Home » New Delhi » अधर्म से लडऩे को आते हैं युग पुरुष : धर्मपाल जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में स्मरण की महा

अधर्म से लडऩे को आते हैं युग पुरुष : धर्मपाल

जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में स्मरण की महाराणा प्रताप की शौर्य गाथा

Matrix News | Jun 12, 2013, 06:46AM IST
भास्कर न्यूज -!- फर्रुखनगर
वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में राव धर्मपाल ने कहा कि जब जब धर्म की हानि होती है अधर्म बढ़ता है। तब कोई न कोई युग पुरुष आकर अन्याय, अत्याचार, अधर्म की ताकत से टक्कर लेकर न्याय व धर्म की स्थापना करता है। ऐसे विकट समय में चित्तौड़ के दुर्ग में 1540 ई. में महाराणा प्रताप का जन्म हुआ था। जब भारत में अन्याय व अत्याचार चरम पर था। भारत की गौरवशाली संस्कृति को नष्ट किया जा रहा था। जन्मभूमि व कर्मभूमि चित्तौडग़ढ़ की आजादी के लिए महाराणा जीवनभर मुगलों से लड़ते रहे।
उन्होंने कहा कि चित्तौड़, चेतक, हल्दी घाटी वीर तीर्थ स्थल बन चुके हैं। महाराणा वीरता के दम पर जन-जन के हृदय में बसते हैं। महाराणा प्रताप ने स्वाधीनता की जो जंग लड़ी वह भारतीय स्वाधीनता का प्रतीक बन गई। युवाओं को चाहिए कि वे देश के वीरों की अमरगाथा से प्रेरणा लेकर देश व समाज की उन्नति में भागीदार बनें। राव धर्मपाल ने अपने निजी कोष से महाराणा प्रताप स्मारक स्थल की देखरेख के लिए एक लाख रुपए की राशि प्रबंधन कमेटी को सौंपी। वहीं गांव के विकास के लिए सरकार की ओर से 15 लाख रुपए विकास राशि देने की घोषणा की। इससे पूर्व शकुंतला सिसोदिया ने अपनी कविता के माध्यम से महाराणा प्रताप के जीवन पर प्रकाश डाला। इस मौके पर राजपूत महासभा गुडगांव के अध्यक्ष जतनबीर सिंह राघव, सरपंच सतपाल सिंह, पूर्व सरपंच ईश्वर सिंह, कालियावास के सरपंच मनोहर लाल, धनसिंह चौहान, जिले सिंह, बुढ़ेडा के सरपंच महेंद्र सिंह कंवालिया, सुल्तानपुर के सुशील चौहान, मांकडौला के सरपंच दिनेश ठाकरान उपस्थित थे।
Click for comment
 
विज्ञापन
 
Ethical voting

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

जीवन मंत्र

स्पोर्ट्स

बिज़नेस

जोक्स

पसंदीदा खबरें

फोटो फीचर

 
Email Print Comment