'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' फेम मिहिर वीराणी उर्फ अमर उपाध्याय के खिलाफ सूरत की स्थानीय अदालत ने समन जारी किया है।
उनको 28 फरवरी को अदालत में पेश होने के आदेश दिए गए हैं। उपाध्याय पर शहर के धरमचंद शाह नामक कारोबारी ने धोखाधड़ी का केस किया है।
शाह का आरोप है कि उन्होंने अमर उपाध्याय की मालिकाने वाली वीराणी मल्टीट्रेड प्रा. लिमिटेड की डिस्ट्रीब्यूटरशिप ली थी। इसके लिए चैक में मिहिर (अमर) को 15 लाख रुपए का भुगतान भी किया। बावजूद इसके किसी प्रकार का माल कंपनी ने नहीं दिया।
अमर की कंपनी नेटवर्क मार्केटिंग का काम करती है। कंपनी का मुख्यालय मुंबई में है।