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Movie Review: हंसाने के साथ समाज को आइना दिखाती है 'मिस टनकपुर...'

dainikbhaskar.com | Jun 26, 2015, 12:48 PM IST

Critics Rating
  • Genre: पॉलिटिकल सटायर
  • Director: विनोद कापड़ी
  • Plot: 100 से ज्यादा डॉक्युमेंट्रीज का निर्माण कर चुके विनोद कापड़ी इस बार दर्शकों के सामने नए रूप में हैं।

फिल्म का नाम

मिस टनकपुर हाजिर हो

क्रिटिक रेटिंग

2.5/5

डायरेक्टर

विनोद कापड़ी

प्रोड्यूसर

क्रॉसवर्ड प्रोडक्शन

स्टार कास्ट

ओम पुरी, अन्नू कपूर, संजय मिश्रा, रवि किशन, राहुल बग्गा और ऋषिता भट्ट

म्यूजिक डायरेक्टर

सुष्मित सेन और पलाश मुछाल

जॉनर

पॉलिटिकल सटायर

20 साल तक पत्रकारिता का अनुभव रखने वाले और 100 से ज्यादा डॉक्युमेंट्रीज का निर्माण कर चुके विनोद कापड़ी इस बार दर्शकों के सामने नए रूप में हैं। बतौर डायरेक्टर उन्होंने बॉलीवुड में एंट्री ले ली है। उनकी पहली फिल्म 'मिस टनकपुर हाजिर हो' रिलीज हो गई है। फिल्म राजस्थान में घटी एक सच्ची घटना पर आधारित है। इस फिल्म के जरिए विनोद कापड़ी ने समाज को आईना दिखाने की कोशिश की है।

क्या है फिल्म की कहानी

अब तक कबूतर, बंदर, हाथी और कुत्ता जैसे कई जानवरों पर बेस्ड फिल्म आपने देखी होगी, लेकिन विनोद ने एक भैंस को आकर्षण का केंद्र बनाया है। कहानी हरियाणा के एक छोटे-से गांव टनकपुर से शुरू होती है, जहां का मुखिया सुआलाल (अन्नू कपूर) है। सुआलाल की शादी अपने से काफी छोटी लड़की माया (ऋषिता भट्ट) से होती है। हालांकि, शादी के बाद बड़े-बड़े सपने देखने वाली माया को अर्जुन (राहुल बग्गा) नाम के एक शख्स से प्यार हो जाता है। जब इस बात का पता सुआलाल को चलता है तो वह अर्जुन को परेशान करने लगता है। एक वक्त ऐसा भी आता है कि वह अर्जुन को एक भैंस (मिस टनकपुर) से रेप के आरोप में फंसा देता है। खाप से होते हुए केस अदालत की दहलीज तक पहुंच जाता है। क्या अर्जुन खुदपर लगे आरोपों से निकल पता है? क्या पुलिस-प्रशासन और पूरे गांव पर अपना दबदबा रखने वाला सुआलाल यह केस जीतता है और अर्जुन-माया की लव स्टोरी का क्या होता है? ऐसे कई सवाल आपके जेहन में उठ रहे होंगे, लेकिन इनके जवाब आप सिनेमाघर जाकर तलाशें तो मजा आएगा।

विनोद कापड़ी का डायरेक्शन

विनोद कापड़ी ने फिल्म पर मजबूती से काम किया है। उन्होंने एक सत्य घटना को व्यंग्य के रूप में पेश किया है और दर्शकों को हंसाने सफल रहे हैं। हालांकि, कहीं-कहीं फिल्म कमजोर पड़ती नजर आती है, लेकिन ओवर ऑल कहा जा सकता है कि विनोद कापड़ी ने सराहनीय काम किया है।

स्टार कास्ट और एक्टिंग

सुआनेलाल का किरदार कर वाले अन्नू कपूर, पंडित के रोल में नजर आ रहे संजय मिश्रा और पुलिस ऑफिसर की भूमिका में दिखाई दे रहे ओमपुरी की गिनती हमेशा से बॉलीवुड के फाइनेस्ट एक्टर्स में होती है और तीनों ने शानदार काम किया है। सुआलाल के भांजे भीमा के रोल में रवि किशन भी खूब जमे हैं। अब बात करते हैं राहुल बग्गा और ऋषिता भट्ट की। राहुल ने एक मजबूर और सताए हुए अर्जुन का किरदार बखूबी निभाया है। सुआलाल की पत्नी और अर्जुन की प्रेमिका माया का किरदार निभाकर ऋषिता ने बॉलीवुड में सफल वापसी की है।

देखें या नहीं

एक सच्ची घटना पर आधारित यह फिल्म समाज की हकीकत को सामने लाती है। इसके अलावा स्टार कास्ट की एक्टिंग और संवाद आपको पेट पकड़कर हंसने को मजबूर करते हैं। कहा जा सकता है कि 'मिस टनकपुर' एक बार जरूर देखना चाहिए। हालांकि, यदि आप मसाला और रोमांस से भरपूर फिल्म देखने के आदी हैं और सामाजिक मुद्दों पर आधारित फिल्में देखना पसंद नहीं करते तो अपना समय बर्बाद न करें।
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Web Title: Movie Review : Miss Tanakpur Haazir Ho
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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