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Exclusive: छुपे हुए टैलेंट को सिंगिंग का मौका देंगे हम, जल्द आएगा 'इंस्पायर इंडिया'

सिंगिंग रियलिटी शो 'राइजिंग स्टार इंडिया' का सेकंड सीजन 20 जनवरी से शुरू हो रहा है।

Ganesh Mishra | Last Modified - Jan 16, 2018, 08:09 PM IST

    • शंकर महादेवन।

      मुंबई। सिंगिंग रियलिटी शो 'राइजिंग स्टार इंडिया' का सेकंड सीजन 20 जनवरी से शुरू हो रहा है। यह शो कलर्स चैनल पर हर शनिवार और रविवार को रात 9 बजे ऑन एयर होगा। शो में तीन जज शंकर महादेवन, मोनाली ठाकुर और दिलजीत दोसांज नजर आएंगे। शो शुरु होने से पहले dainikbhaskar.com ने सिंगर-कम्पोजर शंकर महादेवन से बातचीत की। पेश हैं प्रमुख अंश...


      सवाल : सिंगिंग रियलिटी शोज में आने वाले कंटेस्टेंट को इस तरह के प्लेटफॉर्म से कितना फायदा मिलता है। मसलन उन्हें करियर बनाने और आगे बढ़ने में?
      जवाब : हिंदुस्तान में काफी आर्टिस्ट हैं और उन लाखों-करोड़ों आर्टिस्ट्स में से अगर किसी को ऐसा मौका मिलता है कि उसे नेशनल टेलीविजन पर लोग देख रहे हैं। करोड़ो लोगों के सामने वो परफॉर्म कर रहा है, गाने गा रहा है और ये लोग उसे एप्रिशिएट कर रहे हैं। इतना ही नहीं शो खत्म होने तक लोगों की जुबान पर आप का नाम चढ़ चुका होता है और लोग आपको आपके नाम से जानने लगते हैं। तो ऐसे में कह सकते हैं कि ये हर किसी के लिए एक बेहतर अपॉर्च्युनिटी की तरह है।

      सवाल : पास्ट की बात करें तो कुछ सिंगिंग रियलिटी शोज ऐसे भी हैं, जिनके विनर आज भी उतने पॉपुलर नहीं हो पाए हैं, जितना कि उनका नाम होना चाहिए।
      जवाब : देखिए प्लेबैक सिंगिंग ही सबकुछ नहीं है। वैसे भी जिस तरह हर एक्टर अमिताभ बच्चन नहीं हो सकता ठीक उसी तरह ये बात सिंगर पर भी लागू होती है। वैसे देखा जाए तो सारे सिंगर्स अच्छे शोज कर रहे हैं, सबकी अपनी पहचान है। सबके पास अपने घर, गाड़ियां और बैंक बैलेंस भी है। जो जिस पेशे में है वो उससे बहुत प्यार करता है। हां भले ही वो इंडिया के टॉप सिंगर नहीं बन पाए लेकिन ये सभी सिंगर वो काम कर रहे हैं, जो उनके दिल के अंदर है और जिसे वो सबसे ज्यादा प्यार करते हैं उसी से पैसा कमा रहे हैं।

      सवाल : आपकी एकेडमी ऑनलाइन म्यूजिक लेसन प्रोवाइड कराती है। क्या आप गरीब तबके के बच्चों या छुपे हुए टैलेंट को खोजने के लिए भी कोई प्लानिंग कर रहे हैं?
      जवाब : हम ऐसे स्कूलों से टाइअप कर रहे हैं, जिनमें गरीब बैकग्राउंड वाले बच्चे पढ़ते हैं। जैसे म्युनिसिपल स्कूल और भी दूसरे स्कूल हैं, जहां हम अपना नया प्रोजेक्ट लॉन्च कर रहे हैं, जिसका नाम है 'इंस्पायर इंडिया'। इस प्रोजेक्ट के तहत धारावी जैसे इलाकों के बैकवर्ड बच्चों को म्यूजिक सिखाएंगे। आप गरीब हो तो इसका मतलब ये नहीं कि आप अच्छी एजुकेशन, अच्छे म्यूजिक के हकदार नहीं हो। मेरा मानना है कि म्यूजिक की ताकत हर जरूरतमंद तक पहुंचनी चाहिए। हमारा ये प्रोजेक्ट 31 जनवरी को सायन के एक स्कूल से लॉन्च हो रहा है।

      सवाल : शंकर-एहसान-लॉय की तिकड़ी को म्यूजिक इंडस्ट्री का अमर-अकबर-एंथेनी कहा जाता है। कैसे आप लोग पहली बार मिले और फिर ये सफर शुरू हुआ?
      जवाब : हम तीनों ही ऐडवर्टाइजिंग बैकग्राउंड से थे। मैं ऐड में गाता था और एहसान व लॉय कंपोजर थे। फिर ऊपरवाले का कुछ ऐसा चक्कर चला कि मुकुल आनंद एक फिल्म बना रहे थे 'दस', उसमें हमने एक गाना बनाया 'सबसे आगे होंगे हिंदुस्तानी...'। उसके बाद से हम तीनों साथ में आ गए और पिछले 21 सालों से काम किए जा रहे हैं।

      सवाल : आपके अपकमिंग प्रोजेक्ट्स कौन-कौन से हैं। किन फिल्मों में म्यूजिक दे रहे हैं?
      जवाब : डायरेक्टर राकेश ओमप्रकाश मेहरा के साथ एक प्रोजेक्ट पर काम कर रहा हूं। उसके बाद शाद अली की फिल्म 'सूरमा' के लिए म्यूजिक कम्पोज कर रहे हैं। इसके अलावा प्रभास और श्रद्धा कपूर की अपकमिंग मूवी 'साहो' का म्यूजिक भी हम कम्पोज कर रहे हैं।

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