'आप हैं तो स्टार हैं' : दिल पर लगी एक चोट ने चोटी पर पहुंचा दिया
dainikbhaskar.com
| Jul 29, 2012, 00:43AM IST

दिल पर लगी चोट..
दिल्ली के चांदनी चौक से ताल्लुक रखने वाले अक्षय का बचपन कुछ खास नहीं था। उनका परिवार किराये के मकान में रहता था। अक्षय को टीवी देखने का काफी शौक था। वे टीवी पर फिल्म देखने के लिए अपने मकान-मालिक के घर जाया करते थे। वहां जमीन पर ही बैठते थे। उनकी मकान-मालकिन जानबूझकर उन्हें पैर लगा देती थी । एक दिन अक्षय ने अपने पिता से इस बात की शिकायत की और अगले ही दिन उनके घर एक नया टी.वी. आ गया। दिल पर लगी इस चोट ने कहीं न कहीं चोटी पर पहुंचने का ज़ज्बा पैदा किया था।
स्कूल में अक्षय ने दोस्तों के साथ मिलकर एक गैंग बनाया और उसका नाम रखा 'ब्लडी 10'। उन दिनों भी वे हार्ड-कोर दबंग हुआ करते थे। मिजाज के तो वे शुरुआत से ही रंगीन थे। उन्होंने जिस ब्वॉयज स्कूल से पढ़ाई की, उसके बगल में ही एक गर्ल्स स्कूल था। हर शाम उनकी गैंग साइकिल पर उन लड़कियों को देखने निकल जाया करती थी।
अक्षय को फोटो खिंचवाने का इतना शौक था कि वे एक-एक रुपया जोड़ते थे। बैंकॉक में उन्होंने मार्शल आर्ट्स सीखने के साथ-साथ एक शेफ के रूप में भी काम किया। यहां तक कि कलकत्ता की एक ट्रेवेल एजेंसी के लिए उन्होंने करीब डेढ़ साल तक चपरासी का काम भी किया। बैंकॉक जाने के लिए उन्हें अपने पिता को खूब मनाना पड़ा। उनके पिता ने उनके सामने शर्त रखी कि अगर वे बोर्ड एग्जाम में फर्स्ट डिविजन ले आएं तो वे उन्हें जाने देंगे। अक्षय ने 63 प्रतिशत अंक लाए। इसके बाद क्या हुआ, यह तो सभी जानते हैं।
फिल्मों में उन्होंने वैसे तो कई उतार-चढ़ाव देखे, पर हर किसी को उन्होंने इम्प्रेस ही किया। कभी अपनी माचोमैन की अदाओं से हीरोइनों पर जादू चलाया, तो कभी अपनी पावरफुल परफॉमेर्ंस और एनर्जी से डायरेक्टर्स को लुभाया। उनके बारे में उनके साथ कई बार काम कर चुके डायरेक्टर जोड़ा अब्बास-मस्तान का कहना है कि अक्षय चाहें तो लगातार 24 घंटे काम कर सकते हैं।
हाल ही में उनकी फिल्म %राउडी राठौर% सौ करोड़ क्लब में शामिल हुई है. जनता के बीच उनकी लोकप्रियता भी खान तिकड़ी से कम नहीं. अक्की का हर अंदाज उनके फैंस को लुभा जाता है।
अपनी सफलता पर अक्षय का कहना है- मैंने जो किया दिल से किया, 100 फीसदी किया, लोगों के लिए किया, अब क्या बच्चे की जान लोगे..
सच में, अक्षय की सफलता में लोगों का बड़ा हाथ है। बिना किसी फि़ल्मी बैकग्राउंड के भी अक्षय ने जो मुकाम बनाया है, वो लोगों के प्यार की वजह से ही है। नहीं तो शाहरुख़, सलमान और आमिर के होते हुए किसी अन्य स्टार का सक्सेसफुल होना किसी समय बॉलीवुड में सपने जैसा ही था। अक्षय पर भास्कर के बॉलीवुड अवॉर्ड्स की पंच लाइन बिलकुल फिट बैठती है 'आप हैं, तो स्टार हैं'।
भास्कर के दूसरे बॉलीवुड अवॉर्ड्स में हम भी ऐसे ही स्टार्स को सलाम कर रहे हैं जो सही मायनों में जनता के सुपरस्टार हैं। ट्रूली डेमोक्रेटिक इस अवॉर्ड में लोग इस बार भी वोट देकर अपने फेवरेट स्टार का भविष्य तय करेंगे।
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