सदियों के अन्याय से पीड़ित मनुष्य
जयप्रकाश चौकसे
| Oct 18, 2012, 10:11AM IST
किसी भी व्यक्ति को अछूत मानना मानवीय धर्म के विपरीत है। यह केवल भारत की समस्या नहीं है, अमेरिका में रेड इंडियंस ने अन्याय सहा, श्वेत-अश्वेत के भेद ने वहां भी अनर्थ किया है। अंतर केवल यह है कि भारत में यह अत्यंत व्यापक है और समय के साथ इसमें कोई परिवर्तन नहीं हुआ है, क्योंकि यहां धर्म के ताने-बाने में इसे बुना गया है और बकौल मिथुन द्वारा 'ओह माय गॉड' में अदा किए गए संवाद कि धर्म का नशा अफीम की तरह है, जिसकी लत कभी नहीं छूटती।
पढें, दारुल उलूम की नजर में सैफ-करीना की शादी नाजायज
पढ़ें, सैफ-करीना की शादी के बहाने बॉलीवुड में रिश्तों की हकीकत








