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THE OSCARS: तगड़ा है बेस्ट फिल्म का कॉम्पटीशन

ज्योत्सना पंत | Feb 22, 2013, 17:40 PM IST

पहले ऑस्कर नाइट को लेकर कोई सस्पेंस नहीं होता था, क्योंकि विजेताओं के नामों की घोषणा तीन महीने पूर्व ही कर दी जाती थी। धीरे-धीरे इस चलन को बदला गया और विजेताओं की घोषणा अवॉर्ड नाइट को ही की जाने लगी। हालांकि सभी मीडिया हाउसेस को इसकी जानकारी रात 11 बजे तक भेज दी जाती थी। 1940 तक यह पॉलिसी चली, लेकिन इसी वर्ष लॉस एंजिलिस टाइम्स ने अवॉर्ड नाइट से ठीक पहले अपने ईवनिंग एडीशन में विजेताओं के नामों की सूची प्रकाशित कर दी। यह अखबार समारोह में हिस्सा लेने वाले सभी लोगों को मिल चुका था, जिससे इस पूरे कार्यक्रम का मजा पहले ही किरकिरा हो गया। इसके बाद से ही विजेताओं के नाम बंद लिफाफे में रखे जाने लगे और इन्हें लाइव प्रोग्राम में ही खोला जाता है। वर्ष 1941 से लेकर अब तक 2600 से ज्यादा विनर्स के लिफाफे इकट्ठा हो चुके हैं।

पहला ऑस्कर अवॉर्ड समारोह 16 मई 1929 को हॉलीवुड के रूजवेल्ट होटल के बैंक्वेट हॉल में आयोजित किया गया था। इस पहले समारोह में 270 लोगोंे ने हिस्सा लिया था और मेहमानों के टिकट की कीमत पांच डॉलर थी। इसमें 15 ट्रॉफीज बांटी गईं। बतौर एक्टर पहला ऑस्कर जीतने वाले जर्मनी के ट्रेजडी किंग एमिल जैनिंग थे। अपने दूसरे वर्ष में ही ऑस्कर अवॉर्डस ने इतनी प्रसिद्धि पा ली कि लॉस एंजिलिस के रेडियो स्टेशन ने पूरे प्रोग्राम का एक घंटे का लाइव ब्रॉडकास्ट किया। आगंतुकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 16वां ऑस्कर अवॉर्ड समारोह बैंक्वेट हॉल के बजाय पहली बार ग्रॉमैन के चाइनीज थिएटर में आयोजित किया गया। वहीं, 1953 में पहली बार इस समारोह का टीवी पर टेलीकास्ट हुआ, जिसे अमेरिका और कैनेडा के लाखों दर्शकों ने देखा। अवॉर्ड समारोह की कलर ब्रॉडकास्टिंग 1966 में हुई और 1969 से यह इंटरनेशनली ब्रॉडकास्ट हो रहा है।

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Web Title: tough competition in oscar awards ceremony
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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