स्वर्ण भवन में शोक
bhaskar network
| Apr 09, 2012, 12:30PM IST

रवाना होता है।
अचानक करण की कार का एक्सीडेंट होता है और करण व आभा को छोड़कर उसमें मौजूद सभी औरतें मारी जाती हैं।दूसरी ओर, स्वर्ण भवन में स्वर्ण जयंती के लिए जोरशोर से तैयारियां चल रही हैंकि तभी सबकी डेड बॉडी वहां पहुंचती है।
यह देख घर के सभी सदस्य भौंचक्के रह जाते हैं। उधर शांत स्वभाव के डॉ.वीरेंद्र अपनी पत्नी के साथ हुए हादसे का जिम्मेदार करण व आभा को मानते हैं और स्वभाव से चिड़चिड़े हो जाते हैं।इसके बाद आभा और डॉ. वीरेंद्र का आमना-सामना होता है।







