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90s की सस्पेंस थ्रिलर फिल्मों से इंस्पायर अरबाज खान की 'निर्दोष'

RJ ALOK | Mar 29, 2018, 05:29 PM IST

90s की सस्पेंस थ्रिलर फिल्मों से इंस्पायर अरबाज खान की 'निर्दोष'
Critics Rating
  • Genre: सस्पेंस थ्रिलर
  • Director: प्रदीप रंगवानी, सुब्रतो पॉल
  • Plot: 80 या 90 के दशक वाले सस्पेंस थ्रिलर पसंद हैं तो एक बार जरूर ट्राई कर सकते हैं, वरना नहीं।

क्रिटिक रेटिंग
2 /5
स्टार कास्टअरबाज खान, मंजरी फडनिस, अश्मित पटेल , महक चहल , मुकुल देव
डायरेक्टरप्रदीप रंगवानी, सुब्रतो पॉल
प्रोड्यूसरप्रदीप रंगवानी
संगीतलियाकत अजमेरी, हैरी आनंद और संजय चौधरी (बैकग्राउंड स्कोर)
जॉनरसस्पेंस थ्रिलर

डायरेक्टर जोड़ी प्रदीप रंगवानी और सुब्रतो पॉल ने मिलकर अरबाज खान, मंजरी फडनिस, अश्मित पटेल, महक चहल, मुकुल देव को लेकर यह सस्पेंस थ्रिलर बनाई है।

कहानी

कहानी की शुरुआत एक मर्डर से होती है जिसके लिए शक की बिनाह पर शिनाया (मंजरी फडनिस) को गिरफ्तार किया जाता है और इंस्पेक्टर लोखंडे (अरबाज खान) इस केस की तहकीकात करते हुए नजर आते हैं। लोखंडे जेल में बार-बार अपने अंदाज में शिनाया से पूछताछ करता है तो उसको धीरे धीरे केस की गुत्थी सुलझती नजर आती है, लेकिन हर पल एक नया ही ट्विस्ट सामने आता है। कभी शिनाया का पति गौतम (अश्मित पटेल) खुद को कातिल बताता है, तो कभी शक मॉडल अदा (महक चहल) और कभी राणा (मुकुल देव) के ऊपर जाता है। आखिरकार कातिल कौन हैं और कौन निर्दोष? इसका पता आखिर में चल जाता है, जिसके लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी।

डायरेक्शन

फिल्म का डायरेक्शन अच्छा है। खासतौर पर इसकी लोकेशंस बढ़िया लगती है और रीयल लोकेशन के शूट वैसे ही दिलचस्प लगते हैं। फिल्म का प्लॉट काफी कमजोर दिखता है। फर्स्ट हाफ में कहानी का बिल्डअप अच्छा है, लेकिन सेकंड हाफ में कहीं की कहीं चली जाती है। फ्लैशबैक में स्टोरी और भी बेहतर हो सकती थी। फिल्मांकन का तरीका भी 90 के दशक के सस्पेंस थ्रिलर जैसा है। प्रोडक्शन वैल्यू और बेहतर हो सकती थी। संवाद भी काफी पुराने नजर आते हैं और फिल्म का कोई भी एक्स फैक्टर नहीं है।


स्टारकास्ट की परफॉर्मेंस

अभिनय के लिहाज से मंजरी फडनिस ने बढ़िया काम किया है। अश्मित पटेल भी बढ़िया काम करते दिखाई देते हैं। अरबाज खान का डेडली रोल है लेकिन वो आपको 'प्यार किया तो डरना क्या' वाले अरबाज खान की ही याद दिलाते हैं। मुकुल देव का काम बढ़िया है। महक चहल को एक्टिंग का कोर्स कर लेना चाहिए, वो कास्टिंग में बिल्कुल भी फिट नहीं बैठती।

फिल्म का म्यूजिक फिल्म का म्यूजिक और बेहतर हो सकता था। सैयां रे... सॉन्ग अच्छा है, बैकग्राउंड स्कोर बढ़िया है।


देखें या नहीं


अगर आप अरबाज खान या अश्मित पटेल के दीवाने हैं और 80 या 90 के दशक वाले सस्पेंस थ्रिलर पसंद हैं तो एक बार जरूर ट्राई कर सकते हैं, वरना नहीं।

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Web Title: Here Is Nirdosh Review
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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