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MOVIE REVIEW: 'क्वीन'

dainikbhaskar.com | Mar 07, 2014, 01:50 AM IST

Critics Rating
  • Genre: कॉमेडी/ड्रामा
  • Director: विकास बहल
  • Plot: MOVIE REVIEW: 'क्वीन'
क्या आपको अपने कॉलेज या मोहल्ले की कोई ऐसी लड़की याद है, जिसका स्टाइल और रहन-सहन देखकर आपने उसे 'बहन जी' का टाइटल दे दिया हो? एक ऐसी लड़की, जिसे अमेरिका की राजधानी न पता हो, जो आधे घंटे के लिए घर से बाहर जाने पर भी मां की इजाजत लेती हो और किसी के हाथ में गिलास देखकर कहे, 'हॉआआ.. वो लड़का ड्रिंक करता है।' 'क्वीन' ऐसी ही एक लड़की की कहानी है, जिसमें ये सारी आदतें हैं और उसका सिर्फ एक ही सपना है, शादी करना। फिल्म में लीड रोल कंगना रनोट निभा रही हैं। उनके किरदार का नाम रानी उर्फ क्वीन है।
'क्वीन' ऐसी फिल्म है जो हमें खुद से जोड़ती है, झिंझोड़ती है, एंटरटेन करती है और अपने आस-पास की दुनिया और लोगों के बारे में अलग तरह से सोचने की प्रेरणा देती है।
फिल्म में रानी उर्फ क्वीन आपको भगवान से अपनी 'पहली रात' के बारे में प्रार्थना करते हुए दिखाई देगी। भले ही वो संता-बंता के नॉन-वेज जोक्स पर ठहाके लगाती हो, लेकिन उसकी मासूमियत देखकर आप भी उसे पसंद करने लगेंगे।
'क्वीन' के किरदार में कंगना है कैसी?
साल 2012 विद्या बालन के नाम रहा था। 2013 को दीपिका पादुकोण के लिए याद किया जाएगा और अब 2014 कंगना रनोट का साल बनने जा रहा है। हो सकता है कि 'क्वीन' की वजह से वो 2014 का अंत बेस्ट एक्ट्रेस के अवॉर्ड के साथ करें। 'क्वीन' में कंगना का किरदार किसी भी सुपरस्टार को आकर्षित कर सकता है। 'क्वीन' पूरी तरह कंगना रनोट की फिल्म है।
कंगना का किरदार एक मिडल क्लास पंजाबी लड़की का है। फिल्म में कगंना जिस तरह बात करती हैं, चलती हैं, हंसती हैं, उसमें बहुत ही परफेक्शन है। हालांकि, इसका क्रेडिट फिल्म के डायरेक्टर विकास बहल को भी जाता है, जिनकी मदद से ये मास्टरपीस बनकर तैयार हुआ है। विकास का कहना है कि उन्होंने 'क्वीन' की कहानी कंगना को ही ध्यान में रखकर लिखी थी।
कैसा है डायरेक्शन?
रानी अपने हनीमून पर अकेले जाती है, जहां वो अपना कमरा तीन लोगों के साथ शेयर करती है। ये तीनों लोग अलग-अलग कल्चर और बैकग्राउंड से ताल्लुक रखते हैं। उन्हें एक-दूसरे की भाषा बहुत ही मुश्किल से समझ में आती है और इन चारों के बीच बातचीत टूटी-फूटी अंग्रेजी में ही हो पाती है। ऐसे में फिल्म आपको कन्फ्यूज भी कर सकती थी, लेकिन विकास बहल के शानदार डायरेक्शन से फिल्म काफी रोचक और लाजवाब बनी है। हालांकि, सेकंड हाफ को लंबा खींचने के लिए आपको उन्हें माफ करना पड़ेगा।
क्या ये कॉमेडी फिल्म है?
क्वीन कोई कॉमेडी फिल्म नहीं है। फिल्म में कंगना का कैरेक्टर नेचुरली फनी है। फिल्म में कई जगह ऐसे सीन्स हैं, जिन्हें देखकर आप हंसते-हंसते लोट-पोट हो जाएंगे। जब रानी अपनी एक फ्रेंड से उसके बैकग्राउंड के बारे में पूछती है, तो उसकी फ्रेंड जवाब देती है, 'मेरे मदर-फादर मेट इन गोवा। बूम बूम, और मैं आए गेई। (फ्रेंच एसेंट में)'
इसके अलावा एक और फनी सीक्वेंस है, जब रानी के दोस्त उसे एक सेक्स ट्वॉय शॉप में ले जाते हैं और वो अपने पूरे परिवार के लिए गिफ्ट्स खरीदती है। उसे लगता है कि ये प्रोडक्ट घरेलू यूज के लिए हैं। अब आप खुद ही सोच सकते हैं कि हॉल में बैठे लोगों का क्या हाल हुआ होगा।
बड़ा सवाल- 'क्वीन' देखनी चाहिए या नहीं?
'क्वीन' एक ऐसी फिल्म है, जिसे आप मिस नहीं करना चाहेंगे। ये एक ऐसी फिल्म है, जिसमें कंगना की परफॉर्मेंस आपको हमेशा याद रहेगी। हो सकता है कि 10 साल बाद आप अपने दोस्त को बताएं, 'मैंने 'क्वीन' 5 बार देखी है।'
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Web Title: Movie review: queen
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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