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हर बार कुछ नया करने की ख्वाहिश: देबीना

 
Source: रोहित तिवारी   |   Last Updated 5:30 PM (28/01/2012)
 
 
 
 
देबीना कहती हैं- 'देखा जाए तो मेरा नेचर भी कुछ अलग है। मैं एक चीज़ को ज्यादा दिनों तक नहीं कर सकती। मुझमें हर बार कुछ नया करने की लालसा रहती है, इसीलिए मैंने अपना कैरियर एक्टिंग में बनाया'। देबीना ने तेलुगू, तमिल और कन्नड़ जैसी क्षेत्रीय फिल्मों में भी अभिनय का प्रदर्शन किया है...





कत्थक डांसर होने के साथ ही 'इमेजि़न' पर 'रामायण' में सीता के किरदार से दर्शकों के दिलों पर राज़ करने वाली देबीना इसी चैनल पर 'पति पत्नी और वो' में काम करने के अलावा 'जोर का झटका' जैसे रियलिटी शो में भी पार्टिशिपेट कर चुकी हैं। वे 'ज़ीटीवी' पर प्रसारित हो चुके 'स्टार या रॉक स्टार' में भी दर्शकों को अपनी गायन प्रतिभा का जौहर दिखा चुकी हैं। बहरहाल, देबीना मौजूदा समय में 'सब' टीवी पर प्रसारित हो रहे धारावाहिक 'चिडिय़ाघर' में मयूरी का किरदार निभा रही हैं। आइए जानते हैं, देबीना से जुड़ी कुछ बातें:



आप कुछ अपने बारे में बताइए?



मैंने अभी हाल ही में एक्टर गुरमीत चौधरी से शादी की है। मेरी मम्मी घरेलू महिला हैं और पापा बिज़नेस करते हैं। मेरा भाई अमिताभ एमबीए कम्प्लीट करके जॉब कर रहा है। पापा तो कोलकाता में ही रहते हैं, पर मम्मी का कोलकाता से मुंबई आना-जाना लगा रहता है। मैंने पब्लिक रिलेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।



'चिडिय़ाघर' की कहानी में आगे क्या मोड़ आने वाला है?



इस सीरियल में हर बार नई कहानी शुरू होती है। यह कहानी मुहावरों पर आधारित होती है, जो हम रेगुलर सुनते तो हैं, लेकिन उनमें से कुछ मुहावरों का सही मतलब पता नहीं होता है। इसमें मुहावरों को कहानी के तौर पर बहुत ही मनोरंजक ढंग से पेश किया जाता है, ताकि दर्शकों को आसानी से समझ में आ सके। आगे की कडिय़ों में कोयल (शिल्पा शिंदे) की आंखें काफी कमजोर हो जाती हैं।



कत्थक डांसर होने के बावज़ूद आपने एक्टिंग में ही अपना कैरियर क्यों बनाया?



अगर मैं एक्टर न होती तो मैं डांसर ही होती। लेकिन एक्टिंग एक ऐसा क्षेत्र है, जहां आप हर तरह के किरदार निभा सकते हैं और साथ ही आपको रोजाना कुछ नया सीखने का मौका मिलता है। एक्टिंग में आप उन चीजों का भी लुत्फ उठा सकते हैं, जो आप रीयल लाइफ में नहीं कर सकते। लेकिन डांस में ऐसा नहीं है।



इस सीरियल में आपको हर वक्त अपनी बड़ाई सुनना अच्छा लगता है तो क्या आपको ऐसा रीयल लाइफ में भी पसंद है?



(हंसते हुए) मेरे ख़्ायाल से तो अपनी बड़ाई सुनना सबको ही अच्छा लगता होगा। जैसा कि सीरियल में हो रहा है, वैसे तो नहीं। लेकिन रीयल लाइफ में भी अपनी वाहवाही सुनना काफी पसंद है।



मयूरी का किरदार कितना चुनौतीपूर्ण है?



शुरुआत में मुझे काफी परेशानी होती थी। असल में मयूरी बहुत ही एनर्जेटिक और खूब डांस करने वाली लड़की है, जबकि मैंने पहले सीता जैसी आदर्श भारतीय महिला का रोल किया था। इसलिए अब मुझे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। $खैर, अपने डायरेक्टर अश्विनी धीर जी की मदद से आज मैं मयूरी का किरदार निभाने में सक्षम हूं।



जब आपको 'मिस कोलकाता' ब्यूटी कॉन्टेस्ट से अंतिम बीस में आने के बाद निकलना पड़ा, उस समय क्या प्रतिक्रिया थी?



मैं वहां पर आ$िखरी समय तक बैठी रही, क्योंकि मैं यह देखना चाहती थी कि जो इस कॉन्टेस्ट में जीतेगा, उसमें ऐसी क्या खूबियां हैं, जो मुझमें नहीं...। हालांकि मेरी मम्मी कह रही थीं कि जो लोग हार गए हैं, वे सब अपने-अपने घर जा रहे हैं, तुम भी चलो। लेकिन मैं नहीं गई और मैंने पूरा शो देखा।
 
 
 
 
 
 
 
 
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