EXCLUSIVE TALK: 'मैं हूं सलमान भाई, तो कैटरीना बहन'

अगर बॉलीवुड को जंगल कहा जाए, तो वे जाहिर तौर पर यहां के टाइगर हैं। ईद पर रिलीज हो रही फिल्म 'एक था टाइगर' से एक बार फिर बॉक्स ऑफिस बिरयानी खाने को तैयार सलमान खान यशराज स्टूडियोज में कैटरीना कैफ के साथ मौजूद हैं। वे इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया वालों के साथ बातें करने वाले हैं।
वे दैनिकभास्कर के सेट पर आते हैं। आते ही वे एक मच्छर मारते हैं और रूम में चल रही खुसफुसाहट बंद हो जाती है। उनके तुरंत बाद खूबसूरत पर गंभीर कैटरीना आती हैं। वे उसी पॉस्चर में हैं जैसी फिल्म के प्रोमोज में दिख रही हैं। ईद और बॉक्स ऑफिस की सक्सेस का सलमान से कोई खास कनेक्शन लगता है। यह साल 2009 की फिल्म 'वॉन्टेड' से शुरू हुआ, जो 2010 के 'दबंग' और 2011 के 'बॉडीगार्ड' के साथ भी सच साबित हुआ। नहीं, वे अंधविश्वासी नहीं और वे ऐसा कह कर साबित नहीं करते। इन दो ब्लॉकबस्टर्स के बीच आई फिल्म 'रेडी' ईद के मौसम में रिलीज नहीं हुई थी। बल्कि जब फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बेहतरीन कमाई कर रही थी, तब तक तो ईद का चांद देखा भी नहीं गया था। नहीं, 'रेडी' कोई इत्तेफाक से हिट हुई फिल्म नहीं थी। सलमान खान और इत्तेफाक? यह सब मजाक है।
वे कहते हैं, 'अगर आप इन फिल्मों पर ध्यान दें, तो 'वॉन्टेड', 'दबंग', 'बॉडीगार्ड' और 'रेडी', सभी अपनी लव स्टोरी के कारण इतनी कमाई कर पाई हैं।' तो अब सवाल यह है कि 'एक था टाइगर' की लव-स्टोरी वही जादू कर पाएगी दिखा पाएगी या नहीं। कैटरीना कहती हैं, 'मैं तो आशा करती हूं कि ऐसा ही हो।' सलमान आश्चर्य करते हुए कहते हैं, 'आशा करती हूं? अगर यह नहीं चली तो यह सब बेकार हो जाएगा। इसे चलना ही होगा। यह एक लव स्टोरी है, ट्रेडिशन से परे, देश से परे, यह हीरो अपने प्यार के लिए देश के खिलाफ भी जा सकता है, चाहे वह एक वन-वे स्ट्रीट पर ही क्यों न चल रहा हो? पर 'एक था टाइगर' में कोई लिपटम-लिपटी जैसा रोमांस नहीं। रोमांस मौजूद जरूर है, साथ चलने में, बातों में, हीरोइन की गैर-मौजूदगी में जब हीरो को लड़ाई करनी होती है, उसमें भी रोमांस है। रोमांस दिखाने के लिए गले मिलना, हाथों में हाथ डाल चलना या गाने गाना जरूरी नहीं, ऑडियंस को रोमांस फील करवाना जरूरी होता है।'
पढ़िए इस बातचीत के खास अंश-
दैनिक भास्कर: अगर आप सलमान भाई हैं, तो कैटरीना क्या हैं?
सलमान: बहन, कैटरीना बहन!
दैनिक भास्कर: ओके कैटरीना बहन, क्या आपने 'बोर्न आइडेंटिटी सीरीज' के मैट डेमन या 'मिशन इम्पॉसिबल सीरीज' के टॉम क्रूज को देखा है?
कैटरीना: जी हां।
दैनिक भास्कर: तो क्या 'एक था टाइगर' के सलमान में उनसे मिलती-जुलती कोई बात है?
कैटरीना: सलमान के कॅरेक्टर में एक सहज कठोरता है, जो मुझे लगता है मैट डेमन से मिलता है।
दैनिक भास्कर: और एक्शन सीन्स में?
कैटरीना: ओह, अगर एक्शन सीन्स को आप कंपेयर करें, तो आपको सलमान 'मिशन इम्पॉसिबल 4: घोस्ट प्रोटोकॉल' के टॉम क्रूज की तरह लगेंगे। ये सीन्स काफी रियलिस्टिक हैं, जैसे जब वे गिरते हैं तो आप अचानक ही थोड़ा ठिठक जाते हैं।
सलमान: और वे एक्शन सीन्स वाकई पेनफुल थे।
दैनिक भास्कर: वह कैसे?
सलमान: मुझे ठंड में शूटिंग करनी थी, जहां बहुत ज्यादा दौड़-भाग, कूद-फांद इन्वॉल्व्ड थी। इन सीन्स में आपके घुटने, पीठ, गला, सब पर प्रेशर पड़ता है। ऊंचाई पर चढ़ना होता है, फिर सीढ़ियां उतरना, हाथ में बंदूक पकड़े रहना, ऐसा लगता है जैसे सुबह से रात तक कार्डियो कर रहे हों। अगर आप ओलिम्पिक्स की भी तैयारी कर रहे हों, तो आप एक साथ कितनी देर तक दौड़ेंगे? एक घंटा, दो या डेली ज्यादा से ज्यादा तीन घंटे। यहां तो सुबह से रात तक... और ऊपर से दस एंगल्स के साथ दो कैमरे साथ चलते हैं, यानी पांच शॉट्स और टेक्स, रीटेक्स...।
दैनिक भास्कर: पर आपने तो एक्शन फिल्में हमेशा ही की हैं!
सलमान: हां, पर यह अलग तरह का एक्शन था, इसमें एक सीन के बाद दूसरा सीन तुरंत आएगा, यह एक लहर को सुनामी में बदलते देखने जैसा, या व्हर्लपूल को टोरनेडो बनते देखने जैसा नहीं है। इस फिल्म में सीन्स एक्शन से रोमांस में नहीं बदलते, इसमें ऐसा लगेगा कि कोई कट्स हैं ही नहीं, ये लगातार बहते जाएंगे।
दैनिक भास्कर: और इसमें कैटरीना काम कर रही हैं। आप दोनों 'युवराज' जैसी फ्लॉप फिल्म के बाद करीब चार साल बाद साथ आ रहे हैं। इनके साथ काम करना कैसा रहा?
सलमान: ये अच्छी हैं, इनका कॉन्फिडेंस लेवल हाई है, उन्हें पता है कि स्क्रीन पर वे क्या मायने रखती हैं, इनकी तारीफ हो रही है, ये मेहनत भी बहुत कर रही हैं, और अब वे हमारी लैंग्वेज बोलती हैं और समझ भी जाती हैं। उन्होंने अच्छा काम किया है, पर अब तक मुझे सरप्राइज नहीं कर पाईं।
दैनिक भास्कर: बीते चार सालों में आप काफी आगे निकल गए हैं, आपने एक्टर के रूप में ग्रो किया है, पहले 'वॉन्टेड' के राधे से 'दबंग' के चुलबुल, फिर 'बॉडीगार्ड' और अब टाइगर तक, इनमें से आपका फेवरेट किरदार कौन-सा है और आप किसके सबसे ज्यादा करीब हैं?
सलमान: करीब? मैं खुद अपने आप के करीब हूं। अगर मैं कहूं 'चुलबुल' तो हो सकता है 'टाइगर' बुरा मान जाए, अगर 'टाइगर' कहूं तो शायद 'चुलबुल' और 'राधे' खफा हो जाएं।
दैनिक भास्कर: और कैटरीना आप, क्या आपको सलमान इन फिल्मों में पसंद आए क्या आपको कभी ऐसा फील हुआ कि काश उन एक्ट्रेसेज की जगह आप सलमान के अपोजिट होतीं जैसे आयशा टाकिया, सोनाक्षी सिन्हा, करीना कपूर या असिन की जगह?
कैटरीना: मैंने वे फिल्में देखी हैं, मुझे इनका काम पसंद आया और मैंने इसके लिए इनकी तारीफ भी की है, पर इस हद तक नहीं कि मैं इस फिल्म में क्यों नहीं। जिन्होंने भी इन फिल्मों में सलमान के साथ काम किया है, वे उनकी फिल्में हैं।
सलमान: ओह-हो, हाहाहाहाहाहा...
दैनिक भास्कर: तो आपने 'एक था टाइगर' के लिए हां क्यों कहा?
कैटरीना: जाहिर तौर पर मैंने कबीर खान के कारण इसे हां कहा, साल 2008 में फिल्म 'न्यू यॉर्क' की शूटिंग के दौरान उनके साथ काम करना मुझे काफी पसंद आया था।
दैनिक भास्कर: और हमने सोचा ऐसा सलमान की वजह से किया!






