यदि आप किसी जुझारू डेंटिस्ट की तरह करण जौहर की फिल्म 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' के स्क्रिप्ट रीडिंग सेशन में बैठते और उसकी कहानी में मौजूद सभी कैविटीज को भरने की ठान लेते, उसमें थोड़ा-सा...
जिंदा-मुर्दा से बचें और हंसें!
जब इस फिल्म के तीन मुख्य किरदारों का सामना पहली बार उन अजीबो-गरीब इंसानों से होता है, जो इस तरह लड़खड़ाते हुए चलते हैं मानो नशे में चूर हों और जिनके पिलपिले...
यह फिल्म देखते समय हमें महसूस होता है कि हम लफंगे शायरों के एक लंबे मुशायरे में आ गए हैं। इस फिल्म का हर किरदार एक शायर है और अपने इस हुनर को आजमाने पर आमादा है। फिल्म की हर लाइन धांसू...
सौवीं सालगिरह पर एक बेहतरीन भेंट
मेरा खयाल है कि इलाहाबाद के सभी लोगों को कहीं न कहीं अमिताभ बच्चन के बारे में यह लगता है कि वे उनके ‘घर के आदमी’ हैं। अनुराग कश्यप की फिल्म का...
लौह पुरुष इस हफ्ते पुरुषोत्तम!
यह एक ऐसी स्पेशल इफेक्ट ब्लास्ट–फेस्ट फिल्म है, जो दर्शकों को दांतों तले अंगुली चबाने को मजबूर कर देती है। पिछले साल आई द एवेंजर्स की ही तरह इस...
स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है
यह फिल्म अल्कोहल की लत से होने वाले खतरों के बारे में है, जैसे कि म्यूजिकल कॅरियर खत्म होने पर आवाज का चले जाना, वगैरह। इससे हमें यह सबक...
इस फिल्म की डायन का नाम डायना है। लगता है कि दो प्यारे बच्चों के पिता (पवन मलहोत्रा) का दिल इस डायन पर आ गया है। यकीनन, यह अच्छी बात नहीं है और इससे बचा जाना चाहिए। वास्तव में सभी...
कमांडो फुस्स हुआ
यदि एक्शन ही एक्शन देखना हो तो एक पूरी फिल्म क्यों देखें, मार्शल आर्ट क्यों न देखें। जब हम इस फिल्म में दो घंटे से भी अधिक समय तक हड्डियों की चरमराहट और हवा में...