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MOVIE REVIEW : उम्दा अभिनय लेकिन बोर करती है 'रमन राघव 2.0'

मुंबई में 60 के दशक में एक भयंकर साइको किलर हुआ करता था जिसकी वजह से पूरा सिस्टम टेंशन में आ चुका था, यह साइको किलर 'रमन' था।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Jun 24, 2016, 01:34 AM IST

  • मुंबई.मुंबई में 60 के दशक में एक भयंकर साइको किलर हुआ करता था जिसकी वजह से पूरा सिस्टम टेंशन में आ चुका था, यह साइको किलर 'रमन' था। उसकी ही कहानी अनुराग कश्यप ने इस फिल्म के माध्यम से दिखाने की कोशिश की है। dainikbhaskar.com आपके लिए यहां मूवी का स्पेशल रिव्यू पेश कर रहा है।
    क्रिटिक रेटिंग1.5/5
    स्टार कास्टनवाजुद्दीन सिद्दीकी , विकी कौशल, सोभिता धुलिपाला, अमृता सुभाष, विपिन शर्मा
    डायरेक्टरअनुराग कश्यप
    प्रोड्यूसररिलायंस एंटरटेनमेंट, फैंटम फिल्म्स
    म्यूजिकराम सम्पत
    जॉनरक्राइम थ्रिलर
    अनुराग कश्यप ने इसके पहले भी 60 के दशक पर आधारित फिल्म 'बॉम्बे वेलवेट' बनायी थी। लेकिन बॉक्स ऑफिस पर वो औंधे मुंह गिरी। इस बार अनुराग ने अपनी कम बजट वाली स्टाइल में 60 के दशक की कहानी को आज के दौर में फिट किया है। आइये जानते हैं आखिर कैसी है 'रमन राघव 2.0'...

    कहानी...
    कहानी मशहूर साइको किलर रमन (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) की है जो तरह तरह से लोगों का मर्डर कर देता था और हर मर्डर की शिनाख्त करने का काम पुलिस इंस्पेक्टर राघव सिंह उब्बी (विकी कौशल) करता है। राघव भी स्वभाव से काफी जटिल व्यक्तित्व का इंस्पेक्टर है। फिल्म में रमन की बहन (अमृता सुभाष ) और साथ ही समृतिका नायडू यानी सिम्मी (सभ्यता धुलिपाला ) का भी एक अहम रोल होता है। रमन का कत्ल करने के पीछे का क्या मकसद होता है, वो सबसे आखिर में पता चलता है।

    डायरेक्शन...
    फिल्म का डायरेक्शन टिपिकल अनुराग कश्यप स्टाइल है, जिसे देखते हुए आपको 'ब्लैक फ्राइडे' की याद आती है, क्योंकि इसमें भी चेप्टर के हिसाब से अलग अलग घटनाएं घटती हुई दिखाई देती है। कुल मिलाकर 8 चेप्टर में पिक्चराइजेशन किया गया है। पूरी तरह से डार्क शेड में कहानी को दर्शाया गया है। लेकिन फिल्म देखते वक्त बहुत ही ज्यादा लम्बी दिखाई पड़ती है, जिसे काट छांट कर छोटा किया जा सकता था। साथ ही 'बॉम्बे वेलवेट' के बाद लगा कि शायद अनुराग इस बार पटकथा का ख्याल रखेंगे, लेकिन इस बार भी कहानी फैली हुई दिखती है।

    स्टारकास्ट की परफॉर्मेंस...
    एक बार फिर से नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने अपना बेस्ट दिया है। उन्होंने सीरियल किलर की मानसिकता को बखूब निभाने की कोशिश की है। वहीं विकी कौशल का इकलौता सीन काफी अच्छा लगता है जब वो फिल्म में अपने पिता से मिलने के लिए जाते हैं। एक्ट्रेस अमृता सुभाष ने बेहतरीन एक्टिंग की है। वहीं सोभिता धोलीपाल का काम भी ठीक है।

    फिल्म का म्यूजिक...
    राम सम्पत ने फिल्म के गांव को माहौल के हिसाब से करेक्ट रखा है। बैकग्राउंड स्कोर भी कहानी के साथ-साथ सटीक जाता है।

    देखें या नहीं...
    अगर आप नवाजुद्दीन सिद्दीकी की फिल्मों के फैन हैं, तो एक बार जरूर देख सकते हैं।
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