यह कहानी एक अमेरिकन डॉक्टर की है, जो अपने जमाने के मशहूर फिजिशियन रहे। नाम था उनका थॉमस सेवाल। अगस्त 1812 में हार्वार्ड मेडिकल स्कूल से ग्रेजुएशन करने के बाद मेडिसिन की प्रैक्टिस करने लगे।
मैसाच्युसेट्स में 1819 में उनको कब्र से कई लाशें चुराने के अपराध में गिरफ्तार कर लिया गया। उन चुराए गए लाशों में कुछ उनके अपने मरीजों के थे। थॉमस उन लाशों को लाकर उसकी चीड़-फाड़ कर रिसर्च करते थे।
दोष साबित होने के बाद उनको मैसाच्युसेट्स छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। वे वाशिंगटन चले आए और 1825 में कोलंबियन कॉलेज के मेडिकल डिपार्टमेंट में एनाटोमी को प्रोफेसर बने।
सबसे रोचक बात ये है कि 1827 में उन्होंने कॉलेज के स्टुडेंटों को नैतिक आचरण पर लंबा भाषण दिया जिसमें उन्होंने कब्र से लाश चुराने की कोई चर्चा नहीं की।