'फिल्मों के चयन को लेकर मेरी कसौटी कभी नहीं बदले'

बॉलीवुड फिल्मों के महानायक अमिताभ बच्चन ने इंडस्ट्री को सुपरहिट फिल्मों का खजाना दिया है। आज फिल्मों के रिमेक का दौर चल पड़ा है। इस लिस्ट में भी सर्वाधिक फिल्में बिग बी की है। अमिताभ की 'डॉन' और 'अग्निपथ' जैसी फिल्मों का रिमेक बन चुका है। अमिताभ भी रिमेक के पक्ष में हैं। उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर हमारे साथ खुलकर चर्चा की।
आप वर्षों से इंडस्ट्री में हैं। क्या फिल्मों के चयन को लेकर आपकी कसौटी में कुछ बदलाव हुआ है?
मैं हमेशा चाहूंगा कि फिल्मों के चयन को लेकर मेरी कसौटी कभी नहीं बदले। हां एक चीज, उम्र जरूर इसके बीच में आएगी। इसके बाद भी मैं हमेशा काम करते रहना चाहता हूं। आज इंडस्ट्री में बहुत टैलेंटेड युवा हैं। 7० की उम्र में उनकी बराबरी संभव नहीं है। उम्र सभी के लिए एक दिन चुनौती बन जाती है।
हॉलीवुड अभिनेता जॉनी डेप ने एक इंटरव्यू में कहा है कि वे आपके काम के प्रशंसक हैं और आपका आदर करते हैं?
मुझे उनकी फिल्में पसंद हैं और उनका परफॉर्मेंस शानदार रहता है। जॉनी डेप मुझे जानते हैं और मेरे काम की प्रशंसा करते हैं तो यह मेरे लिए सम्मान की बात है।
आपकी कई क्लासिक फिल्मों के रिमेक पर चर्चा हो रही है। इस पर आप क्या कहेंगे?
मैं व्यक्तिगत रूप से इस विषय पर कुछ नहीं कह सकता लेकिन जिनके पास उन फिल्मों के कॉपीराइट्स हैं उन्हें इसे बड़ी उपलब्धि मानना चाहिए। हालांकि मैं इस बात से सहमत नहीं हूं कि मेरी फिल्मों के लिए 'क्लासिक शब्द का उपयोग किया जाए। लेकिन मैं कहना चाहूंगा कि ओरिजनल कभी भी अलग रहता है। हर जेनरेशन की अपनी-अपनी पसंद होती है। बिमल राय की 'देवदास' को दिलीप साहब ने अमर कर दिया लेकिन उसके पहले की पीढ़ी केएल सहगल को सर्वश्रेष्ठ मानती है। आज की पीढ़ी संजय लीला भंसाली और शाहरुख खान की फिल्म को उसी तरह पसंद करती है। मैं समझता हूं कि कहानी अधिक महत्वपूर्ण है। सबसे पहला क्रेडिट तो उसे लिखने वाले को जाना चाहिए। देवदास के लिए शरतचंद चटोपाध्याय को क्रेडिट दीजिए।
क्या आप डायरेक्शन में हाथ आजमाएंगे?
मैं डायरेक्शन नहीं जानता और मैं इसमें नहीं जाना चाहूंगा। लेकिन भविष्य में क्या होगा, कौन जानता है!
आजकल आपके परिवार अभिषेक, ऐश्वर्या और उनकी बेटी आराध्या पर लोग अनुमान लगाते रहते हैं। क्या इससे आपके परिवार पर कोई दबाव है?
अरे भाई.. .! 'गहरी छानबीन आप करें! अनुमान आप लगाएं! तो प्रेसर तो आप पर हुआ न? हम तो आराम से चुपचाप घर पर बैठे हैं!





