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हमारे सभी शो दिल के करीब हैं: सृति झा

Bhaskar network | Mar 05, 2012, 10:00AM IST
'इमेजि़न' पर 'ज्योति' और 'रक्त संबंध', 'स्टार प्लस' पर 'शौर्य और सुहानी', '9 एक्स' पर 'जिया जले' के बाद सृति झा 'लाइफ ओके' पर 'दिल से दी दुआ... सौभाग्यवती भव:' सीरियल में जान्हवी का मुख्य किरदार निभा रही हैं। बातचीत :

'सौभाग्यवती भव:' की कहानी और अपने किरदार के बारे में बताइए?

यह मनाली की पृष्ठभूमि पर आधारित मैरिज लाइफ की कहानी है। मेरे किरदार का नाम जान्हवी है। जान्हवी की शादी विराज से होती है। विराज की असलियत सामने आने पर उसकी लाइफ में बहुत प्रॉब्लम आ जाती है। इन प्रॉब्लम्स को उसको कैसे हैंडिल करना है, इसे वह समझ नहीं पाती है।

जान्हवी के ऊपर पल में प्यार, पल में अत्याचार हो रहा है। क्या इस तरह के लोगों को आप रियल लाइफ में देख चुकी हैं?

नहीं, रियल में तो नहीं देखा है। लेकिन सबको मालूम है कि 65 फीसदी घरेलू महिलाएं ऐसी हिंसा की शिकार होती हैं। वे अपनी समस्या को परिवार व समाज से न तो कह पाती हैं और न इसमें समाज और परिवार उनका साथ देता है।

सब कलाकार चैलेंजिंग कैरेक्टर करने की बात कहते हैं। आपके लिए जान्हवी का किरदार कितना चैलेंजिंग है?

यह किरदार बहुत चैलेंजिंग है। कब और कैसे रिएक्ट करेगा, यह पता नहीं चलता है।

आपका पसंदीदा धारावाहिक कौन-सा है?

मुझे अपना ही धारावाहिक 'सौभाग्यवती भव:' अच्छा लगता है। इसे रोकााना जरूर देखती हूं। अपने द्वारा एक्ट किए गए सीन से सीखती भी हूं और उससे बेहतर करने की कोशिश भी करती हूं।

अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में विस्तार से बताएंगी?

मैं दरभंगा, बिहार से हूं। परिवार में मम्मी-पापा, मेरी बड़ी बहन और मुझसे छोटा भाई है। सभी दिल्ली में रहते हैं। पापा कूरियर कंपनी में डायरेक्टर हैं और मम्मी हाउस वाइ$फ हैं।

कितनी आसानी से एक्टिंग की इजाजत मिली?

मेरे एक्टिंग करियर को लेकर किसी को कोई ऐतराज नहीं था। शुरू से ही मम्मी-पापा हमारी पढ़ाई और एक्टिंग, दोनों को लेकर बड़े सपोर्टिव हैं। उनके सहयोग से ही मैं यहां तक पहुंची हूं।

फिल्मों के बारे में क्या राय रखती हैं?

मौका और अच्छा रोल मिलेगा तो कारूर करूंगी।

सभी धारावाहिकों में रोना-धोना और एक जैसी कहानी दिखाई जा रही है। 'सौभाग्यवती भव:' भी अलग नहीं है!

नहीं-नहीं, मैं बिल्कुल इस बात को नहीं मानती हूं। अभी 2012 में देखो, सब अलग-अलग तरह की कहानियां लेकर आए हैं। खास कर 'लाइ$फ ओके' देखेंगे तो पाएंगे कि लव, थ्रिलर, मां-बेटी की कहानी, पति-पत्नी की कहानी, भाई-बहन की कहानी और शिव-पार्वती की कहानी आदि अलग-अलग तरह की कहानियां दिखाई जा रही हैं। इसी तरह दूसरे चैनलों पर एक-दूसरे से काफी अलग कहानियां दिखाने की कोशिश की जा रही है।

डायरेक्टर को भी तीन दिन के आगे की कहानी पता नहीं होती है। ऐसे में सेट पर चेंजेज का पता लगने से शूटिंग में परेशानी नहीं होती!

राइटर को कहानी पता होती है। हम एक्टर्स को भी कैरेक्टर की बेसिक कहानी पता होती है। उसी के इर्द-गिर्द शूट करना होता है, जिससे शूटिंग में कोई परेशानी नहीं होती है।

यहां आप छह सालों से हैं। धारावाहिकों में क्या $खास बदलाव देखती हैं?

छह सालों में टीवी ने का$फी ग्रोथ किया है। नई कहानियां आई हैं और नए-नए लोग आए हैं। टेलीविजन पर पुराने और एक्सपीरियंस वाले कलाकार दोबारा आए हैं, जिनकी परफॉर्मेंस देखकर का$फी कुछ सीखने को मिलता है। नए कलाकारों की फिटनेस को देखकर अच्छा लगता है।

अभी तक निभाए गए किरदारों में अपने करियर के लिए किसे अहम मानती हैं?

हर शो अहम होता है। सभी शो ने हमारे करियर को सपोर्ट किया है, इसलिए सारे इंपॉर्टेंट हैं। सभी शो हमारे दिल के करीब हैं।

होली किस तरह मनाएंगी? पहली होली की यादें बताएंगी?

अभी होली के बारे में प्लान नहीं किया है। बचपन में मुझे डर लगता था, लेकिन अब होली खेलना बहुत अच्छा लगता है।
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