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Movie Review: घिसी-पिटी कहानी से संजय का कमजोर कमबैक है 'भूमि'

dainikbhaskar.com | Mar 30, 2018, 11:31 PM IST

Movie Review: घिसी-पिटी कहानी से संजय का कमजोर कमबैक है 'भूमि'
Critics Rating
  • Genre: एक्शन थ्रिलर
  • Director: ओमंग कुमार
  • Plot: अगर आप संजय दत्त के डाय हार्ड फैन हैं और लंबे टाइम से उनके कमबैक का इंतजार कर रहे हैं तो यह फिल्म आपके लिए है।

रेटिंग2/5
स्टार कास्टसंजय दत्त, अदिति राव हैदरी, सिद्धांत गुप्ता, शरद केलकर, शेखर सुमन
डायरेक्टरओमंग कुमार
म्यूजिकसचिन-जिगर, इस्माइली दरबार
प्रोड्यूसरभूषण कुमार, संदीप सिंह, ओमंग कुमार
जॉनरएक्शन थ्रिलर

संजय दत्त की कमबैक फिल्म 'भूमि' सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। ओमंग कुमार के डायरेक्शन में कैसी बनी ये फिल्म, आइए जानते हैं...

कहानी
फिल्म की कहानी उत्तरप्रदेश के आगरा से शुरु होती है। जहां अरुण सचदेव(संजय दत्त) अपनी बेटी भूमि(अदिति राव हैदरी) के साथ रहते हैं। फैमिली के इनकम सोर्स में तौर पर इनकी जूतों की दुकान होती है। भूमि, नीरज(सिद्धांत गुप्ता) से प्यार करती है और दोनों की शादी होने वाली होती है। इसी बीच कुछ ऐसी घटनाएं घटती हैं कि पिता-पुत्री की लाइफ में तूफान ला देते हैं। फिल्म के विलेन धोली(शरद केलकर) की गैंग के लोग भूमि का रेप कर देते हैं। जिसके बाद शुरु होती है न्याय की लड़ाई। फिल्म में अरुण अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए पुलिस स्टेशन, कोर्ट रूम सभी जगह के चक्कर लगाता है और कहानी आखिरकार एक रिजल्ट पर पहुंचती है। तो भूमि को न्याय मिलता है या नहीं ये जानने के लिए आपको ये फिल्म देखनी होगी।

डायरेक्शन
फिल्म में ओमंग कुमार का डायरेक्शन और बैकड्राप अच्छा है। साथ ही फिल्म का आर्ट वर्क भी ठीक है। लेकिन बात अगर कहानी ही करें तो ये काफी घिसी-पिटी है। फिल्म के हर सीन को आसानी से प्रिडिक्ट किया जा सकता है कहीं भी कोई सरप्राइज एलिमेंट नहीं डाला गया है। ऐसे में कहानी को और मजबूत करने की जरूरत थी। बात अगर डायलॉग की करें तो इनमें कोई दम नहीं दिखा है जिस पर काफी काम हो सकता था। संजय ने लंबे टाइम बाद कमबैक करने के लिए भूमि को चुना जो कि गलत डिसीजन हो सकता है बजाय इसके वो मुन्ना भाई सीरीज को चुनते तो ज्यादा बेहतर होता।

एक्टिंग
संजय दत्त पिता के तौर पर बेहतरीन एक्टिंग करते नजर आए हैं। उनकी एक्टिंग काफी उम्दा रही है जो कहीं-कहीं आपकी आंखें भी नम करती हैं। वहीं अदिति एक्टिंग से ऑडियंस को कनेक्ट करती हैं एक बेटी के रूप में वो अच्छी लगी हैं। फिल्म में विलेन बने शरद केलकर का काम अच्छा है लेकिन शेखर सुमन का अंदाज और बेहतर किया जा सकता था।

म्यूजिक
म्यूजिक रिलीज से पहले हिट नहीं हुआ है। जिसकी वजह से फिल्म को इससे कोई सपोर्ट नहीं मिलता है। फिल्म के म्यूजिक पर काम कर इसे और बेहतर किया जा सकता था।

देखें या नहीं
अगर आप संजय दत्त के डाय हार्ड फैन हैं और लंबे टाइम से उनके कमबैक का इंतजार कर रहे हैं तो यह फिल्म आपके लिए है। नहीं तो आप टीवी पर आने का इंतजार कर सकते हैं।

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Web Title: Movie Review Bhoomi
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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