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79 साल की उम्र ऐसे दिखने लगे मनोज कुमार, अभी भी करते हैं Smoking

24 जुलाई 2016 को हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के 'भारत कुमार' यानी एक्टर मनोज कुमार 79 साल के हो गए हैं। 'बॉलीवुड भास्कर' की तरफ से आरजे आलोक ने खासतौर से उनके घर पर जाकर इस दिन होने वाले सेलिब्रेशन के बारे में जानने की कोशिश की।

RJ Alok | Last Modified - Jul 24, 2016, 04:35 PM IST

  • मुंबई.24 जुलाई 2016 को हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के 'भारत कुमार' यानी एक्टर मनोज कुमार 79 साल के हो गए हैं। 'बॉलीवुड भास्कर' की तरफ से आरजे आलोक ने खासतौर से उनके घर पर जाकर इस दिन होने वाले सेलिब्रेशन के बारे में जानने की कोशिश की। उनके मुताबिक, इस उम्र में भी मनोज कुमार सिगरेट का कश लगाते हैं। ऐसे ही कुछ अनुभव आरजे आलोक के रहे। जानते हैं खुद उन्हीं की जुबानी...
    जब मैं 'मनोज कुमार' साहब के मुंबई में स्थित 'जुहू' के घर पर पहुंचा तो उनकी पत्नी 'शशि गोस्वामी' वहां कार्यरत लोगों के साथ तैयारी में जुटी हुई थीं। मेरे आने से कुछ देर पहले ही मनोज साहब के कुछ खास दोस्त शिर्डी से प्रसाद लेकर आए थे। पूजा वगैरह भी घर में की गई। घर के हॉल में एक कोने में मनोज साहब की 'व्हील चेयर' और दीवारों पर उनकी अलग-अलग फिल्मों और पर्सनल लाइफ की फोटोज लगी हुई थीं।
    माथे पर टीका, लेकिन आज भी हाथ में सिगरेट
    कुछ देर इंतजार करने के बाद मैंने मनोज साहब से मुलाकात की। 'थ्री पीस' सूट पहनकर मनोज साहब माथे पर टीका लगाए हुए बिस्तर पर आराम कर रहे थे। लेकिन एक बार फिर से एक ही बात मुझे परेशान कर रही थी और वो थी उनकी उंगलियों में सजी हुई 'सिगरेट', जिसने अभी तक उनका पीछा नहीं छोड़ा। 79 वर्ष के हो चुके मनोज साहब ने हाथ मिलाकर मेरा अभिवादन किया। मैंने उन्हें विश किया। उसी क्षण मशहूर राइटर सलीम खान (सलमान खान) का फोन आया और उन्होंने भी उन्हें बर्थडे विश किया।
    बनारस से है रिश्ता
    मनोज साहब ने मुझे शिर्डी से आया हुआ प्रसाद और काजू कतली खिलाई। फिर बातचीत के दौरान उन्होंने आजकल के गीतों के प्रति अपनी राय रखी। उन्होंने कहा - 'आजकल तो यार पता ही नहीं चलता की गीत कौन सा है और सिंगर कौन है? पहले के गीत आज भी याद रहते हैं और दिल में घर कर जाते हैं। थोड़ी देर बाद जब उन्हें मैंने बताया की मैं बनारस का रहने वाला हूं तो उन्होंने कहा - 'बनारस से हमारा बड़ा ताल्लुक है। हमारे पूर्वज वहीं के रहने वाले थे और मुझे लगता है वाराणसी का नाम 'श्री शिव काशी' या 'शिव की काशी' होना चाहिए। हमने प्रधानमंत्री साहब को भी ये बात लिखकर भेजी है। वाराणसी के घाट काफी प्रचलित हैं। बहुत पहले वहां जाना हुआ था।'
    क्यों छुए थे राष्ट्रपति के पैर?

    मैंने दिल्ली में दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड के दौरान जब मनोज साहब के द्वारा राष्ट्रपति के पैर छुए जाने के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा -'ये सब हमारे संस्कार हैं, जो हमने मां-बाप से सीखे हैं।' वहीं, जब फिल्म डायरेक्ट करने की बात की गई तो उन्होंने कहा- 'मैं एक दिलचस्प स्क्रिप्ट 'आर्यभट्ट' पर काम कर रहा हूं। काफी अच्छी कहानी है और जल्द ही डायरेक्टर के तौर पर वापसी करूंगा। यह कहानी मशहूर वैज्ञानिक आर्यभट के जीवन से प्रेरित है जिन्होंने हमें शून्य की महत्ता बताई।'जब मैंने उन्हें ये बताया कि मेरा गीतों के प्रति काफी रुझान है, तब मनोज साहब ने कहा - 'मेरे पास भी कई गीतों के मुखड़े रखे हुए हैं। कभी फुर्सत में आना तो मिल बैठ कर शेयर करेंगे।'
    कई बातें रहती हैं हमेशा याद
    वैसे तो इस दिन मीडिया की तरफ से कोई इंटरव्यू का कार्यक्रम नहीं रखा गया था। यही कारण है कि बस यूं ही कुछ बातचीत करने के बाद एक बार फिर से मैंने मनोज साहब को प्रणाम किया, जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और फिर उनके घर से वापस चला आया। सबसे अच्छी बात ये लगी कि मनोज साहब को कई बातें हमेशा याद रहती हैं। शब्दों के जादूगर हैं, साफ-साफ हिंदी और उर्दू के शब्दों का प्रयोग करते हैं। उनके ललाट पर एक अलग चमक दिखाई देती है। सिर्फ दो बातों ने मुझे काफी परेशान किया। पहली उनके हाथों में सिगरेट और दूसरी इस उम्र में उन्हें होने वाली पीड़ा। मुझसे बातचीत के दौरान भी उन्होंने वहां काम करने वाले लड़के से कहा कि पानी गर्म करके ले आओ, काफी दर्द हो रहा है। बिस्तर पर सूट पहने हुए और पूरी तरह से लेटे हुए मनोज साहब को देखकर यही लगता है कि हरएक इंसान की उम्र में ये समय आता ही है।
    आगे की स्लाइड्स में देख सकते हैं मनोज कुमार की चुनिंदा PHOTOS...
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