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मूवी रिव्यूः बिट्टू बॉस

dainikbhaskar.com | Apr 15, 2012, 13:41PM IST
 
 

  • User Rating:
  • Critic Rating:
    (1/5)
  • Star Cast:
    पुलकित सम्राट, अमिता पाठक
  • Director:
    सुपवित्र बाबुल
  • Producer:
    कुमार मंगत और अभिषेक पाठक
  • Music Director:
    राघव साचर
  • Genre:
    ड्रामा

कहानी

पंजाबी कल्चर को लेकर बॉलीवुड में बहुत फिल्में बनती हैं और उसी तरह के पुराने फॉर्मूले पर इस फिल्म की कहानी गढ़ी गई है। इसकी कहानी है एक वीडियो शूटर की, जो मिड्ल क्लास पंजाबी शादियों में कैमरा लेकर जाता है। वहां वह ना सिर्फ शादी की शूटिंग करता है बल्कि उस इवेंट में कहां-क्या कैसे होना चाहिए, इन सबमें शामिल होता है। जैसा कि सभी फिल्मों में होता है, इसमें भी बिट्टू बॉस को एक लड़की से लव होता है और आखिर में उसका प्यार सफल होता है। इसमें पंजाबी शादी की वही सारी बातें रिपीट की गई हैं, जो अमूमन इस तरह की फिल्मों में दिखाया जाता है। कहानी में मौलिकता का घोर अभाव है।
 
स्टोरी ट्रीटमेंटःस्क्रीन पर सेंसर बोर्ड का सर्टिफकेट दिखने के ठीक बाद सलमान को इस फिल्म में स्पेशल थैंक्स दिया गया है। सलमान को सच में थैंक्स मिलना चाहिए क्योंकि उन्होंने एक ऐसी फिल्म का साथ दिया जिसकी स्टोरी ठीक से नहीं लिखी गई है।
 
इस फिल्म को और बेहतर ट्रीटमेंट की जरूरत थी। एक ऐसी फिल्म जिसमें फ्रेश चेहरों को लिया गया हो, ऐसे में इसे एक दमदार स्टोरी की जरूरत थी जो दर्शकों को थिएटर तक खींचकर लाए। ऐसा करने में यह फिल्म असफल है।
 
स्टार कास्टःइस फिल्म के हीरो पुलकित सम्राट ने साधारण एक्टिंग की है। रणबीर सिंह की एक्टिंग बेहतर है। अपने होम प्रोडक्शन की फिल्म में अमिता पाठक काम कर रही हैं। अमिता को अभी अपनी एक्टिंग में बहुत सुधार की जरुरत है।
 
निर्देशनःजब दैनिक भास्कर डॉट कॉम के मुंबई ऑफिस में बिट्टू बॉस की टीम आई थी तो उनके साथ इस फिल्म के डायरेक्टर सुपवित्र बाबुल भी थे। उन्होंने बताया था कि इस फिल्म का डायरेक्टर बनने से पहले वह खुद कैमरामेन थे। इतने अनुभवों को बाद भी सुपवित्र इस फिल्म का बेहतर डायरेक्शन नहीं कर पाए। नए चेहरों से अच्छी एक्टिंग करवाने में भी वह असफल रहे हैं।
 
म्यूजिक/डायलॉग्स/सिनेमेटोग्राफी/एडीटिंग:इस फिल्म को देखने के बाद अगर कुछ याद रह जाता है तो वह है इसका म्यूजिक। इस फिल्म के दो गाने मेलोडियस और चार्टबस्टर्स हैं। डायलॉग उसी तरह के पंजाबी स्टीरियोटाइप किस्म के हैं। सिनेमेटोग्राफी औसत स्तर का है और इंटरवल के बाद कहानी के शिमला शिफ्ट होने के बाद ही वह बेहतर दिखती है। एडीटिंग भी निराश करती है।
 
क्यूं देखें:फ्रेश चेहरे वाली फिल्में देखने के शौकीन इस फिल्म का टिकट बुक करा सकते हैं। इस पंजाबी कल्चर वाली फिल्म में साथ में सुपरहिट म्यूजिक सुनने-देखने को मिलेगा। इसमें 'बिकी' नाम का कैरेक्टर है, जिसके फ्रेश जोक्स से आप जरूर हसेंगे।

 
 
 

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