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डायरेक्टर का खुलासा- 78 साल के कादर खान को नहीं मिल रहा फैमिली का सहारा

फिल्म 'हो गया दिमाग का दही' को फौजिया अर्शी ने डायरेक्ट किया है। फिल्म में कादर खान के अलावा ओम पुरी, संजय मिश्रा, राजपाल यादव भी हैं।

Onkar Kulkarni | Last Modified - Jul 25, 2016, 12:01 AM IST

  • मुंबई।फौजिया अर्शी फिल्म इंडस्ट्री की उभरती हुई डायरेक्टर होने के साथ ही डेली मल्टीमीडिया लिमिटेड एंटरटेनमेंट कंपनी की सीईओ हैं। उन्होंने 'हो गया दिमाग का दही' जैसी फिल्म को डायरेक्ट किया है। इस फिल्म के प्रोड्यूसर संतोष भारतीय और खुद फौजिया हैं। फिल्म में कादर खान के अलावा ओम पुरी, संजय मिश्रा, राजपाल यादव, रज्जाक खान, अमिता नांगिया और चित्राशी रावत जैसे कलाकार हैं। इस फिल्म में कादर खान लंबे समय बाद बड़े परदे पर नजर आए। dainikbhaskar.com ने कादर खान को लेकर फिल्म की डायरेक्टर फौजिया अर्शी से बातचीत की। पेश है बातचीत के प्रमुख अंश...

    सवाल - आपने अपनी फिल्म के लिए कादर खान को कैसे मनाया। उनके साथ अपनी फर्स्ट मीटिंग के बारे में बताइए?

    जवाब - मैं जब फिल्म 'हो गया दिमाग का दही' के बारे में सोच रही थी, उस वक्त मेरे दिमाग में कादर खान को लेकर एक इम्पॉर्टेन्ट रोल था। जब मैंने इस बारे में कुछ लोगों से पूछा तो उनका कहना था- उनकी तबीयत ठीक नहीं रहती। इन सबके बीच आखिर मुझे कादर खान से मिलने का मौका मिल ही गया। मैं जब उनसे पहली बार मिली तो मैंने उन्हें अपने प्रोजेक्ट के बारे में बताया। मेरा उत्साह देखकर कादर खान सरप्राइज थे। उन्होंने मुझसे एक सवाल किया- 'फिल्मों के अलावा आपने जिंदगी में क्या किया है'। इस पर मैंने उनसे कहा- जैसे आप पहले एक प्रोफेसर थे ठीक वैसे ही मैं भी एक मैनेजमेंट कॉलेज में प्रोफेसर हूं। उन्होंने मेरी मेहनत की तारीफ करते हुए कहा-अगर मुझे स्क्रिप्ट और डायलॉग पसंद आए तो मैं इस प्रोजेक्ट के बारे में सोचूंगा। मैं बेहद लकी हूं कि वो मेरे प्रोजेक्ट का हिस्सा बनें।
    सवाल - कादर खान की फैमिली के बारे में बताइए। वो कैसे उनकी देखभाल करती है?

    जवाब - कादर खान की फैमिली में उनकी पत्नी अजरा खान के अलावा तीन बेटे सरफराज, शहनवाज और कुद्दुस हैं। लेकिन उनकी फैमिली का कोई भी मेंबर उनका ख्याल नहीं रखता। उनके जो नौकर हैं वही उनकी देखभाल करते हैं। हालांकि उनका तीसरा बेटा कुद्दुस, जो कि कनाडा में रहता है वह ठीक है। फिलहाल कादर खान कनाडा में उसी के साथ हैं।मुझे याद है, पिछले साल उन्हें बाबा रामदेव के आश्रम में इलाज के लिए ले जाया गया था। उनकी सेहत में सुधार हो रहा था। वह व्हीलचेयर पर थे मगर उन्होंने थोड़ा-थोड़ा चलना शुरू कर दिया था। यहां तक कि रामदेव बाबा ने उनके बेटों से कहा था मुझे एक महीना दे दो, कादर खान पूरी तरह चलने लगेंगे मगर उनके दोनों बेटों को तो उन्हें घर वापस ले जाने की पड़ी थी इसलिए पंद्रह दिन में ही उन्हें वहां से वापस ले आए।
    आगे की स्लाइड्स में पढ़ें फौजिया का पूरा Interview...
  • सवाल - कादर खान से आपकी मीटिंग कहां हुई थी?

    जवाब - मैं मुंबई के सांताक्रुज में कादर खान के ऑफिस में मिली थी। उनके ऑफिस में एक रूम हैं, जहां अक्सर वो आराम करते हैं। यह वो जगह है जहां कोई भी उनसे मिल सकता है।
    सवाल - कादर खान ने एग्जेक्टली आपसे क्या कहा कि उन्हें अब फिल्मों में काम करने में दिलचस्पी नहीं है?

    जवाब - कादर खान ने कहा- आजकल फिल्म इंडस्ट्री में नए लोग अपनी तमीज और तहजीब भूल चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अब उन्हें अच्छे रोल भी ऑफर नहीं होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जबसे एक्टिंग में आए हैं तबसे एक पर्टिकुलर रुटीन को फॉलो करते हैं। ऐसे में किसी के लिए वो अपने काम का तरीका क्यों बदलें।
  • सवाल - क्या आपको कादर खान के साथ फर्स्ट डे शूट याद है?

    जवाब - जब वो पहले दिन शूटिंग पर आए तो उनकी तबीयत कुछ खराब थी। वो ठीक से बात नहीं कर पा रहे थे। उनकी मेमोरी भी आती-जाती रहती थी। यहां तक कि उन्होंने मुझसे कहा कि मुझे कोई रिप्लेसमेंट ढूंढ लेना चाहिए। लेकिन मैं तो फिल्म में उन्हीं के साथ काम करना चाहती थी। हालांकि जब एक बार कैमरा ऑन हो गया तो उन्होंने बेहतरीन तरीके से डायलॉग बोलते हुए अपना सीन कम्प्लीट किया। इसके बाद उन्होंने कहा-सरप्राइज होने की जरूरत नहीं है, यही (एक्टिंग) तो मेरी जिंदगी है।
  • सवाल - क्या वो अकेला महसूस नहीं करते?

    जवाब - उन्हें (कादर खान) लगता है कि लोग उन्हें पूरी तरह भूल चुके हैं। खासकर फिल्म इंडस्ट्री के लोग। उन्होंने मुझे बताया कि कोई भी न तो उन्हें फोन करता है और ना ही उनका हाल-चाल जानने की कोशिश करता है। एक बार तो उन्होंने मुझसे कहा- क्या मैंने इस इंडस्ट्री के लिए कुछ भी नहीं किया। उन्होंने बताया कि सिर्फ अमिताभ बच्चन ने उन्हें फोन किया था। एक्चुअली, कादर खान वो शख्स हैं, जिन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में काफी लोगों की हेल्प की है। मुझे याद है एक फंक्शन के दौरान मैं शक्ति कपूर से मिली। उन्होंने मुझे बताया कि एक समय उनके पास सिर्फ खराब फिल्मों के ऑफर आ रहे थे। इसके बाद शक्ति कपूर ने कादर खान को कॉल किया और उनसे कुछ टिप्स और इनपुट लिए। इसके बाद शक्ति कपूर ने धमाकेदार वापसी की थी। यहां तक कि शक्ति कपूर के फेमस डायलॉग 'आओ...' का आइडिया भी कादर खान का ही था। कादर खान को इस बात का भी मलाल है कि उन्होंने इंडस्ट्री के लिए इतना काम किया लेकिन आज तक उन्हें पद्मश्री जैसे सम्मान का हकदार भी नहीं समझा गया।
  • सवाल - इन सबके बीच सेट पर कादर खान कैसे होते हैं। अपने को-स्टार्स के साथ उनका बिहेवियर कैसा रहता था?

    जवाब - सेट पर कादर खान अपने को-स्टार्स रजाक खान, संजय मिश्रा के साथ काफी खुश रहते थे। ये सभी उनकी काफी देखभाल भी करते थे। ब्रेक के दौरान सभी मुगलई फूड, बिरयानी और स्वीट डिशेज रबड़ी और जलेबी का लुत्फ उठाते थे। पूरा माहौल पॉजिटिव (खुशनुमा) होने के बावजूद उनके एटिट्यूड में एक खामोशी रहती थी।
  • सवाल - आप आखिरी बार उनसे कब मिलीं। क्या अब भी आप उनके टच में हैं?

    जवाब - आखिरी बार मैं उनसे करीब दो-तीन महीने पहले तब मिली थी, जब वो कनाडा के लिए जा रहे थे। मैं उनके ऑफिस में तब मिली थी जब वो फिजियोथेरेपी ले रहे थे। हां मैं अब भी उनके टच में हूं। वो मुझे फोन लगाते हैं और पूछते हैं कि अपनी अगली फिल्म कब बना रही हैं। वो ये भी बताते हैं कि वो किसी स्क्रिप्ट को लेकर प्लानिंग कर रहे हैं।
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