Home »Reviews »Movie Reviews» Movie Review: Ek Paheli Leela

Video Movie Review : सनी लियोनी की 'लीला' में पहेली जैसा भी कुछ नहीं

सनी लियोनी स्टारर फिल्म 'एक पहेली लीला' सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Apr 10, 2015, 02:14 PM IST

  • ('एक पहेली लीला' के एक सीन में सनी लियोनी)

    फिल्म का नाम

    एक पहेली लीला

    क्रिटिक रेटिंग

    2.5/5

    स्टार कास्ट

    सनी लियोनी, जय भानुशाली, राहुल देव, रजनीश दुग्गल, मोहित अहलावत और जस अरोड़ा

    डायरेक्टर

    बॉबी खान

    प्रोड्यूसर

    भूषण कुमार

    म्यूजिक डायरेक्टर

    अमाल मलिक, मीत ब्रदर्स अनजान

    जॉनर

    म्यूजिकल थ्रिलर

    सनी लियोनी स्टारर फिल्म 'एक पहेली लीला' सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। कहानी पुनर्जन्म पर आधारित है। हालांकि, यदि आप इस तरह की घटनाओं पर भरोसा करते हैं तो यकीन मानिए इस फिल्म को देखने के बाद कुछ पल के लिए आप भी सोच में पड़ जाएंगे कि क्या वाकई में पुनर्जन्म होता है। जी हां, पुनर्जन्म पर पहले भी कई फिल्में आ चुकी हैं, जिनमें या तो कोई बदला लेने के उद्देश्य से या फिर अपनी हवस मिटाने के उद्देश्य पुनर्जन्म लेता है, लेकिन '...लीला' में जिसका पुनर्जन्म हुआ है, उसे, खासकर करण (जय भानुशाली) को यह तक पता नहीं होता कि वह किसका पुनर्जन्म है और वह किसलिए दोबारा दुनिया में आया है। डायरेक्टर बॉबी खान ने जो कहानी दर्शकों के सामने पेश की है, उसमें कम से कम लीला की पहेली जैसा तो कुछ भी नहीं है।

    क्या है कहानी

    कहानी में तीन पात्र हैं, मीरा (सनी लियोनी), करण (जय भानुशाली) और रणवीर सिंह (मोहित अहलावत)। मीरा, जो लंदन की एक मॉडल है। उसे फ्लाइट में बैठने से डर लगता है, लेकिन उसके दोस्त राधिका (शिवानी टंकसाले) और एंडी (वीजे एंडी) एक फोटोशूट के उद्देश्य से उसे शराब के नशे में किसी तरह जैसलमेर भारत ले आते हैं। जहां उसकी मुलाकात रणवीर सिंह राजपूत (मोहित अहलावत) से होती है। दोनों में प्यार हो जाता है और शादी कर लेते हैं। इधर, करण को तरह-तरह के सपने आते हैं। सपने में वह देखता है कि कोई उसे हंटर से पीट रहा है। इसके अलावा एक लड़की भी उसे ख्वाब में दिखाई देती है। परेशान होकर वह एक बाबा की शरण लेता है, जो उसे बताता है कि इन सपनों का रिश्ता उसके पुनर्जन्म से है। बाबा के पास जाने के बाद करण को पिछले जन्म की कुछ घटनाएं याद आती हैं, जिनके बाद उसे लगने लगता है कि वह पिछले जन्म में श्रवण (रजनीश दुग्गल) था और सपनों में आने वाली लड़की उसकी प्रेमिका लीला (सनी लियोनी) है। अपने पिछले जन्म के बारे में जानने के लिए करण भैरव विराज, जैसलमेर जाता है। यहां वह रणवीर के साथ मीरा को देखता है, जो कि बिलकुल लीला की तरह दिखाई देती है। करण को यकीन हो जाता है कि मीरा ही उसकी पिछले जन्म की लीला है और उसे रणवीर कोई और नहीं, बल्कि वही भैरव है, जिसने उसे और लीला को मार दिया था। कहानी में कई मोड़ आते हैं और अंत में करण को पता चलता है कि वह पिछले जन्म में श्रवण नहीं, बल्कि भैरव था। आप भी हो गए न कन्फ्यूज? अब बीच की कहानी कैसे-कैसे आगे बढ़ी? करण को यह कैसे पता चला कि वह भैरव था? इन सब सवालों के जवाब आप सिनेमाघर में जाकर ढूंढ सकते हैं। इस कहानी में एक पात्र के बारे में हम आपको बताना तो भूल ही गए, वह विक्रम सिंह राजपूत (जस अरोड़ा), जो कि रणवीर का भाई है। वैसे, इस पात्र के बारे में जिक्र न भी किया जाए तो भी कहानी पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। फिर भी बता देते हैं कि रणवीर और विक्रम के बीच भैरव विराज को लेकर विवाद रहता है। विवाद का कारण क्या होता है और अंत में परिणाम क्या होता है, इसका जवाब भी आपको सिनेमाघर में ही मिलेगा।


    डायरेक्शन

    हम पहले ही बता चुके हैं कि फिल्म में लीला की पहेली जैसा कुछ नहीं है। बॉबी खान डायरेक्शन में पूरी तरह फेल रहे हैं। उन्होंने आज के जमाने के एक कुंवर रणवीर सिंह को पेश किया है, जो अंग्रेजी, फ्रेंच सहित कई भाषाएं बोल सकता है। उसके पास करोड़ों-अरबों की संपत्ति है, लेकिन आज भी सवारी घोड़े पर करता है। है न दिलचस्प बात। इसके अलावा, रणवीर मीरा को अपनी लाइब्रेरी दिखाता है, जिसमें अंग्रेजी किताबों का भंडार है। वह कहता है कि ये सभी किताबें उसके स्वर्गीय पिताजी पढ़ा करते थे। दिलचस्प बात है कि लाइब्रेरी में 2008 में आई 'फाइनल वार्निंग' जैसी बुक्स हैं। अब सवाल उठता है कि कई सालों पहले मर चुका इंसान 2008 की किताब कैसे पढ़ सकता है। वैसे, ये तो सिर्फ उदाहरण हैं, ऐसी ही कई बातें हैं, जो बॉबी खान के निर्देशन पर सवालिया निशान छोड़ती हैं।

    आगे की स्लाइड्स में पढ़ें शेष रिव्यू...

  • एक्टिंग

    एक्टिंग की बात न ही की जाए तो अच्छा है, क्योंकि बड़े-बड़े किरदार इसमें फेल रहे। सनी लियोनी और जय भानुशाली फिल्म के दो अहम किरदार हैं, लेकिन दोनों पर ही कहीं एक्टिंग बनी ही नहीं, तो कहीं उन्होंने ओवरएक्टिंग का डोज दिया है। रजनीश दुग्गल और राहुल देव के किरदार ज्यादा बड़े नहीं हैं, लेकिन उन्होंने इसे शिद्दत से करने का प्रयास किया है।


    संगीत

    संगीत को फिल्म की यूएसपी कहा जा सकता है। 'तेरे बिन' , 'देसी लुक' जैसे सॉन्ग्स पहले ही काफी पॉपुलैरिटी बटोर चुके हैं। इसके अलावा 'सैंया सुपरस्टार', 'ग्लैमरस अंखियां' और 'ढोली तारो...' जैसे शेष गानें भी एंटरटेन करते हैं। फिल्म सोनू निगम के एल्बम 'दीवाना' के टाइटल सॉन्ग 'दीवाना तेरा...' को फिर से ऑडियंस के लिए लाई है।


    देखें या नहीं?

    फिल्म में न एक्टिंग है और न ही डायरेक्शन। यदि आप सनी लियोनी के फैन हैं और उनकी कोई फिल्म देखना छोड़ ही नही सकते तो इसे देख सकते हैं। वरना फिल्म में संगीत को छोड़कर ऐसा कुछ भी नहीं, जिसके कारण इसे देखा जाए।
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

Trending

Top
×