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'अब्बास-मस्तान ने 'प्लेयर्स' को ऑरिजनल से भी अच्छा बनाया है'

 
Source: सुनील कुकरेती   |   Last Updated 4:55 PM (02/01/2012)
 
 
 
 
करियर के लिहाज़ से अभिषेक के लिए गुज़रता साल भले ही मज़ेदार नहीं रहा, लेकिन आखिरी में उन्हें बेशुमार खुशी दे गया। उधर, नए साल की शुरुआत भी उनके लिए कम खुशगवार नहीं कही जा सकती, क्योंकि पहले सप्ताह में ही उनकी फिल्म रिलीज़ हो रही है, जिसका उन्हें भी इंतज़ार है...



नववर्ष की शुरुआत के पहले सप्ताह में अभिषेक बच्चन की फिल्म ‘प्लेयर्स’ प्रदर्शित होने जा रही है। गौरतलब है कि इंडस्ट्री में लगभग ग्यारह साल गुजार चुके अभिषेक बच्चन निर्देशक जोड़ी अब्बास-मस्तान के साथ पहली बार काम करते नजर आएंगे। फिल्म मल्टीस्टारर है, जिसमें सोनम कपूर, बिपाशा बसु और नील नितिन मुकेश उनके सह अभिनेता हैं। फिल्मी करियर के अलावा साल 2011 अभिषेक के लिए इस मायने में भी महत्वपूर्ण रहा कि वे एक खूबसूरत बेटी के पिता बन गए हैं। ऐसे ही कई अन्य संदर्भों के साथ अभिषेक बच्चन से उनके कार्यालय-कम-बंगला ‘जनक’ पर यह विशेष बातचीत हुई।



साल की शुरुआत में ही अपनी फिल्म के प्रदर्शन से कैसी उम्मीद कर रहे हैं?



नए साल का शुभारंभ हो जाएगा। नया साल है, नई पिक्चर है, तो हम सब यही चाह रहे हैं कि फिल्म सफलता प्राप्त करे। हमारे जितने भी दर्शक हैं, उनको फिल्म पसंद आए। बड़े प्यार और मेहनत से फिल्म बनाई है, तो हम चाहेंगे कि इसका बिजनेस अच्छा रहे। सबसे बड़ी बात यह है कि दर्शकों को फिल्म पसंद आए, आखिर उन्ही के लिए तो फिल्म बनाई जाती है।



आपके नकारिए से ‘प्लेयर्स’ किस तरह की फिल्म है?



‘प्लेयर्स’ एक अंग्रेजी फिल्म ‘इटेलियन जॉब’ का रीमेक है। 1969 में बनी इस फिल्म के मुख्य कलाकार माइकल केन थे। 2003 में मार्क वूल्वर के साथ इसे फिर बनाया गया था। यह वहां की बड़ी क्लासिक फिल्म थी और तब स्कूलिंग के दौरान मैं इसके बारे में खूब सुना करता था। हमारे प्रोड्यूसर ने ऑफिशियली इस फिल्म के निर्माण के अधिकार खरीदे हैं। पॅरामाउंट फिल्म्स, जो ऑरिजिनल फिल्म की प्रोड्यूसर रही है, वह फिल्म की सह-निर्माता है।



आप निर्देशक अब्बास-मस्तान के साथ पहली बार काम कर रहे हैं। किस तरह से बना यह संयोग?



अब्बास-मस्तान के साथ मैं पिछले दस सालों से काम करने की कोशिश कर रहा था। ढेर सारी स्क्रिप्ट्स पर हमने काम किया, पर कभी हमारी डेट्स तो कभी उनकी डेट्स के सही मैच न करने या स्क्रिप्ट के बदल जाने के कारण हम साथ काम नहीं कर पाए। फिर एक दिन बोले कि हमें कहानी मिल गई है। मैंने स्क्रिप्ट सुनने से पहले ही मैंने हां कर दी थी, क्योंकि मैं हमेशा से उनका फैन रहा हूं। उन्होंने जब कहा कि हम ‘इटेलियन जॉब’ बना रहे हैं, तो मैंने फौरन कहा, भइया जल्दी शुरू करिए।



फिल्म में अपने चरित्र के बारे में बताइए?



इस फिल्म में मेरा नाम चार्ली मस्करेना है। गोवा का किरदार है, जो एक चोर है और कारें चुराता है। दुनिया की नकार में वह चार्टेड अकाउंटेंट है, पर हकीकत में वह चोर है।



जब आप किसी हॉलीवुडी फिल्म के हिंदुस्तानी रीमेक को देखते हैं, तो किसी तरह की कोई कमी महसूस करते हैं?



नहीं। मैं सोचता हूं कि अब्बास-मस्तान ने इसे ऑरिजनल फिल्म से भी अच्छा बनाया है। बस, उन्होंने फिल्म में हिंदुस्तानी तड़का लगाया है।



आपकी अब तक जो फिल्में आई हैं, उनसे इस फिल्म को किस तरह अलग मानते हैं?



एकदम जुदा फिल्म है। पहली बात तो यह है कि उनके साथ पहले कभी काम नहीं किया है। यह जो थ्रिलर-एक्शन टाइप की फिल्म है, वैसी फिल्म मैंने पहले कभी नहीं की है।



करियर के लिहाज से यह साल 2011 आपके लिए कैसा रहा?



शानदार रहा। कोई शिकायत नहीं है। ‘गेम’ और ‘दम मारो दम’ दो फिल्में रिलीज हुईं, जिनमें से ‘गेम’ नहीं चली, पर ‘दम मारो दम’ बड़ी हिट रही। इन फिल्मों में मेरा काम पसंद किया गया। इसके अलावा मैं और क्या कह सकता हूं। हां, मैंने साल 2011 में अपनी यह फिल्म ‘प्लेयर्स’ कंपलीट की थी। नई फिल्म ‘बोल बच्चन’ की शूटिंग शुरू की। पूरा साल व्यस्तता से भरा रहा।
 
 
 
 
 
 
 
 
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