यह कल्पना नहीं सच है। इतिहास में एक ऐसा बंदर हुआ जिसने विश्व युद्ध में भाग लिया और मेडल भी जीता। दक्षिण अफ्रीका के तीसरे ट्रांसवाल रेज़ीमेंट का इस बहादुर जवान बंदर का नाम जैकी था। इसका मालिक अल्बर्ट जब सेना में दाखिल हुआ तो इस बंदर को भी अपने साथ रखने की अनुमति उसे मिल गई।
अल्बर्ट के साथ जैकी भी आर्मी जवानों के बीच लोकप्रिय हुआ। जैकी के सुनने और देखने की ताकत, साथ ही अच्छे व्यवहार को देखकर उसे आर्मी जवान का ड्रेस दिया गया और टोपी भी। जैकी को आर्मी में कोरपोरल का पद दिया गया।
मिस्र के खिलाफ 1916 के युद्ध में अल्बर्ट जब घायल हुआ तो जैकी, डॉक्टर के वहां पहुंचने तक उसकी देखभाल करता रहा। जैकी हमेशा रेजीमेंट का हिस्सा बना रहा। वह नियमित परेड में भी भाग लेता था। युद्ध के मैदान में वह फ्रंटलाईन में रहता था।
युद्ध में जैकी अपना एक पैर खो बैठा। उसे अंतर्राष्ट्रीय लोकप्रियता मिली। 31 जुलाई, 1920 को विश्व युद्ध में अपनी सेवा देने के लिए उसे सिटिजन सर्विस मेडल से सम्मानित किया गया।