नई बोतल में पुरानी शराब की तरह है विवेक ओबेराय स्टारर फिल्म 'जयन्ताभाई की लव स्टोरी'। मुंबई की पृष्ठभूमि में बनाई गई यह फिल्म जयन्ता नाम के एक मामूली गैंगस्टर की लव स्टोरी है। वह अपने पड़ोस में रहने वाली सिमरन से प्यार करता है। यह भूमिका नेहा शर्मा ने निभाई है।
वह एक वेल एजुकेटेड लड़की है और मंदी के इस दौर में एक नये जॉब की तलाश में है। सिमरन किस तरह अविश्वसनीय रूप से इस गैंगस्टर के प्यार में पड़ जाती है, यही इस फिल्म की कहानी है।
इस फिल्म का प्लॉट अल्ट्रा बोरिंग किस्म का है। किसी तरह का नयापन नहीं दिखाई पड़ता। इससे भी ज्यादा जो बात परेशान करने वाली है, वह है बहुत ही कमजोर स्क्रीन-प्ले। यह समझ में नहीं आता कि एसपी एलेक्स पांडियान जिसकी भूमिका नासर ने निभाई है, जेल में क्यों जाता है।
जयंत का हर बार सिमरन को बचाने आना 90 के दशक की उन फिल्मों की याद दिला देता है जब हीरो हीरोइन को इंप्रेस करने का कोई मौका नहीं चूकते थे।
फिल्म में कॉन्टयूनिटी की भी कमी है। विवेक जहां एक सीन में क्लीन शेव दिखाई देते हैं, तुरंत ही उनके चेहरे पर हल्की दाढ़ी उगी दिखाई देती है। नेहा शर्मा आकर्षक लगी हैं, पर कई मौकों पर उन्होंने ऐसी ड्रेस पहनी है कि उनका लुक अजीब लगता है।
इस सबके बावजूद विवेक ओबराय ने अच्छा अभिनय किया है। नेहा शर्मा ने भी अपनी भूमिका काबिले-तारीफ निभाई है, पर नासर और जाकिर हुसैन जैसे टैलेन्टेड एक्टर्स कुछ खास कर नहीं पाए।
कुल मिलाकर, 'जयंताभाई की लव स्टोरी' कुछ खास नहीं है, विशेषकर 'मर्डर 3' की रिलीज को देखते हुए जिसे भट्ट फैमिली के सबसे लेटेस्ट विशेष भट्ट ने डायरेक्ट किया है।