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MOVIE REVIEW: 'नशा'

dainikbhaskar.com | Jul 26, 2013, 12:00 AM IST

Critics Rating
  • Genre: रोमांस
  • Director: अमित सक्सेना
  • Plot: किंगफिशर मॉडल पूनम पांडेय की पहली फिल्म 'नशा' है।

अमित सक्‍सेना के निर्देशन में बनी फिल्‍म 'नशा' इरॉटिक थ्रिलर है। इसकी कहानी कमजोर है और ऐसा लगता है कि पूनम पांडे की बोल्‍ड इमेज को कैश कराने के लिए इस फिल्‍म को बनाया गया है। कमजोर पटकथा और बेदम संवाद के चलते 'जिस्‍म' जैसी बोल्‍ड फिल्‍म बना चुके फिल्‍म निर्देशक अमित सक्‍सेना इस फिल्‍म में पूनम पांडे को वह छवि भी नहीं दिखा पाए हैं, जिसके लिए वह जानी जाती है।

फिल्‍म में दो-चार बोल्‍ड और छिछोरे संवाद जरूर इस्तेमाल किए गए हैं, जिनके होने या न होने से कोई बहुत ज्‍यादा फर्क नहीं पड़ता है। पूनम पांडे का अभिनय कुछ खास नहीं है और संवाद बोलने का लहजा कमजोर है। इमोशनल सीन में भी वे कुछ विशेष नहीं कर सकी हैं। फिल्‍म में किशोरवय पीढ़ी के भटकाव को शिवम ने परदे पर अच्‍छी तरह से जिया है। इसके लिए उनकी तारीफ की जानी चाहिए।

फिल्‍म की कहानी साहिल (शिवम) नामक ऐसे छात्र की है जो अपनी डांस टीचर अनीता (पूनम पांडे) के रूप और अदा पर फिदा हो एकतरफा प्‍यार कर बैठता है। साहिल की जिंदगी में यूं तो एक गर्लफ्रेंड पहले से है, लेकिन वह अपनी डांस टीचर पर फिदा होकर उसे पाने की अजीब-सी जिद में पड़ जाता है।

इधर, अनीता पहले ही किसी और को प्‍यार करती है और इसलिए शुरू में वह साहिल को समझाती है। लेकिन जब उसे अपने पहले प्‍यार से धोखा मिलता है और इधर साहिल का उसके प्रति गजब का लस्‍ट की हद तक जाने वाला प्‍यार बढ़ता ही चला जाता है तो वह न चाहते हुए भी अपने आप को रोक नहीं पाती।

लेकिन अनीता की नजरों में प्‍यार गर्मियों की उन छुट्टियों की तरह है जो हर बार आता है, एक नई कहानी के साथ। इन सब के बीच है कहानी का किशोरवय हीरो जो अपनी टीचर के प्रति अजीब ही कामुक आकर्षण से बंधा है। कहानी की शुरुआत जितनी सुस्‍त और कमजोर है, अंत भी कुछ वैसा ही कुछ खास नहीं है।

फिल्‍म में कुछ संवाद जरूर दर्शको को ध्‍यान खींचते हैं, जैसे पहली बार स्‍कूल वालों ने कोई नेक काम किया है...ऐसी टीचर से पढ़वाओ ना, मत कर आंखें कमजोर हो जाएंगी, ओह टिप्‍सी फिर वही हरकत, इस स्‍वाद का राज है उसके हाथों की गंद, बचपन से उसने नहाना कर दिया था बंद।


फिल्‍म को छोटे शहरों में सिंगल थिएटर सिनेमा में दर्शक मिलेंगे और पूनम पांडे को देखने के लिए ही दर्शक आएगा, लेकिन उसे यहां कुछ नया मिलने की उम्‍मीद नहीं करनी चाहिए। पूनम पांडे को बोल्‍ड अवतार में देखने की इच्छा रखने वालों के लिए कुछ खास नहीं है। इससे बोल्‍ड तो वे डिजिटल माध्यमों में पहले से ही नजर आ रही हैं।

हां, उनकी बोल्‍ड छवि और बेबाक बातों के चलते इस फिल्‍म को दर्शक मिलेंगे। कम उम्र के लड़के और बड़ी उम्र की महिला की प्रेम कहानी की थीम पर इससे पहले भी 'एक छोटी-सी लव स्‍टोरी' जैसी फिल्‍म बन चुकी है, लेकिन यहां वह बात नहीं है।

बेशक यह पूनम पांडे की फिल्म है और इस इरॉटिक फिल्‍म को अगर सफलता मिलती है तो इसके लिए क्रेडिट उनकी उस छवि को देना होगा, जो उन्‍होंने अपनी बातों और बोल्‍ड वीडियो के जरिए सायबर स्‍पेस का उपयोग करते हुए बनाई है।


सेक्‍स एक ऐसा विषय है जो गूगल पर बारहो मास लोगों की पसंद रहा है। उसी तरह से पूनम पांडे बड़े परदे पर एक खास दर्शक वर्ग के लिए नशा बनकर आएगी। अगर निर्देशक कहानी में रोचकता और बोल्‍डनेस का सही तड़का बेहतर संवाद के साथ लगाता तो कुछ और बात होती।

फिल्‍म शिवम के अभिनय के लिए देखने की हिम्‍मत आप कर सकते हैं। पूनम पांडे का बोल्‍ड अभिनय देखने की इच्‍छा अगर आप रखते हैं तो बेहतर होगा कि आप उनकी बातें सुनें और ऑनलाइन उनके वीडियो और तस्‍वीरें देख लें।

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Web Title: movie review: nasha
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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