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Movie Review: लैला की इमोशनल कहानी है 'मार्गरीटा विद ए स्ट्रॉ'

इस शुक्रवार को दर्शकों के सामने आई है ‘मार्गरीटा विद ए स्ट्रॉ’।

Dainikbhaskar.com | Last Modified - Apr 17, 2015, 02:17 PM IST

  • (कल्कि कोचलिन)

    फिल्म का नाम‘मार्गरिटा विद अ स्ट्रा’

    क्रिटिक रेटिंग

    3.5/5
    स्टारकास्टरेवती, कल्कि कोचलिन, सयानी गुप्ता
    डायरेक्टरशोनाली बोस
    प्रोड्यूसरशोनाली बोस, निलेश मनियार
    संगीतमिकी मेक्लेरी
    जॉनरइमोशन ड्रामा

    इस शुक्रवार को दर्शकों के सामने आई है ‘मार्गरिटा विद अ स्ट्रा’। शोनाली बोस के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में रेवती, कल्कि कोचलिन, सयानी गुप्ता, कुलजीत सिंह और हुसैन दलाल ने अहम किरदार निभाए हैं। शोनाली ने लैला के बहाने संबंधों और भावनाओं की परतदार कहानी रची है।

    क्या है कहानी


    ‘मार्गरिटा विद अ स्ट्रा’ एक भावनात्मक सफर है, जिससे गुजरते हुए आपको कल्कि की भावनाएं और दुख महसूस होगा। फिल्म में लैला यानी कल्कि कोचलिन सेलिब्रल पेल्सी की शिकार हैं। इस बीमारी में आदमी के अंगों को हिलाने-डुलाने में परेशानी पैदा होती है, लेकिन दिमागी रूप से वो आम इंसान की तरह ही होता है। प्रेम और रोमांस की चाहत उसके अंदर भी होती है। कुछ इसी तरह से लैला को भी म्यूजिक में दिलचस्पी होती है और वो अपने म्यूज़िक बैंड के लिए गीत लिखती हैं। लैला अपनी मां (रेवती) के बहुत नजदीक हैं। एक तरह से कहा जाए कि उसकी मां उसकी सुख-दुख की साथी होती हैं। कहानी में वो किन परेशानियों से गुजरती है, इसके लिए आपको थियेटर में जाकर फिल्म देखनी होगी।

    शोनाली का डायरेक्शन


    अगर फिल्म के डायरेक्शन की बात करें तो शोनाली बोस ने एक ही वक्त में कई कहानियां कहने की कोशिश की है। शोनाली ने कल्कि के किरदार को अपाहिज नहीं बल्कि जीवंत रूप दिया है। जो सेलिब्रल पल्सी से पीड़ित होने के बाद भी क्रिएटिव और इमोशन लेवल पर काफी सक्षम है। हालांकि उन्होंने तरह के सीन्स लैला के प्रति हमदर्दी जुटाने के लिए नहीं रचे हैं। कुल मिलाकर फिल्म का डायरेक्शन सधा हुआ है।

    आगे की स्लाइड में पढ़ें शेष रिव्यू...

  • (कल्कि कोचलिन)

    एक्टिंग

    इस फिल्म में कल्कि कोचलिन ने अपने करियर का अब तक का सबसे बेहतर अभिनय किया है। एक तरह से कहा जाए कि कल्कि ने इस किरदार को आत्मसात कर लिया तो कुछ गलत नहीं होगा। उन्होंने अपने किरदार की मानसिक क्षमतआों को सही ढंग से जाहिर किया है, जिसमें उन्हें सयानी गुप्ता और रेवती का भी बराबर साथ मिला।

    देखें या नहीं


    अगर आप बेहतर अभिनय के साथ अच्छी कहानी देखना चाहते हैं तो ये फिल्म आपको निराश नहीं करेगी।
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