सतीश बने रेपिस्ट, किया अपनी ही बेटी का रेप

सतीश ने अपने कॅरियर में कई तरह कि भूमिका निभाई है, पर इस तरह का घिनौना रोल इससे पहले उन्होंने कभी नहीं किया है। नागेश कुन्नूर की ये नई फिल्म 'लक्ष्मी' ह्युमन ट्रफिकिंग पर आधारित है, जिसमें सतीश एक बुरे व्यक्ति के किरदार में है, जो एक 20 साल की लड़की का रेप करता है और उसे वेश्यावृति में ढकेल देता है।
शिकार के रोल में मोनाली ठाकुर है, जो इंडियन आइडल-2 की फाइनलिस्ट में से एक रह चुकी है। उन्होंने बाद में अब्बास मस्तान की फिल्म रेस में कैटरीना के लिए जरा जरा गा कर पार्श्व गायक के रूप में पॉपुलरिटी बटोरी थी।
सतीश इस भयावह रोल को करने से थोड़ा परेशान है, क्योंकि कूछ समय पूर्व ही वे एक बेटी के पिता बनें है। सतीश कहते है , "मैं मानता हुँ कि ये एक बहुत गन्दा कैरेक्टर हैं।मैं विलेंन से लेकर कॉमेडियन के हर के रोल पसंद करता हूं और नागेश कुन्नूर ने ह्यूमन ट्रैफिकिंग पर बहुत ही संवेदनशील और इमोशनल फिल्म लिखी है।ये एक युवा लड़की की
कहानी जिसे वेश्यावृति करने पर मजबूर किया जाता है, फिर वह उन अत्याचारियों के खिलाफ अदालत में लड़ती है और उन्हें दोषी साबित करती है।"
सतीश ने कहा, इस चरित्र को निभाना एक गन्दा काम है, पर किसी को तो ये करना होगा। मुझे कहानी इसलिए पसंद है, क्योंकि कहानी में लड़की को न्याय मिलता है।सामान्यतया वेश्यावृति में ढकेली गई लड़कीयाँ डर के कारण चुप्पी साध लेती है।ये लड़की अदालत तक जाती है,और उस आदमी के खिलाफ गवाही देती है। मैं उसकी प्रशंसा करता हुँ। मेरा किरदार रेड्ड़ी वाकई में घिनौना है,एक बेटी का पिता होने के कारण, मैं इससे और नफरत करता हूं, पर क्या कर सकते है, एक एक्टर का काम ही है हर तरह के किरदार को निभाना, फिर चाहे वो कैसा भी इंसान हो।
ये फिल्म आंन्ध्रप्रदेश में कुछ समय पूर्व घटी एक सच्ची घटना पर आधारित हैं और सतीश इस जघन्य अपराध को करने वाले अपराधी से भी मुलाकात कर चुके है।







