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मूवी रिव्यू- इशकज़ादे

dainikbhaskar.com | May 11, 2012, 19:53PM IST
 
 

  • User Rating:
  • Critic Rating:
    (3/5)
  • Star Cast:
    अर्जुन कपूर, परिणीति चोपड़ा
  • Director:
    हबीब फैसल
  • Producer:
    आदित्य चोपड़ा
  • Music Director:
    अमित त्रिवेदी
  • Genre:
    रोमांस

कहानी

इस फिल्म को देखने के बाद आपको कमल हासन और रति अग्निहोत्री की 'एक-दूजे के लिए' याद आ जाएगी। इसमें उत्तर भारत के एक छोटे शहर की प्रेम कहानी है।
परमा(अर्जुन कपूर) और जोया(परिणीति चोपड़ा) के परिवारों के बीच दुश्मनी है। दोनों इसी रंजिश के वातावरण में पलकर बड़े होते हैं। ऐसे माहौल में दोनों एक-दूसरे से नफरत करते हैं, लेकिन बाद में वह प्यार करने लगते हैं।
'इशकज़ादे हैं जितने फसानों में, मिलते हैं कहां अब जहानों में।' यह इस फिल्म का टैगलाइन है। खूनी रंजिश और बदले की भावना के बीच परमा और जोया का प्यार कैसे पनपता है और इसका क्या अंजाम होता है, यही इस फिल्म की कहानी है।
 
स्टोरी ट्रीटमेंट-इस फिल्म में रोमांस के साथ भरपूर एक्शन है। इंटरवल के बाद यह फिल्म बहुत रोचक हो जाता है। कहीं-कहीं इसमें सुस्ती भी आती है तो अर्जुन और जोया की केमेस्ट्री वहां भी फिल्म का रोमांच बनाए रखती हैं। यशराज की अन्य फिल्मों की तरह इसका क्लाइमेक्स शानदार है।
 
स्टार कास्ट-अर्जुन कपूर और परिणीति चोपड़ा ने इस फिल्म में जबर्दस्त एक्टिंग की है। अर्जुन की यह पहली फिल्म है और उनमें काफी विश्वास दिखा है। इसमें दोनों की केमेस्ट्री बहुत अपीलिंग है। गौहर खान अपने छोटे से रोल में प्रभाव छोड़ पाने में सफल होती हैं।
 
डायरेक्शन-एक सेंसिटिव सब्जेक्ट को हबीब फैसल ने बेहतरीन डायरेक्शन दिया है। स्टार कास्ट से अच्छी एक्टिंग करवाने में वह सफल रहे।
 
डायलॉग्स/सिनेमेटोग्राफी/म्यूजिक- डायलॉग्स में उत्तर भारत में बोली जाने वाली भाषा का फ्लेवर है। यही ठेठ अंदाज इस फिल्म की जान हैं और कैरेक्टर्स को चमकदार बनाते हैं। सिनेमेटोग्राफी बेहतर है, खासकर गन फाइरिंग सीन्स में।
इस फिल्म के सॉंग्स अच्छे हैं और फिल्म की कहानी को आगे बढ़ाते हैं। 'छोकरा जवान', 'परेशान' और 'आफतों के परिंदे' में देसी बीट के साथ खूबसूरत रोमांस है।
 
क्यूं देखें-परिणीति चोपड़ा और अर्जुन कपूर के शानदार पर्फॉर्मेंस के लिए इस फिल्म को देखना चाहिए। इस फिल्म का क्लाइमेक्स देखने लायक है। उत्तर भारत की पृष्ठभूमि में बनी यह फिल्म मल्टीप्लेक्सेस के दर्शकों को शायद ना पचे।

 
 
 

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