| कहानी
गौतम मेनन ने अपनी ही तमिल फिल्म ‘विन्नैथांडी वरुवाया’ का हिंदी रिमेक ‘एक दीवाना था’ के नाम से बनाया है। यह सचिन और जैस्सी की प्रेम कहानी है। सचिन ने हाल ही में अपनी इंजिनियरिंग की पढ़ाई पूरी की है, लेकिन उसकी रूचि फिल्मों में है। दिन भर वह फिल्म सेट पर, निर्देशकों के ऑफिस के बाहर और अपने दोस्तों जो कि असिस्टेंट डॉयरेक्टर्स हैं के साथ बिताता है। सचिन अपने परिवार के साथ जुहू रहने चला जाता है और यहां वह पहली बार जैस्सी को देखता है। सचिन अपना दिल उस खूबसूरत लड़की को दे बैठता है। जब उसे पता चलता है कि जैस्सी उसके घर के ऊपर ही रहती है तो वह उसका ध्यान आकर्षित करने के लिए हर मुनासिब कोशिश करता है। उससे बात करने का बहाना ढूंढता है। जैस्सी मलयाली क्रिश्चियन है। उसके माता-पिता बेहद रूढि़वादी हैं। साथ ही वह उम्र में सचिन से एक वर्ष बड़ी है। सचिन जानता है कि प्यार में उसकी राह मुश्किल है। एक दिन हिम्मत जुटाकर जैस्सी के सामने वह अपने दिल की बात बता देता है कि वह उसे चाहता है। जैस्सी कहती है कि उसके दिल में सचिन के लिए ऐसी कोई भावना नहीं है। वह सचिन को अपना दोस्त बनने के लिए जोर देती है। दोस्त बनते ही वह सचिन से मिलने और बात करने की जरूरत महसूस करती है। यह म्युजिकल लव स्टोरी है सचिन और कन्फ्यूज जैस्सी कि जिसमें प्यार है, दर्द है, खुशी है। |
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