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Movie Review: जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर आंखें खोलती है 'कड़वी हवा'

DainikBhaskar.com | Mar 29, 2018, 05:59 PM IST

Movie Review: जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर आंखें खोलती है 'कड़वी हवा'
Critics Rating
  • Genre: सोशल ड्रामा
  • Director: नीला माधव पांडा
  • Plot: बेहतरीन कहानी और जबरदस्त एक्टिंग इस फिल्म की जान है। फिल्म की कहानी जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर आंखें खोलती है।

रेटिंग

3.5/5 स्टार

स्टार कास्ट

संजय मिश्रा, रणवीर शौरी, भूपेश सिंह और तिलोत्मा सोम

डायरेक्टर

नीला माधव पांडा

प्रोड्यूसर

नीला माधव पांडा, मनीष मुंद्रा, अक्षय कुमार पारिजा

म्यूजिक

संतोष जगदाले, प्रेरित सेठ

जॉनर

सोशल ड्रामा

अवधि100 मिनट

संजय मिश्रा और रणवीर शौरी स्टारर फिल्म 'कड़वी हवा' सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म के डायरेक्टर नीला माधव पांडा हैं और उन्होंने इसे मनीष मुंद्रा और अक्षय कुमार पारिजा के साथ मिलकर दृश्यम फिल्म्स के बैनर तले प्रोड्यूस किया है। डायरेक्टर ने इस फिल्म में जलवायु परिवर्तन (क्लाइमेट चेंज) जैसे मुद्दे को उठाने की कोशिश की है। जानते हैं कैसी है फिल्म...

'कड़वी हवा' फिल्म की कहानी

यह कहानी एक ऐसे गांव की है, जहां हवा का रुख हमेशा एक जैसा रहता है। सिर्फ सर्दी और गर्मी के ही मौसम अक्सर देखने को मिलते हैं। इस गांव में नेत्रहीन वुजुर्ग हेदू (संजय मिश्रा) बेटे मुकुंद (भूपेश सिंह), बहू पार्वती (तिलोत्मा सोम) और अपनी दो छोटी पोतियों के साथ रहते हैं। पूरी तरह बंजर इस गांव के किसान कर्ज लेकर खेती करते हैं। लेकिन फसल बर्बाद होने के कारण कई किसान सुसाइड भी कर लेते हैं। किसानों से कर्ज वसूली का काम गुनू (रणवीर शौरी) को सौंपा जाता है। गुनू उड़ीसा से विस्थापित होकर बुंदेलखंड के इस गांव में आता है। उड़ीसा ऐसा इलाका, जहां लोग बाढ़ से परेशान रहते हैं। कर्ज वसूली के दौरान गुनू की मुलाकात हेदू से होती है। इस मुलाकात के बाद कई ट्विस्ट आते हैं, जिनके बारे में जानने के लिए आपको मिल देखनी होगी।

डायरेक्शन

डायरेक्टर नीला माधव पांडा ने फिल्म की कहानी बेहतरीन तरीके से लिखी है और उन्होंने हर फ्रेम को ऐसे दिखाया है कि कहीं भी बनावटीपन नजर नहीं आता। हालांकि, पहले पार्ट में कई हिस्सों को एडिट किया जा सकता था। यह फिल्म अपने सब्जेक्ट के साथ चिपकी रहती है। नीला माधव की यह खासियत है कि वे फिल्मों के लिए रियल लोकेशंस को प्राथमिकता देते हैं। फिल्म में दिखाई गईं सभी लोकेशंस कमाल की है और कैमरा वर्क भी जबरदस्त है।

एक्टिंग

सबसे बेहतर अभिनय संजय मिश्रा है। एक नेत्रहीन वुजुर्ग के किरदार के साथ उन्होंने पूरा न्याय किया है। दादा और समझदार इंसान के रूप में वे एकदम फिट बैठे हैं। रणवीर शौरी ने जबरदस्त काम किया है। भूपेश सिंह और तिलोत्मा सोम ने भी अपने हिस्से का काम अच्छे से किया है। कुल मिलाकर कहें तो कास्टिंग के लिहाज से फिल्म बहुत अच्छी है।

संगीत

फिल्म का संगीत बढ़िया है। हालांकि, ज्यादा सॉन्ग्स नहीं हैं। लेकिन अंत में गुलजार साहब के शब्द दिल को छू जाते हैं। इसके अलावा, बैकग्राउंड स्कोर अच्छा है, जो कहानी के साथ-साथ चलता है।

देखें हैं या नहीं

बेहतरीन कहानी और जबरदस्त एक्टिंग इस फिल्म की जान है। फिल्म की कहानी जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर आंखें खोलती है। वैसे तो यह खास दर्शक वर्ग के लिए ही है। लेकिन एक बात तय है कि फिल्म को देखने वाला कोई भी शख्स निराश नहीं होगा।

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Web Title: Kadvi Hawa Movie Review
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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