Home »Reviews »Movie Reviews» Movie Review : Mr. X

Movie Review : 'सीरियल किसर' इमरान का नया अवतार 'Mr. X'

डायरेक्टर विक्रम भट्ट की साइंस फिक्शन थ्रिलर फिल्म 'मिस्टर एक्स' सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Apr 17, 2015, 11:28 AM IST

  • (इमरान हाशमी)

    फिल्म का नाम

    मिस्टर एक्स

    क्रिटिक रेटिंग

    2.5/5

    स्टार कास्ट

    इमरान हाशमी, अमायरा दस्तूर, अरुणोदय सिंह

    डायरेक्टर

    विक्रम भट्ट

    प्रोड्यूसर

    मुकेश भट्ट, महेश भट्ट

    संगीत

    जीत गांगुली, अंकित तिवारी

    जॉनर

    साइंस फिक्शन

    डायरेक्टर विक्रम भट्ट की साइंस फिक्शन थ्रिलर फिल्म 'मिस्टर एक्स' सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। वैसे, तो इमरान की छवि एक सीरियल किसर की है, लेकिन इस फिल्म में दर्शकों को इमरान एक अलग अंदाज में नजर आएंगे। इमरान की इस फिल्म का निर्माण फैमिली और बच्चों को ध्यान में रखकर किया गया है।

    क्या है कहानी

    'मिस्टर एक्स' कहानी है रघुराम राठौर (इमरान हाशमी) की, जो कि एक एंटी टेरेरिस्ट डिपार्टमेंट (ATD) का ऑफिसर है। रघु को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की हिफाजत में लगाया जाता है, लेकिन मामले में मोड़ तब आता है, जब उसको ATD के बॉस (अरुणोदय सिंह) के द्वारा सीएम को मारने का आदेश दिया जाता है। रघु ऐसा करने से इनकार कर देता है, जिसके बाद उसे यह कहकर ब्लैकमेल किया जाता है कि यदि वह सीएम को नहीं मारेगा तो उसकी गर्लफ्रेंड सिया वर्मा (अमायरा दस्तूर) को मार दिया जाएगा। मजबूरी में रघु सीएम को मार देता है। इसके बाद ATD वाले रघु को एक रिफाइनरी में ले जाते हैं और रिफाइनरी को बम से उड़ा देते हैं। इस घटना में रघु की जान तो बच जाती है, लेकिन वह बुरी तरह से जल जाता है। वह किसी तरह एक लेबोरेट्री में पहुंचता है, जहां उसकी जान बचाने के लिए उसे एंटी रेडिएशन मेडिसिन खिला दी जाती है। नतीजा यह होता है कि उसमें इनविजिबल होने का पावर आ जाता है। खास बात यह है कि उसे सिर्फ सूरज की रोशनी में देखा जा सकता है। फिल्म में दो डायलॉग अहम हैं, जिनसे आगे की कहानी को समझा जा सकता है। एक 'मैं मरा नहीं हूं....कोई वजह है, जिसके लिए मैं अब भी जिंदा हूं" और दूसरा 'मैं वो रघुराम राठौर नहीं हूं, जो कानून के दायरे में रहकर नाइंसाफी बर्दास्त करेगा...मैं वो मिस्टर एक्स' हूं, जो कानून तोड़कर इंसाफ करेगा।" अब यह जानने के लिए कि किस वजह से रघु की मौत नहीं होती और मिस्टर एक्स बनकर वह कैसे इंसाफ करता है, आपको सिनेमाघरों का रुख करना होगा।

    डायरेक्शन

    विक्रम भट्ट ने निर्देशक के तौर पर ठीकठाक काम किया है। फिल्म में ज्यादातर विजुअल इफेक्ट्स का इस्तेमाल है और खास बात यह है कि सभी VFX इंडिया में ही तैयार किए गए हैं।

    आगे की स्लाइड्स में पढ़िए शेष रिव्यू...

  • (अमायरा दस्तूर)

    एक्टिंग

    इमरान अपने चिरपरिचित अंदाज में दिखे हैं, जबकि अमायरा को देखकर लगता है कि उनसे जैसे-तैसे एक्टिंग कराई गई है। अमायरा की डायलॉग डिलिवरी भी कमजोर रही। बाकी अरुणोदय की एक्टिंग में उनकी पिछली फिल्मों की तुलना में अच्छी रही।

    म्यूजिक

    भट्ट कैंप की फिल्मों में म्यूजिक हमेशा अच्छा होता है। इस बार भी उन्होंने इसके जरिए दर्शकों को रिझाने की कोशिश की है। फिल्म का टाइटल ट्रैक 'यू कैन कॉल मी एक्स' पहले ही दर्शकों की जुवां पर है। बाकी सॉन्ग्स भी अपनी जगह ठीक हैं।

    देखें या नहीं

    यदि आप इमरान के फैन हैं और उन्हें एक अलग अंदाज में देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए है। इसके अलावा फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स के लिए भी इसे देखा जा सकता है।
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

Trending

Top
×