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किन्नर-भिखारी पहचानते थे श्रीदेवी की कार,सिग्नल पर रुकते ही करते थे कुछ ऐसा

श्रीदेवी अब इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन उनसे जुड़ी कुछ बातें एक-एक कर सामने आ रही हैं।

Dainikbhaskar.com | Last Modified - Mar 07, 2018, 03:47 PM IST

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    श्रीदेवी अब इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन उनसे जुड़ी कुछ बातें एक-एक कर सामने आ रही हैं। उनके करीबी उनकी लाइफ से जुड़े कुछ अनछुए पहलू सामने ला रहे हैं। ऐसा ही कुछ सीनियर जर्नलिस्ट जयप्रकाश चौकसे ने किया है। Dainikbhaskar में छपे 'परदे के पीछे' कॉलम में उन्होंने श्रीदेवी से जुड़ी एक दिलचस्प बात शेयर की।मुंबई के भिखारी श्रीदेवी की कार को पहचानते थे...

    'एक दिन बोनी कपूर के घर पर मैं मुलाकात करने गया और मुझे शाम तक एयरपोर्ट पहुंचना था। इत्तफाक से उस दिन बोनी कपूर की कार खराब थी, तो श्रीदेवी के ड्राइवर के साथ एयरपोर्ट की ओर रवाना किया गया। हर ट्रैफिक सिग्नल पर गाड़ी रुकती थी। और बहुत से हिजड़े-भिखारी वहां इकट्ठे हो जाते थे। जिन्हें यह देखकर शॉक लगता था कि श्रीदेवी की कार में श्रीदेवी नहीं हैं। उनकी बातचीत से मुझे मालूम चला कि श्रीदेवी हमेशा इन लोगों को ढेर सारे पैसे दिया करती थीं। श्रीदेवी के मन में ईश्वरीय कमतरी वाले लोगों के लिए बेहद सहानुभूति थी।'

    आगे जानिए श्रीदेवी के बारे में कुछ और बातें...

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    कुछ वर्ष पूर्व श्रीदेवी ने अपने श्वसुर श्री सुरेंद्र कपूर का 75वां जन्मदिन चेन्नई के अपने बंगले में मनाया। सुबह हवन किया गया। रात में दावत दी गई। उस दावत में रजनीकांत और कमल हासन मेजबान की तरह व्यवहार कर रहे थे। हर अतिथि से जाकर पूछते थे कि आपके लिए कोई चीज लाई जाए क्या? बल्कि ट्रे में ड्रिंक्स लेकर मेहमानों की खातिरदारी कर रहे थे। दो सुपर सितारों का यह व्यवहार ही स्पष्ट कर रहा था कि उनके हृदय में श्रीदेवी के लिए कितना गहरा स्नेह है।

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    मिस्टर इंडिया के प्रदर्शन के बाद श्रीदेवी की माताजी की तबियत खराब हो गई। खबर सुनते ही बोनी कपूर चेन्नई चले गए। डॉक्टरों से परामर्श के बाद इलाज के लिए अमेरिका ले जाने की सलाह दे दी गई। बोनी कपूर ने न केवल सारी व्यवस्था की वरन् खुद श्रीदेवी और उनकी माताजी के साथ अमेरिका गए। वहां शल्य क्रिया में की गई एक त्रुटि के कारण श्रीदेवी की माता का निधन हाे गया। शोक की इस घड़ी में बोनी कपूर श्रीदेवी का संबल बने रहे। उन्होंने अस्पताल पर मुकदमा कायम किया। कोर्ट के बाहर समझौता हुआ, जिसके तहत श्रीदेवी को मोटी रकम अदा की गई। संभवत: उन्हीं दिनों उनका प्रेम हुआ होगा। रिश्ता शुरू हुआ सहानुभूति से और प्रेम में बदल गया।

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    कुछ साल पहले श्रीदेवी को एक कार्यक्रम में डांस करना था, उन्होंने अपनी टीम को घर बुलाया। और 15 दिन तक घंटों रियाज करती रहीं। उनसे पूछा गया कि फिल्म में आप यह डांस कर चुकी हैं। शूटिंग के समय आपने बहुत रिहर्सल किए होंगे, अत: आपको रियाज की क्या आवश्यकता है? श्रीदेवी का कहना था कि रियाज निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। हर बार लगता है कि कुछ और बेहतर किया जा सकता था। यह ललक और लगन ही श्रीदेवी काे अन्य सितारों से अलग पहचान दिलाती है।

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