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Movie Review: जमीनी हकीकत दर्शाती है Parched

Bhaskar news | Sep 22, 2016, 02:26 AM IST

Critics Rating
  • Genre: ड्रामा
  • Director: लीना यादव
  • Plot: लीना यादव ने शब्द और तीन पत्ती जैसी फिल्में डायरेक्ट की हैं, और अब उन्होंने मुद्दों पर आधारित फिल्म Parched डायरेक्ट की है.
क्रिटिक रेटिंग3 /5
स्टार कास्टराधिका आप्टे, तनिष्ठा चटर्जी , सुरवीन चावला, लहर खान, आदिल हुसैन
डायरेक्टरलीना यादव
प्रोड्यूसरअजय देवगन
संगीतहितेश सोनिक
जॉनरड्रामा
सामाजिक मुद्दों और कुरीतियों पर कई बार अलग अलग समय पर फिल्में बनी हैं, और इस बार भी लीन यादव ने अपनी फिल्म के माध्यम से कुछ ऐसे ही मुद्दों की तरफ ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की है.रिलीज से पहले ही Parched को अलग अलग इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स में दिखाया गया है और कई सारे अवार्ड्स भी मिले हैं. आइये जानते हैं आखिर कैसी है यह फिल्म -
कहानी...
यह कहानी कच्छ के इलाके में बेस्ड है जहां तीन सहेलियां रानी (तनिष्ठा चटर्जी) , लज्जो (राधिका आप्टे) और बिजली (सुरवीन चावला) रहते हैं. रानी और लज्जो एक साथ गाँव में ही लघु उद्योग में काम करती हैं और बिजली गाँव में नाच गाना करके गुजर बसर करती है. रानी की लाइफ में हस्बैंड की एक्सीडेंट की वजह से मौत हो गयी थी, और सिर्फ उसके घर में एक बूढी माँ और बेटा गुलाब रहता है. वहीँ लज्जो का पति मनोज ये सोचता है की उसकी वाइफ एक बाँझ है , जो बच्चे पैदा नहीं कर पाती. रानी अपने बेटे गुलाब की शादी पास के गाँव की लड़की जानकी(लहर खान ) से कराती है . कहानी में कई सारे उतार चढ़ाव तब आते हैं जब रानी अपनी दोनों दोस्तों के लज्जो और बिजली के साथ बातचीत करती है. गुलाब को जानकी पसंद नहीं आती, गाँव के मनचलों का भी एक अलग रवैया होता है. आखिरकार इस कहानी को क्या अंजाम मिलता है , ये जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी.

डायरेक्शन...
फिल्म का डायरेक्शन अच्छा है और लोकेशंस के हिसाब से खिलता हुआ नजर आता है, एक तरफ दिन और दोपहर के समय को दर्शाना तो वहीँ रात के अँधेरे में होने वाली बातों का फिल्मांकन भी अच्छे तरह से किया गया है. शूटिंग लोकेशन अच्छी है और सिनेमेटोग्राफी कमाल की है. फिल्म की राइटिंग में एक बात का ख्याल रखा गया है की महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना को रूरल और शहरी इलाको तक एक साथ सही ढंग से पहुचाया जा सके.हालांकि ऐसा हो सकता है की मसाला फिल्में पसंद करने वाले दर्शक इस फिल्म को देखने थिएटर तक ना जाएँ, लेकिन जिस तरह की ऑडिएंस को ऐसी फिल्में भाति हैं, वो जरूर इसे मिस नहीं करेंगे. फिल्म की लंबाई भी दो घंटे से कम है , जो इसके लिए एक पॉजिटिव साईन भी है.
स्टारकास्ट की परफॉर्मेंस...

तनिष्ठा चटर्जी ने माँ, सास और विधवा महिला का किरदार जबरदस्त निभाया है, राधिका आप्टे ने भी लज्जो के किरदार को सहज रूप दिया है जिससे आप कनेक्ट कर पाते हैं, सुरवीन चावला भी आपको सरप्राईज करती हैं , जो की रानी और लज्जो के किरदार के लिए एक अहम कड़ी के रूप में सामने आती हैं. इसके साथ ही लहर खान , आदिल हुसैन और बाकी एक्टर्स का काम भी अच्छा है.

फिल्म का म्यूजिक...
फिल्म का संगीत अच्छा है जिसमें कहानी का फ्लेवर हितेश सोनिक ने अच्छा परोसा है.
देखें या नहीं...

अगर आपको गहन मुद्दों पर आधारित फिल्में और बेहतरीन एक्टिंग से लैश फिल्में पसंद हैं, तो Parched जरूर देखें.
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Web Title: Parched Movie Review
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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