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फिल्म रिव्यू :'द एक्‍सपेंडेबल्‍स 2 : एक से बढ़कर एक'

Mayank Shekhar | Aug 25, 2012, 10:04AM IST
Genre: एक्शन
Director: सिमोन वेस्टे
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Plot: पढ़िए दैनिकभास्कर.कॉम से जुड़े फिल्म क्रिटिक द्वारा लिखा गया फिल्म रिव्यू।

फिल्म के ऐन आखिर में, जब वारियर्स की टीम उम्मीद के अनुरूप ही व्‍यापक जनसंहार में सक्षम गुप्त हथियारों से दुनिया को बचाने में कामयाब हो जाती है, क्लायइंट मिस्टर चर्च (ब्रूस विलिस) कप्तान बार्नी रॉस को एक हवाई जहाज भेंट करने का प्रस्ताव रखते हैं। बार्नी उस खस्ताहाल उड़नखटोले का मुआयना करते हैं और फिर नजरें फेर लेते हैं।
'यह तो अजायबघर में रखने लायक चीज है,' वे फुसफुसाते हुए कहते हैं, इसके बाद वे कुछ देर ठहरते हैं, और फिर अपना वाक्य पूरा करते हैं : 'हम सभी अजायबघर में रखने लायक ही हैं!' थुलथुल बार्नी की भूमिका सिल्वे स्टहर स्टैलोन ने निभाई है। यहां बार्नी अपने दर्शकों की ओर से बोल रहे हैं। वे सही हैं। कुछ चीजें ऐसी होती हैं, जिनकी बेहतर जगह स्मृतियों और संग्रहालयों में ही होती है।
छियासठ साल की उम्र में एक बूढ़े जर्जर मैचोमैन को अपनी प्रिय भूमिका निभाते हुए देखने से भी दुखद केवल एक ही चीज हो सकती है। और वह है रोटरी क्लब ऑफ हॉलीवुड के रिटायर्ड सितारों को स्क्रीन पर अपनी ही पैरोडी करते हुए देखना, और वह भी एक ऐसी फिल्म में, जो अपने आपको गंभीरता ले रही हो। फिल्म में ब्रूस विलिस और ज्यां क्लो‍द वान दाम के अलावा 1984 के टर्मिनेटर अर्नाल्ड श्वासर्जनिगर भी हैं।
साथ में चक नॉरिस हैं, जो द गुड, द बैड, द अग्ली् (1966) के थीम स्कोर पर चहलकदमी करते नजर आते हैं। सनद रहे कि नॉरिस हॉलीवुड के रजनीकांत हैं। रजनीकांत से जुड़े बहुतेरे जोक्स मूल रूप से नॉरिस के लिए लिखे गए थे। लेकिन दुनिया में केवल एक ही रजनी है और मुमकिन है कि दर्शकों के साथ ही रजनी भी इस फिल्मा को नकार दें।
फिल्मा का पहला भाग शोले से भी पुराना है। जिन्होंशने द एक्सपेंडेबल्स देखी है, वे यह बात जानते होंगे। वे यह जानकर स्त ब्धज हो जाएंगे कि अब जाकर उसका सीक्वेल आया है। द एक्स पेंडेबल्‍स उन नेक आतंकियों यानी नॉन-स्टे‍ट एक्ट,र्स का एक रूखा-सूखा बहुराष्ट्रीय समूह है, जो नेक माने जाने वाले लोगों के स्थानन पर कुछ असाइनमेंट्स लेते हैं। उन्हेंत उस काम की तनख्वा्ह दी जाती है, जिसे सरकार कभी नहीं करेगी। इस बार उन्हें सोवियत काल के प्लूवटोनियम की हिफाजत करना है, जो शीत युद्ध के खात्मेि के बाद से ही लावारिस पड़ा है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह रेडियोधर्मी पदार्थ गलत हाथों में न पड़ जाए।
इसीलिए, द एक्स़पेंडेबल्सा हथियारों से लैस वाहनों पर सवार होकर निकल पड़ते हैं। वाहन के ऊपर तोप तैनात है। एक्सैपेंडेबल्स के हाथों में मशीन गन्स हैं और वे अपनी राह में आने वाली सभी रूकावटों को ध्वहस्त करते चलते हैं, या वे समुद्र के ऊपर अपने उड़नखटोले में उड़ते रहते हैं, जबकि उनके पीछे विशालकाय फिल्मे सेट्स धू-धू कर जलते रहते हैं। वे हर चीज को नष्टा कर सकते हैं। वे जितनी बार मौत के मुंह में जाकर बच जाते हैं, उससे मुझे यकीन हो जाता है कि ईश्वर की यही इच्छा है कि द एक्स पेंडेबल्सर 3 भी बनाई जाए।
"1980 के दशक की याद दिला देने वाला,"शायद आप यही कह रहे हैं। वेल, हो सकता है। लेकिन मैं नहीं चाहता कि यह अजायबघर मेरी याददाश्‍त के साथ खिलवाड़ करे। स्‍टैलोन, तुम वास्‍तविक रैम्‍बो हो। लेकिन इस फिल्‍म में अभिनय करने वाला व्यक्ति वह सितारा है, जिसने अपना किराया-भाड़ा चुकाने के लिए अक्षय कुमार के साथ कमबख्‍त इश्‍क में एक भूमिका निभाई थी।

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