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'आप हैं तो स्टार हैं' क्या बच्चे, क्या बूढ़े, सभी हुए फिदा

dainikbhaskar.com | Aug 04, 2012, 00:37AM IST
'1990 के दशक की मधुबाला' या यूं कहें कि 'बॉलीवुड की मर्लिन मुनरो' माधुरी दीक्षित ने लगभग ढेढ़ दशकों तक बॉलीवुड पर राज किया है। आम तौर पर किसी एक्ट्रेस का कॅरियर दस सालों से ज्यादा लंबा नहीं होता। यह भी माना जाता है कि केवल एक्टर्स ही यहां लंबी पारी खेल पाते हैं। पर माधुरी ने इन सब बातों को झूठ साबित किया है। वे आज भी बड़े और छोटे पर्दे पर एक्टिव हैं। माधुरी शंकर दीक्षित ने जब माइक्रोबायोलॉजी की पढ़ाई पूरी की, तब उन्होंने सोचा भी नहीं था कि वे एक्ट्रेस बनेंगी। पर कथक की यह ट्रेंड डांसर ज्यादा दिनों तक सिल्वर स्क्रीन से दूर न रह पाईं।





फिल्मों में शुरुआत


इनकी पहली फिल्म 'अबोध' कुछ खास कमाल नहीं कर पाई। माधुरी के काम को भी नोटिस नहीं किया गया। इसके बाद इन्होंने 'आवारा बाप' और 'स्वाति' जैसी फ्लॉप फिल्मों में काम किया। आखिर एक दिन शो मैन सुभाष घई की नजर उन पर पड़ी और उन्होंने अपनी फिल्म 'कर्मा' में एक डांस सीक्वल के लिए माधुरी को चुना। हालांकि, यह सीक्वल फिल्म में रखा नहीं गया। पर घई ने माधुरी से वादा किया कि वे अपनी दूसरी फिल्मों में उन्हें जरूर कोई दमदार रोल देंगे।




साथ ही उन्होंने माधुरी के सामने एक शर्त भी रखी। दरअसल, सुभाष चाहते थे कि माधुरी छोटे-मोटे रोल्स करने वाली हीरोइन की इमेज न बनाएं। माधुरी ने उनकी बात मान ली और सुभाष ने उन्हें 'उत्तर-दक्षिण' में कास्ट कर लिया। वैसे, इस फिल्म से भी माधुरी को कोई खास सफलता नहीं मिली, पर सुभाष ने उनके पोटेन्शियल को परख लिया। तब जा कर उन्होंने माधुरी को 'राम-लखन' जैसी सुपरहिट फिल्म से री-लॉन्च किया। पर इसके पहले फिल्म 'तेजाब' रिलीज हो गई। इसमें माधुरी के डांस 'एक दो तीन' ने सबको दीवाना कर दिया और इस तरह वे बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेसेज में शुमार हो गईं। 'तेजाब' ने गोल्डन जुबली मनाई और यह साल 1988 की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में एक साबित हुई।




इसके बाद तो माधुरी की सक्सेस का सफऱ थमा ही नहीं। साल 1990 में वे आमिर खान के साथ फिल्म 'दिल' में नजर आईं। इस मूवी ने उन्हें अपने कॅरियर का पहला 'फिल्मफेयर अवार्ड' दिलाया। इसके साथ ही डायरेक्टर इंद्र कुमार के साथ उनका काफी मजबूत प्रोफेशनल रिलेशन बन गया। इसके बाद वे इंद्र की दो फिल्मों- 'बेटा' और 'राजा' में नजर आईं। इन मूवीज ने भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छा बिजनेस किया। 1990 के दशक के दौरान माधुरी ने हर साल एक हिट फिल्म दे कमाल कर दिया। इनमें 'साजन', 'बेटा', 'खलनायक', 'हम आपके हैं कौन' और 'राजा' खास तौर पर याद की जाती हैं।




1996 में आई फिल्म 'प्रेम ग्रंथ' तो बुरी तरह फ्लॉप हो गई, पर क्रिटिक्स ने माधुरी के काम की दिल से सराहना की। इसके बाद उनकी हर फिल्म पिटने लगीं। उनके काम को भी नापसंद किया जाने लगा। तभी शाहरुख खान के साथ वे दिल तो पागल है में नजर आईं और फिर से बॉलीवुड पर छा गईं। फिल्म तो ब्लॉकबस्टर साबित हुई ही, माधुरी बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवार्ड भी जीत गईं। इसी साल वे प्रकाश झा की फिल्म 'मृत्युदंड' में भी दिखीं। इस मूवी ने उन्हें एक सीरियस एक्ट्रेस के रूप में स्थापित किया। अपनी संजीदा एक्टिंग के लिए उन्हें 'स्टार स्क्रीन' और 'सैन्सुई' अवार्ड्स मिले।



माधुरी की अगली फिल्म थी 'पुकार' जो साल 2000 में आई। इसके लिए एक बार फिर उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड मिला। यह सम्मान उन्हें इंटरनेशनल इंडियन फिल्म एकॅडमी(आईफा) ने दिया।





क्या बच्चे, क्या बूढ़े, सभी हुए फिदा



माधुरी की फैन फॉलोइंग तो हमेशा से ही जबरदस्त रही है। युवाओं में तो वे पॉपुलर थीं ही, मशहूर पेंटर स्वर्गीय एमएफ हुसैन भी उनके बड़े चाहने वाले निकले। उन्होंने दावा किया था कि वे माधुरी के दीवाने नहीं, बल्कि उनके प्यार में पूरी तरह पागल हैं। उन्होंने कहा था कि शुरुआत में वे केवल उनकी पेंटिंग बना कर खुश हो जाते थे। उन्हें डर था कि अगर वे उनसे मिले तो कहीं खुशी से पागल न हो जाएं। पर माधुरी की खूबसूरती ने उन्हें उनसे मिलने पर मजबूर कर दिया।



हुसैन ने माधुरी को ले कर अपनी पहली फिल्म 'गजगामिनी' बनाई थी। फिल्म को कॉमर्शियल सफलता तो नहीं मिली, पर क्रिटिक्स ने इसे काफी पसंद किया।




इसके बाद माधुरी संजय लीला भंसाली की फिल्म 'देवदास' में नजर आईं। फिल्म को 'कान फिल्म फेस्टिवल' में भी दिखाया गया। इसके लिए माधुरी को बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का अवार्ड मिला। 2008 में उन्होंने 'आजा नचले' से कम-बैक किया ।





खुद चुनें अपने सुपरस्टार को



हमारे लिए तो माधुरी दीक्षित एक बेहतरीन एक्टर और एंटरटेनर हैं, एक स्टार जिसने अपने दम पर इंडस्ट्री में मुकम्मल जगह बनाई है। भास्कर के दूसरे बॉलीवुड अवॉर्डस में हम भी ऐसे ही स्टार्स को सलाम कर रहे हैं, जिन्हें दर्शकों ने सुपरस्टार बनाया। ट्रूली डेमोक्रेटिक इस अवॉर्ड में दर्शक इस बार भी अपने फेवरेट स्टार को वोट देकर उनका मुकाम तय करेंगे। भास्कर बॉलीवुड अवार्डस भारत का पहला ऐसा अवार्ड है जहां कोई ज्यूरी नहीं, दर्शक तय करते हैं अपना सुपरस्टार और माधुरी पर भास्कर के बॉलीवुड अवार्ड्स की पंचलाइन बिल्कुल फिट बैठती है, ‘आप हैं तो स्टार हैं।’ तो भास्कर बॉलीवुड अवॉर्ड्स के जरिए अपने पसंदीदा सुपरस्टार को चुनने के लिए लॉग इन कीजिए www.dainikbhaskar.com
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