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MOVIE REVIEW:'मर्डर 3'

dainikbhaskar.com | Feb 15, 2013, 17:56PM IST
MOVIE REVIEW:'मर्डर 3'
Genre: सस्पेंस थ्रिलर
Director: विशेष भट्ट
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Plot: अगर आप रियलटी टीवी के शौक़ीन हैं तो आपको विशेष भट्ट की 'मर्डर 3','बिग ब्रदर'(भारतीय संस्करण बिग बॉस)और 'इमोशनल अत्याचार' में समानता पहचानते बिलकुल देर नहीं लगेगी।

अगर आप रियलटी टीवी के शौक़ीन हैं तो आपको विशेष भट्ट की 'मर्डर 3','बिग ब्रदर' (भारतीय संस्करण बिग बॉस) और 'इमोशनल अत्याचार' में समानता पहचानते बिलकुल देर नहीं लगेगी।


आप सोच रहे होंगे कैसी समानता? तो आपको बता दें कि अपने पार्टनर की लॉयल्टी परखने और सीक्रेट रूम की समानता जो आजकल के रियलटी शो में खूब दिखाया जा रहा है। फिल्म देखने के लिए अगर आप अपने बिजी शेड्यूल से कुछ वक्त निकाल कर सिनेमाघर तक जा रहे हैं तो आपको कुछ खास हाथ लगने वाला नहीं है।


 हां, जब आपको यह लगने लगता है कि फिल्म में कोई खास दम नहीं तो अचानक कुछ डरावने सीन्स से आपको बांधे रखने की कोशिश की जाती है।


वैसे जो दर्शक इंटरनेशनल सिनेमा में रुचि रखते हैं और जिन्होंने स्पेनिश थ्रिलर फिल्म 'द हिडन फेस'  देखी है वह यह फिल्म देखकर समझ जाएंगे कि विशेष भट्ट ने कितने शानदार ढंग से उस फिल्म को देसी अंदाज में हुबहू उतार दिया है। ईमानदारी से कहा जाये तो फिल्म में ऐसा कोई दृश्य नहीं जहां दर्शक उबने को मजबूर हो जाये।

यह फिल्म कहानी है विक्रम (रणदीप हुड्डा) की जो पेशे से एक वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर है (जो पहले साउथ अफ्रीका में रहता है, मगर अब मुंबई शिफ्ट हो गया है)।


उसकी गर्लफ्रेंड का नाम रोशनी (अदिति राव हयादरी) है। रोशनी को विक्रम की वफादारी पर शक है और वह उसे एक दिन एक वीडियो मैसेज के जरिए यह बात बता देती है और उसे छोड़कर चली जाती है।


 विक्रम उसके ऐसा करने से परेशान हो जाता है मगर उसे कुछ गड़बड़ भी लगती है। वह पुलिस में रोशनी के बिना बताए जाने की शिकायत दर्ज कराता है।


पुलिस रोशनी के गायब होने पर उलटा उसी के इरादों पर शक करती है, मगर वह इसकी परवाह नहीं करता और रोशनी को ढूंढने लग जाता है।



मगर जैसे ही आपको लगता है कि विक्रम एक वफादार पार्टनर है, वह आपको निराश कर तगड़ा झटका देता है। उसकी  मुलाकात बार में काम करने वाली निशा (सारा लॉरेन) से होती है और वह उसके प्यार में पड़ जाता है। इसके बाद एक ट्विस्ट तब आता है जब विक्रम को पुलिस गिरफ्तार कर लेती है।


इसके बाद फिल्म में कई उतार-चढ़ाव आते हैं, जो फिल्म में सस्पेंस, टेंशन क्रियेट कर देते हैं। इसके बाद आप आगे क्या होने वाला है, यह देखने के लिए उत्साहित हो जाते हैं।


जहां तक रणदीप हुड्डा की एक्टिंग का सवाल है तो इस फिल्म में वह कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाए। वहीं, सारा में भी भविष्य के लिए कोई बहुत संभावना नजर नहीं आती।


अदिति का काम अच्छा है। कुल मिलाकर कहा जाये तो फिल्म वन टाइम वॉच है, जिसके थ्रिल्स आपको बांधे रखने में कामयाब होते हैं।

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