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शहज़ादी की तरह रचाऊंगी स्वयंवर

 
Source: रोहित तिवारी   |   Last Updated 11:28 AM (19/12/2011)
 
 
 
 
पाकिस्तान की रहने वाली वीना मलिक ने भारत में अपनी पहचान ‘बिग बॉस ४’ से बनाई। इसके बाद वीना को बॉलीवुड के ऑफर तो कई मिले, मगर उन्हें ठुकरा कर वह कुछ समय के लिए गायब हो गई थीं। फिर ‘क्रिकेट वर्ल्ड कप’ से संबंधित ‘इंडिया टीवी’ के एक कार्यक्रम को होस्ट करने के लिए वह इंडिया वापस आईं और तब से लेकर आज तक किसी न किसी सिलसिले में उनका यहां आना-जाना लगा रहा है। बहरहाल, वीना जल्द ही दर्शकों को ‘इमेजिन’ पर आने वाले बहुचर्चित शो ‘स्वयंवर’ के चौथे सीजन ‘वीना का विवाह’ में नजर आएंगी।



हाल ही में वीना से मुलाकात में कुछ पर्सनल और प्रोफेशनल बातें हुईं:



‘बिग बॉस ४’ को लेकर आपके देश में आपकी काफी आलोचना हुई थी!



इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं कहूंगी। वहां जिन लोगों को ‘बिग बॉस ४’ के बारे में सही-सही जानकारी नहीं थी, वहां पहुंचने पर जब मैंने इस शो के बारे में उन्हें विस्तार से समझाया तब उनके मन में मेरे लिए जो गलतफहमियां थीं, वे दूर हो गईं।



‘स्वयंवर 4’ में कोई पाकिस्तानी लड़का भी पार्टिसिपेट कर रहा है?



मैं तो चाहती हूं कि इस शो में दुनिया भर से लोग आएं, ताकि मैं ज्यादा से ज्यादा लोगों में से अपना एक मिस्टर राइट चुन सकूं। ‘इमेजिन’ टीवी का यह शो ऐसा है कि इसमें कोई भी लड़का अपनी गलतियों को छिपा नहीं सकता, यानी सच्चई सामने आ ही जाती है। मेरे हिसाब से यह शो अपना चुनिंदा वर ढूंढ़ने के लिए बहुत ही नायाब प्लेटफॉर्म है। मैं तो वाकई चाहती हूं कि मेरे देश से भी कोई लड़का पार्टिशिपेट करने के लिए आए, लेकिन मुझे अभी पता नहीं है कि पाकिस्तान से कोई आ रहा है या नहीं।



‘स्वयंवर’ के पिछले सीजन में अभी तक जिन लड़कियों ने पार्टिसिपेट किया है, उनमें से किसी ने भी रियल लाइफ में शादी नहीं की है तो क्या आप भी कुछ ऐसा ही करने वाली हैं?



शो में लोगों ने पहले क्या किया है, इससे मुझे कोई मतलब नहीं। मैं इस शो में क्या करने वाली हूं, यह भी मैं पहले से नहीं बता सकती.. अन्य लोगों से मैं कुछ हटकर भी कर सकती हूं। आज ‘स्वयंवर’ में जो हो रहा है, ऐसा मौका पुराने जमाने में सिर्फ शहजादियों को ही मिलता था। आज के जमाने में तो लड़कियों को सिर्फ़ तीन-चार लड़कों में ही अपना जीवन साथी चुनना पड़ता है।



क्या आप भारतीय हिंदू लड़के से शादी करना पसंद करेंगी? ऐसा हुआ तो क्या आपके देश में इसका कोई विरोध तो नहीं होगा?



मैं तो सिर्फ़ इंसान की इंसानियत से मोहब्बत करना चाहती हूं। मेरे लिए यह मायने नहीं रखता कि वह किस मुल्क से है या उसका मजहब क्या है! बात रही विरोध की तो यह मेरी निजी जिंदगी है, इसके लिए मैं किसी और के फ़ैसले की ज़रूरत भी नहीं समझती। हां, मैं इस बात का ध्यान ज़रूर रखती हूं कि मुझसे कुछ गलत तो नहीं हो रहा है।



शिवसेना और मनसे जैसी राजनैतिक पार्टियों से बचने के लिए आपने महाराष्ट्रियन बच्ची गोद ली है?



ऐसा तो कुछ भी नहीं है। मैं 2005 से चैरिटी ट्रस्ट के साथ काम रही हूं। इंडिया वालों के लिए शायद ये सब नया हो, लेकिन मैं पाकिस्तान में भी समाजसेवी संस्थाओं से जुड़ी रही हूं और ‘डब्ल्यूएचओ’ (वर्ल्ड हैल्थ ऑर्गेनाइज़ेशन) के साथ भी मैंने कई दिनों तक काम किया है। इसके लिए पाकिस्तान सरकार ने मेरे काम की सराहना भी की है। एक बार पाकिस्तान में भूकंप आया था, जिसमें कई बच्चे बेघर हो गए थे। उनमें से मैंने दो बच्चों को गोद लिया था। इसी तरह मैंने इंडिया से बच्ची को गोद लिया है। मैं इस काम को सही समझती हूं, इसलिए मैं भविष्य में अन्य देशों से भी बच्चों को गोद लेना चाहूंगी।
 
 
 
 
 
 
 
 
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