मिस वर्ल्ड कॉन्टेस्ट और विवादों का है चोली-दामन का साथ!
Agency | Aug 18, 2012, 15:31PM IST

गौरतलब है कि चीन और नार्वे के रिश्तों में उस वक्त कड़वाहट आ गई थी जब ओस्लो स्थित नोबेल समिति ने 2010 का नोबेल शांति पुरस्कार चीन के विद्रोही नेता लियु जियाओबो को देने का फैसला किया था।
चीन के सान्या शहर में आयोजित एक रंगारंग समारोह में अमेरिका की 18 वर्षीय एलेक्जेंड्रिया मिल्स को ‘मिस वर्ल्ड’ चुना गया, लेकिन मिल्स के जश्न में उस वक्त रंग में भंग पड़ गया था, जब नार्वे द्वारा यह दावा किया गया कि उसकी सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धी मिस नार्वे को साजिश के तहत बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
प्रतियोगिता में करीब से जुड़े लोगों को यह देखकर काफी ताज्जुब हुआ था कि 23 साल की मिस नार्वे मैरियन बिर्केडल को ‘टॉप फाइव’ में भी जगह नहीं मिल सकी। जानकारों का मानना था कि जजों ने बीजिंग के दबाव में आकर ऐसा किया।






