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कोई कंगाल तो किसी को मांगनी पड़ी भीख, ऐसे गुजरे इन 11 स्टार्स के आखिरी दिन

इस पैकेज में हम बता रहे हैं ऐसे 9 स्टार्स के बारे में, जिनकी जिंदगी का आखिरी वक्त बेहद मुश्किलों में बीता।

Dainikbhaskar.com | Last Modified - Apr 04, 2018, 12:02 AM IST

  • कोई कंगाल तो किसी को मांगनी पड़ी भीख, ऐसे गुजरे इन 11 स्टार्स के आखिरी दिन
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    इस हालत में मिली थी परवीन बॉबी की डेड बॉडी।

    मुंबई.बॉलीवुड की बीते जमाने की आदाकार परवीन बॉबी अगर आज(4 अप्रैल) जिंदा होतीं तो उपना 69वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रहीं होती। बाबी की मौत 13 साल पहले 20 जनवरी, 2005 को हुई थी। उनकी मौत इतनी दर्दनाक थी, जिसके बारे में सुनकर इंडस्ट्री सकते में आ गई थी। बताया जाता है कि वे सिजोफ्रेनिया नाम की मानसिक बीमारी से पीड़ित थीं। ये अनुवांशिक बीमारी थी, जिसके ठीक होने की संभावना न के बराबर थी। वहीं परवीन डायबिटीज और पैर की बीमारी गैंगरीन से पीड़ित थीं, जिसकी वजह से उनकी किडनी और शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। उनकी मौत किसी बीमारी से हुई या उन्होंने आत्महत्या की, ये बात अब तक राज ही है। परवीन बॉबी के पड़ोसियों ने पुलिस को इन्फॉर्म किया था कि उनके घर के बाहर अखबार और दूध के पैकेट दो दिन से पड़े थे। इसके बाद पुलिस ने एक नकली चाबी से उनके घर का दरवाजा खोला था। आखिरी वक्त में बिगड़ गया था परवीन का मानसिक संतुलन...


    - 'दीवार', 'नमक हलाल', 'अमर अकबर एंथनी', 'शान', 'क्रांति', 'महान' 70 और 80 के दशक की ये वो फिल्में हैं, जिनमें परवीन बॉबी ने अहम किरदार निभाया था।
    - 2002 में मां के निधन के बाद परवीन का मानसिक संतुलन बिगड़ गया। वो अकेले रहने लगीं और एक चर्च से जुड़ी रहीं।
    - वह इसी धर्म की अनुयाई थीं और कभी-कभार वह चर्च से संपर्क कर लिया करती थीं। पुलिस का कहना है कि अपनी मौत के दो महीने पहले उन्होंने सभी जानने पहचानने वालों से संपर्क तोड़ लिया था।
    - 20 साल से उनके पड़ोसी रहे एम.एस. मल्होत्रा ने भी इतने सालों में परवीन को केवल 15 बार ही देखा था।

    - उनके अंतिम पलों की कुछ तस्वीरों को देख इस बात का पता लगता है कि वाकई परवीन की मौत बेहद दर्दनाक रही होगी। वैसे, परवीन बॉबी ही नहीं, बल्कि ऐसे कई एक्टर्स रहे हैं, जिनकी हालत जिंदगी के आखिरी वक्त में बेहद खराब थी।

    - इनमें श्रीवल्लभ व्यास से लेकर 'शोले' के रहीम चाचा यानी एके हंगल तक शामिल हैं। इस पैकेज में हम बता रहे हैं कुछ ऐसे ही एक्टर्स के बारे में, जिनकी जिंदगी का आखिरी वक्त बेहद मुश्किलों में बीता।

    यहां पढ़ें -3 अफेयर और लिव इन के बाद भी कुंवारी रहीं परवीन, ऐसी कॉन्ट्रोवर्शियल थी Life

    आगे की स्लाइड्स पर जानें बाकी के 10 स्टार्स के बारे, जिनका आखिरी वक्त बेहद खराब हाल में बीता...

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    गीतांजलि नागपाल


    कई नामी डिजाइनरों के लिए रैंप पर चल चुकी 32 साल की मॉडल गीतांजलि नागपाल साल 2007 में भीख मांगती हुई मिली थीं। उन्हें साउथ दिल्ली के एक पॉश बाजार में भीख मांगते हुए पाया गया था। मशहूर मॉडल से भिखारी बनने वाली गीतांजलि नागपाल को ड्रग की लत ने ऐसे जकड़ा कि वो अपनी जरूरत पूरी करने के लिए नौकरानी तक बन गई थीं। कभी सुष्मिता सेन जैसी हस्तियों के साथ कैट वॉक कर चुकी गीतांजलि आखिर एक दिन बदहवास हालत में फुटपाथ में मिली। 2008 में ऐसे ही तंगी से गुजरते हुए उनकी मौत हो गई।

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    श्रीवल्लभ व्यास

    आमिर खान की पॉपुलर फिल्म 'लगान' के ईश्वर काका उर्फ श्रीवल्लभ व्यास(60) की लंबी बीमारी के बाद 7 जनवरी 2018 को जयपुर में डेथ हो गई। डेथ से कुछ साल पहले एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें पैरालिसिस अटैक आया था, जिसके बाद से उनकी तबीयत काफी खराब थी और वे सिर्फ लिक्विड डायट ही ले रहे थे। 2013 में उनकी फैमिली इलाज के लिए जैसेलमेर से जोधपुर शिफ्ट हुई थी। उनकी वाइफ शोभा व्यास के मुताबिक सिने और टेलीविजन एसोसिएशन ने भी उनकी मदद नहीं की थी। शोभा के मुताबिक कंगाली के कठिन समय में आमिर खान ने हमें फाइनेंशियल और मॉरल सपोर्ट किया। आमिर के अलावा इस मुश्किल घड़ी में एक्टर इमरान खान और मनोज वाजपेयी ने भी श्रीवल्लभ व्यास की मदद की थी। श्रीवल्लभ ने 'सरदार', शाहरुख खान के साथ 'माया मेम साहब', 'वेलकम टु सज्जनपुर', 'सरफरोश', 'लगान', 'बंटी और बबली', 'चांदनी बार' और 'विरुद्ध' सहित करीब 60 फिल्मों में काम किया।

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    गैविन पैकर्ड

    'त्रिदेव' (1989), 'चमत्कार' (1992), 'मोहरा' (1994) और 'खिलाड़ियों का खिलाड़ी' (1996) जैसी फिल्मों में नजर आए एक्टर गैविन पैकर्ड की जब डेथ हुई तो कोई भी बॉलीवुड स्टार उनकी अंतिम विदाई में शामिल नहीं हुआ। आखिरी वक्त में उनकी हालत बेहद खराब हो गई थी। डेथ के समय वे 47 साल के थे। पैकर्ड का जन्म 8 जून 1964 को महाराष्ट्र के कल्याण में हुआ था। वे पांच भाई-बहनों में सबसे बड़े थे। उनके पिता अर्ल कम्प्यूटर एक्सपर्ट थे और मां बारबरा हाउसवाइफ, जो कोंकणी महाराष्ट्रियन थीं। गैविन का उनकी पत्नी से सेपरेशन हो गया था और जिंदगी के आखिरी दिनों में वे छोटे भाई डेरिल पैकर्ड के साथ रह रहे थे। गैविन की दो बेटियां (एरिका पैकर्ड और कैमिली कायला पैकर्ड) हैं। 18 मई 2012 को वसई, महाराष्ट्र में रेस्पिरेटरी डिसऑर्डर की वजह से गैविन की डेथ हो गई।

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    रामी रेड्डी

    बॉलीवुड और साउथ की कई फिल्मों में विलेन का रोल प्ले कर चुके एक्टर रामी रेड्डी को उनके क्रूर किरदारों के लिए जाना जाता है। फिर चाहे 1993 में आई फिल्म 'वक्त हमारा है' में कर्नल चिकारा का रोल हो या 'प्रतिबंध' में अन्ना का, रामी विलेन के हर किरदार में जान डाल देते थे। हालांकि, 250 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके रामी को लिवर की बीमारी ने घेर लिया था, जिसकी वजह से वो अक्सर बीमार रहने लगे थे। लिवर की बीमारी के चलते रामी का ज्यादा वक्त घर पर ही बीतता था और धीरे-धीरे वो पब्लिक में जाने से बचने लगे। हालांकि, एक बार वो एक इवेंट में नजर आए थे, जहां उन्हें पहचानना मुश्किल हो गया था। रामी को लिवर के बाद किडनी की बीमारी ने भी घेर लिया था, जिसकी वजह से मौत के पहले वो सिर्फ हड्डियों का ढांचा रह गए थे। हालांकि, कहा जाता है कि उन्हें कैंसर भी हो गया था। कुछ महीनों तक इलाज चलने के बाद 14 अप्रैल, 2011 को सिकंदराबाद के एक प्राइवेट अस्पताल में रामी रेड्डी की मौत हो गई।

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    निशा नूर

    यह नाम सुनने में भले ही अनसुना लग रहा हो, लेकिन 80 के दशक में साउथ इंडियन फिल्म इंडस्ट्री में बहुत पॉपुलर था। निशा की पॉपुलैरिटी कुछ ऐसी थी कि रजनीकांत और कमल हासन जैसे बड़े स्टार्स भी उनके साथ काम करना चाहते थे। कहा जाता है कि निशा को एक प्रोड्यूसर ने धोखे से प्रॉस्टिट्यूशन में धकेल दिया था। इसके बाद हुआ यह कि इंडस्ट्री के सभी लोग उनसे दूर हो गए। जब कोई चारा नहीं दिखा तो निशा ने हमेशा के लिए इंडस्ट्री छोड़ दी। लेकिन इसके बाद उनके हालात और खराब हो गए। इंडस्ट्री से कोई उन्हें देखने तक नहीं आया। धीरे-धीरे निशा के आर्थिक हालात बिगड़ते गए। कहा जाता है कि आखिरी दिनों में हालत इतनी खराब हो चुकी थी कि उन्हें सड़क पर पड़ी पाया गया था। इस दौरान वे जिंदगी की आखिरी सांसें गिन रही थीं। आसपास के लोगों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया तो पता चला कि उन्हें एड्स था। 2007 में निशा जिंदगी की जंग हार गईं।

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    नीरज वोरा

    करीब 13 महीने तक कोमा में रहे नीरज वोरा का 14 दिसंबर, 2017 को निधन हो गया। नीरज पहले ही अपने लगभग पूरे परिवार को खो चुके थे। 2005 में उनके पिता की डेथ हुई। उनकी पत्नी की भी मौत पहले ही हो चुकी थी। तीन साल पहले उनकी मां का निधन हो गया था। बता दें कि नीरज की कोई संतान नहीं है। हां, उनका एक छोटा भाई जरूर है, जिसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। नीरज को अक्टूबर 2016 में ब्रेन स्टोक आया था। इसके बाद उन्हें दिल्ली के AIIMS में भर्ती कराया गया था। इसी साल मार्च में उनके दोस्त प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला उन्हें मुंबई ले आए थे और उनका ख्याल रख रहे थे।

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    एके हंगल

    फिल्म शोले का पॉपुलर डायलॉग 'इतना सन्नाटा क्यों है भाई' लोगों को आज भी याद है। लेकिन इसे बोलने वाले एक्टर अब इस दुनिया में नहीं हैं। 'शोले' और 'बावर्ची' जैसी कई बेहतरीन फिल्मों में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवा चुके एके हंगल का 98 साल की उम्र में 26 अगस्त 2012 को निधन हो गया था। हंगल अपने अंतिम दिनों मे बेहद तंगी के दौर से गुजरे। उन्होंने अंतिम दिन किराए के एक टूटे-फूटे घर में गुजारे थे। मौत से पहले वो कई तरह की बीमारियों से जूझ रहे थे। बताया जाता है कि जब उनकी सेहत बेहद खराब थी, तब उनके पास इलाज तक के पैसे नहीं थे। उनके बेटे ने जब पिता के इलाज के लिए पैसे ना होने की बात बताई, तब अमिताभ बच्चन ने उन्हें इलाज करवाने के लिए 20 लाख रुपए दिए थे।

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    अचला सचदेव

    'ऐ मेरी ज़ोहरा ज़बीं तुझे मालूम नहीं तू अभी तक है हसीं...जी हां, वही गाना जो 'वक्त' फिल्म की अहम किरदार बीबी (अचला सचदेव) को देखकर बलराज साहनी ने गाया था। अचला सचदेव का निधन अप्रैल 2012 में हुआ। अचला 2002 में पति की मौत के बाद से अकेले पुणे में रह रही थीं। उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं था। एक दिन पीने का पानी लेने गई अचला फिसल गईं और उनकी जांघ की हड्डी टूट गई। अचला के फैमिली फ्रेंड राजीव नंदा के मुताबिक, उन्होंने बॉलीवुड की प्रमुख हस्तियों को फोन पर उनकी बीमारी के बारे में बताया, लेकिन उनकी खोज-खबर लेने कोई नहीं आया था। अचला का बेटा अमेरिका में और बेटी मुंबई में रहती थी, लेकिन वे भी मां के संपर्क में नहीं थे।

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    भगवान दादा

    भगवान दादा अपनी कॉमेडी फ़िल्म 'अलबेला' के लिए जाने जाते हैं। हिंदी फ़िल्मों में डांस का एक अलग स्टाइल लाने वाले भगवान दादा ऐसे 'अलबेला' सितारे थे, जिनसे अमिताभ बच्चन भी प्रभावित हुए। हालांकि कभी सितारों से अपने इशारों पर काम कराने वाले भगवान दादा का करियर एक बार जो फिसला तो फिर फिसलता ही गया। आर्थिक तंगी का यह हाल था कि उन्हें आजीविका के लिए कैरेक्टर रोल और बाद में छोटे-मोटे काम करने पड़े। उनके आखिरी वक्त में सी. रामचंद्र, ओम प्रकाश, राजिन्दर किशन जैसे कुछ ही दोस्त थे जो उनसे मिलने जाया करते थे। 4 फ़रवरी, 2002 को 89 साल की उम्र में अपना दर्द समेटे हुए बेहद खामोशी से वे इस दुनिया को विदा कह गए।

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    जगदीश माली


    अंतरा माली के पिता और फेमस फोटोग्राफर जगदीश माली को मुंबई की सड़कों पर भीख मांगते देखा गया था, जिसके बाद इंडस्ट्री का एक और चेहरा सामने आया। जगदीश को मिंक बरार नाम की मॉडल ने पहचाना, उन्हें खाना खिलाया और फिर सलमान खान की कार से उन्हें घर पहुंचाया था। जगदीश मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं लग रहे थे। वे फटे-पुराने कपड़े पहने थे जिससे अंदाजा लगाया जा सकता था कि वे उन दिनों कितनी बुरी जिंदगी बसर कर रहे थे। 13 मई, 2013 को उनकी मौत हो गई।

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