़ना बंद कर दिया। अनुराग ने बीमारी से उबरने के बाद 2012 में 'बर्फी' जैसी फिल्म बनाई जिसकी काफी तारीफ की जाती है।

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