छोटे पर्दे की बेग़म बनना चाहती हूं: हुनर हैली
रोहित | May 19, 2012, 15:35PM IST

पहले तो आप अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में बताइए!
मैं दिल्ली की रहने वाली हूं और वहीं से स्कूलिंग की है। इसके बाद मैं ‘बैचलर्स ऑफ मीडिया’ में ग्रेजुएशन करने के लिए सिडनी चली गई। सेमेस्टर ब्रेक के दौरान मैं मुंबई आई तो यहां पर ‘स्टार प्लस’के धारावाहिक ‘गृहस्थी’ के लिए ऑडिशन चल रहा था।
मजाक-मजाक में मैंने इस धारावाहिक के प्रोड्यूसर संजय वाधवा को अपना ऑडिशन दिया और सिलेक्ट हो गई। फिर मैं अपने एक्टिंग करियर में इतनी ज्यादा बिज़ी हो गई कि कोर्स कंपलीट करने के लिए वापस सिडनी नहीं जा सकी। बहरहाल, मेरे पिताजी का स्वर्गवास हो चुका है और इस समय मैं मुंबई में अपनी मां, भाई व दादा जी के साथ
रह रही हूं।
आपको लीड रोल के लिए कितना इंतजार करना पड़ा?
ईश्वर का आशीर्वाद है कि मैं जब से अभिनय जगत में आई हूं, तब से मुझे एक के बाद एक धारावाहिक मिलते गए। लेकिन मेन लीड रोल पाने के लिए मुझे पांच साल का लंबा इंतजार करना पड़ा। ‘छल-शह..’ में नेहा का रोल पाकर मैं काफी ख़ुश हूं।
ख़ैर, धारावाहिक में आगे क्या होने वाला है?
नेहा को पता चल चुका है कि उसका असली पति ऋषि जिंदा है। लेकिन वह अभी भी अदिति बनकर कबीर के घर में रह रही है। दरअसल, सभी लोग नेहाको कबीर की पत्नी अदिति समझ रहे हैं। दूसरी ओर,परिवार वालों का मानना है कि अदिति व कबीर की शादी किसी अपशकुन घड़ी में हुई थी, जिसकी वजहसे आए दिन अदिति को कोई न कोई परेशानी होतीरहती है और घर में क्लेश का माहौल बना हुआ है।
ऋषि को असली पति साबित करने के लिए आपको यानी नेहा को कैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है?
थ्रिलर शो होने की वजह से मुझे हर रोज़ किसी नई चुनौती का सामना करना पड़ता है। बात रही ऋषिको पाने की तो नेहा आजकल कबीर के यहां रह तो ज़रूर रही है, लेकिन वहां पर उसे कबीर की वजह से घुटन-सी महसूस हो रही है।
दरअसल, ख़ुद की फैमिली न होते हुए भी नेहा को अपनी फैमिली होने का दिखावा करना पड़ रहा है। नेहा माता रानी परभरोसा करके कबीर के घर में सिर्फ़ इसलिए रुकी है, ताकि किसी भी तरह ऋषि की जान न जाए और वह सलामत रहे।
थ्रिलर सीरियल में काम करने का अनुभव किस तरह अलग है?
यह शो अन्य धारावाहिकों से काफ़ी हट कर है। थ्रिलर शो होने की वजह से मुझे पता ही नहीं चलता कि आगेक्या होने वाला है। ख़ैर, मैं इस धारावाहिक में काम करके ख़ूब एंज्वॉय कर रही हूं।सुना है, इसके कई एपिसोड गढ़वाल में शूट हुहैं।
गढ़वाल की बर्फीली वादियों में शूटिंग करना कैसा लगा?
वहां का मौसम बहुत सुहावना है। जिधर देखो, उधर बर्फ़ ही बर्फ़ नज़र आती थी। इतनी ठंडक होने के बावजूद मुझे बग़ैर ऊनी कपड़ों के, साड़ी में ही शूटिंग करनी पड़ी, जिसमें थोड़ी-बहुत दिक्कत ज़रूर हुई। लेकिन
मैंने गढ़वाल में रहकर जमकर मौज-मस्ती की, जिसे जिंदगी भर याद रखूंगी।
साथी कलाकारों के बारे में क्या कहना चाहेंगी?
अभिषेक मलिक (ऋषि) और अविनेश रेखी (कबीर)बड़े मेहनती हैं। ये दोनों सेट पर इस बात का जरा भी अहसास नहीं होने देते कि वे अभिनय क्षेत्र में नए हैं।इनमें किसी भी तरह का कोई ईगो नहीं है। सेट पर
सभी लोग काफ़ी हेल्पफुल नेचर के हैं और किसी मेंकोई भेदभाव नहीं है।
क्या आपने फ़िल्मों में भी आने का विचार बना रखा है?
(हंसते हुए) न बाबा.. कभी नहीं। मुझे बड़े पर्दे पर आने का कोई शौक नहीं है। मैं बस टीवी में ही अपना अलग मक़ाम बनाना चाहती हूं। मैंने शुरुआत से ही सिर्फ़ टीवी पर ध्यान केंद्रित कर रखा है। अब तो बस मेरी एक ही दिली तमन्ना है कि जैसे आज शाहरुख ख़ान फिल्मों के बादशाह हैं, वैसे ही आगे आने वाले समय में मैं टीवी की बेगम बनूं।





