एक बार का वाकया है जब वे बीमार पड़े। तब एक कॉलेज के ग्रुप ने उनकी तस्वीर पर बर्फ की थैली से सिंकाई की ताकि बुखार जल्दी उतर जाए। एक बार उनकी आंख में इंफेक्शन हो गया तो लड़कियों ने आईड्रॉप खरीदकर उनके पोस्टर पर ही लगाया। राजेश खन्ना की इन फिल्मी पत्रिकाओं में छपी तस्वीरें लड़कियों के कमरों, किताबों के पन्नों के बीच या तकिए के नीचे शोभा बढ़ातीं। वहीं लड़के राजेश खन्ना की तरह हेयर स्टाइल अपनाते या राजेश खन्ना की तरह से कपड़े पहनने की कोशिश करते। मतलब साफ है कि संचार के बहुत सीमित साधनों के बावजूद आज से करीब चार दशक पहले राजेश खन्ना देश को अपना दीवाना बना चुके थे। राजेश खन्ना को रोमांटिक हीरो के रूप में बेहद पसंद किया गया। उनकी आंख झपकाने और गर्दन टेढ़ी करने की अदा के लोग दीवाने हो गए। राजेश खन्ना द्वारा पहने गए गुरु कुर्त्ते खूब प्रसिद्ध हुए। इस बात से राजेश खन्ना पूरी तरह वाकिफ थे कि उनकी लोकप्रियता किस मुकाम तक पहुँच चुकी है... और वे स्वयं को आत्ममुग्ध होने से नहीं बचा पाए।